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Panchkula News: बिजली लाइसेंस के विरोध में एचईआरसी के बाहर गरजे कर्मचारी
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गुरुग्राम-नूंह में निजी कंपनी को लाइसेंस देने का विरोध, जनसुनवाई में दर्ज कराईं आपत्तियां
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) सेक्टर-4 के बाहर वीरवार को हरियाणा बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारी गुरुग्राम और नूंह जिलों में निजी कंपनी को पैरेलल वितरण लाइसेंस देने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने जनसुनवाई में भाग लेकर अपनी आपत्तियां भी दर्ज कराईं। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि प्रस्ताव वापस नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए रविंद्र घनगस, सुरेश राठी, यशपाल देशवाल और राजेंद्र राणा ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को पैरेलल वितरण लाइसेंस देना बिजली क्षेत्र के निजीकरण की दिशा में कदम है। उन्होंने कहा कि इसका असर उपभोक्ताओं, किसानों और कर्मचारियों पर पड़ सकता है।
इकबाल सिंह चंदाना और राजेश सिरोही ने आरोप लगाया कि निजी कंपनियां अधिक राजस्व वाले औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर ध्यान दे सकती हैं, जबकि घाटे वाले क्षेत्रों का भार सरकारी बिजली निगमों पर पड़ सकता है। उन्होंने एचईआरसी की विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और सभी हितधारकों को पक्ष रखने का अवसर देने की मांग की।
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सुरेंद्र यादव और सोनू नागर ने कहा कि पैरेलल लाइसेंस से सरकारी बिजली निगमों की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रस्ताव खारिज करने की मांग की। प्रदर्शन में रामपाल मलिक, मलकित सैनी, रमेश कुमार, राजीव चौहान, अमित भोंसले, नरेश, पूर्णमल, अनिल कुमार, राकेश कुमार और विकास वर्मा समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) सेक्टर-4 के बाहर वीरवार को हरियाणा बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारी गुरुग्राम और नूंह जिलों में निजी कंपनी को पैरेलल वितरण लाइसेंस देने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने जनसुनवाई में भाग लेकर अपनी आपत्तियां भी दर्ज कराईं। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि प्रस्ताव वापस नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए रविंद्र घनगस, सुरेश राठी, यशपाल देशवाल और राजेंद्र राणा ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को पैरेलल वितरण लाइसेंस देना बिजली क्षेत्र के निजीकरण की दिशा में कदम है। उन्होंने कहा कि इसका असर उपभोक्ताओं, किसानों और कर्मचारियों पर पड़ सकता है।
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इकबाल सिंह चंदाना और राजेश सिरोही ने आरोप लगाया कि निजी कंपनियां अधिक राजस्व वाले औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर ध्यान दे सकती हैं, जबकि घाटे वाले क्षेत्रों का भार सरकारी बिजली निगमों पर पड़ सकता है। उन्होंने एचईआरसी की विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और सभी हितधारकों को पक्ष रखने का अवसर देने की मांग की।
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सुरेंद्र यादव और सोनू नागर ने कहा कि पैरेलल लाइसेंस से सरकारी बिजली निगमों की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रस्ताव खारिज करने की मांग की। प्रदर्शन में रामपाल मलिक, मलकित सैनी, रमेश कुमार, राजीव चौहान, अमित भोंसले, नरेश, पूर्णमल, अनिल कुमार, राकेश कुमार और विकास वर्मा समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।