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राजकीय सम्मान के साथ हुआ शहीद का अंतिम संस्कार
Updated Fri, 10 Aug 2018 10:04 PM IST
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राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार
अरुणाचल प्रदेश में शहीद हो गए थे गांव सजराना के लेखराज
अमर उजाला ब्यूरो
फाजिल्का। अरुणाचल प्रदेश में तैनात फाजिल्का के गांव सजराना के शहीद हुए जवान लेखराज का शुक्रवार को सरकारी सम्मान के साथ गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान कई प्रशासनिक और फौज के अधिकारी मौजूद थे।
शहीद डीएमटी लेखराज (27) पुत्र ओम प्रकाश कुछ साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुआ था और उनकी ड्यूटी चीन के बार्डर पर अरुणाचल प्रदेश की पहाड़ियों पर थी। अधिकारियों ने बताया कि गश्त के दौरान पहाड़ी गिर गई, जिस कारण लेखराज और उनके दो अन्य साथी पहाड़ी के नीचे दब गए। इस हादसे में जवान लेखराज शहीद हो गया। शहीद की पार्थिव देह जैसे ही घर पहुंची, उनके पिता ओम प्रकाश, मां और भाई के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ शहीद लेखराज का अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर फाजिल्का के एसडीएम सुभाष खटक, डीएसपी वैभव सहगल ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में वह परिवार के साथ हैं। शहीद के पिता ओम प्रकाश ने मांग की कि उसके छोटे बेटे को सरकारी नौकरी दी जाए। वहीं दूसरी ओर कोई भी राजनीतिक नेता शहीद परिवार के साथ दुख प्रकट करने के लिए भी नहीं पहुंचा।
इस समाचार की फोटो एबीआर 6 भेजी जा रही है।
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अरुणाचल प्रदेश में शहीद हो गए थे गांव सजराना के लेखराज
अमर उजाला ब्यूरो
फाजिल्का। अरुणाचल प्रदेश में तैनात फाजिल्का के गांव सजराना के शहीद हुए जवान लेखराज का शुक्रवार को सरकारी सम्मान के साथ गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान कई प्रशासनिक और फौज के अधिकारी मौजूद थे।
शहीद डीएमटी लेखराज (27) पुत्र ओम प्रकाश कुछ साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुआ था और उनकी ड्यूटी चीन के बार्डर पर अरुणाचल प्रदेश की पहाड़ियों पर थी। अधिकारियों ने बताया कि गश्त के दौरान पहाड़ी गिर गई, जिस कारण लेखराज और उनके दो अन्य साथी पहाड़ी के नीचे दब गए। इस हादसे में जवान लेखराज शहीद हो गया। शहीद की पार्थिव देह जैसे ही घर पहुंची, उनके पिता ओम प्रकाश, मां और भाई के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ शहीद लेखराज का अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर फाजिल्का के एसडीएम सुभाष खटक, डीएसपी वैभव सहगल ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में वह परिवार के साथ हैं। शहीद के पिता ओम प्रकाश ने मांग की कि उसके छोटे बेटे को सरकारी नौकरी दी जाए। वहीं दूसरी ओर कोई भी राजनीतिक नेता शहीद परिवार के साथ दुख प्रकट करने के लिए भी नहीं पहुंचा।
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