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फिरौती के मामले में से बरी
Updated Tue, 28 Aug 2018 10:29 PM IST
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फिरौती मांगने के मामले में पूर्व अकाली चेयरमैन सहित 3 बरी
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। स्थानीय चीफ जूडिशियल मजिस्ट्रेट बरनाला गुरप्रताप सिंह ने पूर्व उप चेयरमैन ब्लाक समिति शैहणा डोगर सिंह सहित 3 आरोपियों को फिरौती मांगने के मामले में कोर्ट ने बरी कर दिया। बता दें कि यह मामला कुलवंत सिंह पीपीएस जेल सुपरिंटेंडेंट के बयान के आधार पर डोगर सिंह, जगसीर सिंह, विशेष कुमार, हरपाल सिंह के खिलाफ दफा 384, 385, 387, 506, 34 जाब्ता फौजदारी के अधीन थाना सिटी बरनाला में दर्ज हुआ था। आरोप था कि पूर्व अकाली डोगर सिंह चेयरमैन व उसके साथियों ने गुरप्रीत सिंह पुत्र मदन लाल वासी ममदोट जिला नाभा से डरा-धमकाकर 2 लाख 30 हजार रुपये बतौर फिरौती ली। अदालत में पक्ष साबित करने के लिए इस्तगासा पक्ष ने तत्कालीन जेल सुपरिंटेंडेंट कुलवंत सिंह, तत्कालीन सिटी प्रभारी इंस्पेक्टर दविंदर सिंह, तत्कालीन एसपीडी स्वर्ण सिंह खन्ना सहित कुल 9 गवाह अदालत में पेश किए। बचाव पक्ष के वकील जतिंदरपाल सिंह उगोके ने अपनी बहस दौरान कहा कि मौजूदा मुकद्दमा जेल अधिकारियों व पुलिस ने झूठा बनाया है क्योंकि पूर्व अकाली चेयरमैन डोगर सिंह जेल में बनने वाले खाने व रहन-सहन के घटिया इंतजाम पर आवाज उठाता रहता था। रंजिशन उस पर झूठा मामला दर्ज किया गया। इस तरह वकील की दलीलों से सहमति होते हुए अदालत ने पूर्व अकाली चेयरमैन डोगर सिंह, जगसीर सिंह, विशेष कुमार व हरपाल सिंह को बरी कर दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। स्थानीय चीफ जूडिशियल मजिस्ट्रेट बरनाला गुरप्रताप सिंह ने पूर्व उप चेयरमैन ब्लाक समिति शैहणा डोगर सिंह सहित 3 आरोपियों को फिरौती मांगने के मामले में कोर्ट ने बरी कर दिया। बता दें कि यह मामला कुलवंत सिंह पीपीएस जेल सुपरिंटेंडेंट के बयान के आधार पर डोगर सिंह, जगसीर सिंह, विशेष कुमार, हरपाल सिंह के खिलाफ दफा 384, 385, 387, 506, 34 जाब्ता फौजदारी के अधीन थाना सिटी बरनाला में दर्ज हुआ था। आरोप था कि पूर्व अकाली डोगर सिंह चेयरमैन व उसके साथियों ने गुरप्रीत सिंह पुत्र मदन लाल वासी ममदोट जिला नाभा से डरा-धमकाकर 2 लाख 30 हजार रुपये बतौर फिरौती ली। अदालत में पक्ष साबित करने के लिए इस्तगासा पक्ष ने तत्कालीन जेल सुपरिंटेंडेंट कुलवंत सिंह, तत्कालीन सिटी प्रभारी इंस्पेक्टर दविंदर सिंह, तत्कालीन एसपीडी स्वर्ण सिंह खन्ना सहित कुल 9 गवाह अदालत में पेश किए। बचाव पक्ष के वकील जतिंदरपाल सिंह उगोके ने अपनी बहस दौरान कहा कि मौजूदा मुकद्दमा जेल अधिकारियों व पुलिस ने झूठा बनाया है क्योंकि पूर्व अकाली चेयरमैन डोगर सिंह जेल में बनने वाले खाने व रहन-सहन के घटिया इंतजाम पर आवाज उठाता रहता था। रंजिशन उस पर झूठा मामला दर्ज किया गया। इस तरह वकील की दलीलों से सहमति होते हुए अदालत ने पूर्व अकाली चेयरमैन डोगर सिंह, जगसीर सिंह, विशेष कुमार व हरपाल सिंह को बरी कर दिया।