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पीयू के नाम एक और रिकॉर्ड, पीजी की 16 हजार डिग्रियां कीं ऑनलाइन
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया है। कुछ ही माह में पोस्ट ग्रेजुएट की 16 हजार डिग्रियों को ऑनलाइन कर दिया है। अब विद्यार्थी नेशनल एकेडमिक डिपोस्टरी से कोड लेकर अपनी डिग्रियां ले सकेंगे। यह डिग्रियां वर्ष 2016 से लेकर अब तक पास आउट विद्यार्थियों की हैं।
पीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. परविंदर सिंह ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि वर्ष 2016 से पास आउट हुए पीजी विद्यार्थी यह डिग्रियां ऑनलाइन ले सकते हैं। संबंधित एजेंसी को डिग्री का प्रोफार्मा दिया गया है, जो विद्यार्थियों को मिलेगी, उस पर कहीं भी सवाल नहीं उठाए जा सकेंगे। यदि कहीं नौकरी या एडमिशन के लिए विद्यार्थी वेरीफिकेशन करवाना चाहते हैं तो वह सीधे संबंधित संस्थान को कोड दें वह एक ही मिनट में वेरीफाई कर लेंगे। इससे समय की बचत होगी और काम भी आसानी से हो जाएगा। वर्ष 2016 से पूर्व में जिन विद्यार्थियों ने पीजी किया है उनकी डिग्रियां भी ऑनलाइन होंगी। उसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई हैं। इसी तरह अंडर ग्रेजुएट विद्यार्थियों की डिग्रियां ऑनलाइन की जाएंगी। इसके अलावा पीयू की स्थापना से लेकर अब तक जितने विद्यार्थी पढ़े हैं उनका पूरा रिकॉर्ड भी ऑनलाइन होगा, जिसको एक कोड के जरिये चेक किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों, शिक्षकों को सूचना देने के लिए 40 लाख मैसेज शैक्षिक सत्र में किए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रोल नंबर, परीक्षा की डेटशीट, रिजल्ट, डिग्री आदि की सूचनाएं विद्यार्थियों को मैसेज से दी जा रही है। साथ ही शिक्षकों को जहां परीक्षा ड्यूटी में लगाया जाता है तो उन्हें भी मैसेज किए जा रहे हैं।
परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में अब नहीं लगती भीड़
परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में एक दशक पहले परीक्षा संबंधित समस्याओं को लेकर विद्यार्थियों की लाइन लगती थी, लेकिन अब साल में बमुश्किल ऑनलाइन 20 से 25 शिकायतें ही मिलती हैं। वह भी 24 घंटे में निस्तारित की जा रही हैं। पीयू का यह विभाग हर कार्य को ऑनलाइन करने में जुटा हुआ है। अधिकांश कार्यों में सफलता पा ली गई है। 196 कॉलेजों के शिक्षक व विद्यार्थियों की समस्याएं ऑनलाइन हल की जा रही हैं। डीएमसी इश्यू को एक सप्ताह में शॉर्टआउट किया जा रहा है। प्रो. परविंदर सिंह ने बताया कि प्रोविजनल डिग्रियों की समस्या निस्तारण में अधिकतम दो दिन में निपटाया जा रहा है। हर कार्य को पूरा करने के लिए जो समय निर्धारित किया गया है वह उसी समय में निस्तारित की जा रही हैं।
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रिजल्ट में भी बनाया रिकॉर्ड
पीयू ने पहली बार पिछले साल से रिजल्ट समय से पहले जारी कर रिकॉर्ड बनाया था। उसी तरह मई में हुए एग्जाम के परिणाम परीक्षा नियंत्रक कार्यालय की ओर से आठ दिन में मुहैया करा दिए गए। बाकी रिजल्ट भी इसी माह में आ जाएंगे।
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पीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. परविंदर सिंह ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि वर्ष 2016 से पास आउट हुए पीजी विद्यार्थी यह डिग्रियां ऑनलाइन ले सकते हैं। संबंधित एजेंसी को डिग्री का प्रोफार्मा दिया गया है, जो विद्यार्थियों को मिलेगी, उस पर कहीं भी सवाल नहीं उठाए जा सकेंगे। यदि कहीं नौकरी या एडमिशन के लिए विद्यार्थी वेरीफिकेशन करवाना चाहते हैं तो वह सीधे संबंधित संस्थान को कोड दें वह एक ही मिनट में वेरीफाई कर लेंगे। इससे समय की बचत होगी और काम भी आसानी से हो जाएगा। वर्ष 2016 से पूर्व में जिन विद्यार्थियों ने पीजी किया है उनकी डिग्रियां भी ऑनलाइन होंगी। उसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई हैं। इसी तरह अंडर ग्रेजुएट विद्यार्थियों की डिग्रियां ऑनलाइन की जाएंगी। इसके अलावा पीयू की स्थापना से लेकर अब तक जितने विद्यार्थी पढ़े हैं उनका पूरा रिकॉर्ड भी ऑनलाइन होगा, जिसको एक कोड के जरिये चेक किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों, शिक्षकों को सूचना देने के लिए 40 लाख मैसेज शैक्षिक सत्र में किए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रोल नंबर, परीक्षा की डेटशीट, रिजल्ट, डिग्री आदि की सूचनाएं विद्यार्थियों को मैसेज से दी जा रही है। साथ ही शिक्षकों को जहां परीक्षा ड्यूटी में लगाया जाता है तो उन्हें भी मैसेज किए जा रहे हैं।
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परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में अब नहीं लगती भीड़
परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में एक दशक पहले परीक्षा संबंधित समस्याओं को लेकर विद्यार्थियों की लाइन लगती थी, लेकिन अब साल में बमुश्किल ऑनलाइन 20 से 25 शिकायतें ही मिलती हैं। वह भी 24 घंटे में निस्तारित की जा रही हैं। पीयू का यह विभाग हर कार्य को ऑनलाइन करने में जुटा हुआ है। अधिकांश कार्यों में सफलता पा ली गई है। 196 कॉलेजों के शिक्षक व विद्यार्थियों की समस्याएं ऑनलाइन हल की जा रही हैं। डीएमसी इश्यू को एक सप्ताह में शॉर्टआउट किया जा रहा है। प्रो. परविंदर सिंह ने बताया कि प्रोविजनल डिग्रियों की समस्या निस्तारण में अधिकतम दो दिन में निपटाया जा रहा है। हर कार्य को पूरा करने के लिए जो समय निर्धारित किया गया है वह उसी समय में निस्तारित की जा रही हैं।
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रिजल्ट में भी बनाया रिकॉर्ड
पीयू ने पहली बार पिछले साल से रिजल्ट समय से पहले जारी कर रिकॉर्ड बनाया था। उसी तरह मई में हुए एग्जाम के परिणाम परीक्षा नियंत्रक कार्यालय की ओर से आठ दिन में मुहैया करा दिए गए। बाकी रिजल्ट भी इसी माह में आ जाएंगे।