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महिलाओं के लिए जमीन खरीद स्टांप ड्यूटी छूट में सरकार की सख्ती

Sun, 17 Jun 2018 10:08 PM IST
Updated Sun, 17 Jun 2018 10:08 PM IST
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महिलाओं के लिए जमीन खरीद स्टांप ड्यूटी छूट में सरकार की सख्ती
महिलाओं के लिए जमीन खरीद स्टांप ड्यूटी छूट में सरकार की सख्ती
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अब एक साल से पहले ब्लड रिलेशन में जमीन ट्रांसफर करने पर देनी होगी स्टांप फीस
एक साल के बाद ट्रांसफर पर जारी रहेगी छूट
दविंदर पाल सिंह
मोगा। महिलाओं को जमीन खरीद में मिल रही 2 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी छूट का दुरुपयोग होने पर सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। नए प्रावधान के तहत अगर अब महिलाएं एक साल से पहले छूट के तहत खरीदी जमीन अपने ब्लड रिलेशन में किसी को ट्रांसफर करती हैं तो उन्हें पूरी स्टांप ड्यूटी अदा करनी होगी। या यूं कहें कि उन्हें यह सुविधा नहीं मिलेगी। लेकिन अगर एक साल बाद वह यही जमीन किसी को ब्लड रिलेशन में ट्रांसफर करती हैं तो यह छूट जारी रहेगी।
पंजाब सरकार राजस्व पुनर्वास और डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग (स्टांप और रजिस्टरी शाखा) की तरफ से राज्य के समूह डिप्टी कमिश्नरों को जारी पत्र में कहा गया है कि सरकार ने 11 फरवरी 2010 को महिलाओं को जमीन खरीद पर स्टांप फीस में दो प्रतिशत छूट दी थी। अब सरकार के ध्यान में आया है कि महिलाओं को दी गई स्टांप ड्यूटी में छूट का दुरुपयोग हो रहा है। इसलिए सरकार ने फैसला लिया है कि महिलाओं को दी जा रही स्टांप फीस छूट से खरीदी जमीन एक साल से पहले ब्लड रिलेशन में ट्रांसफर करने पर स्टांप फीस छूट नहीं मिलेगी और इस दौरान उन्हें पूरी फीस अदा करनी पड़ेगी।
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इस तरह हो रहा था दुरुपयोग
स्टांप फीस छूट हासिल करने के लिए पहले जमीन की रजिस्टरी परिवार में ही किसी महिला के नाम करा ली जाती है। इस तरह उन्हें कुल प्रापर्टी की कीमत की दो फीसदी स्टांप ड्यूटी बच जाती है। अब रजिस्टरी होने के कुछ ही दिनों बाद ब्लड रिलेशन में जमीन ट्रांसफर करवा ली जाती है। बता दें कि ब्लड रिलेशन में नाम मात्र की ही फीस लगती है। इस तरह लोग महिलाओं को दी जा रही स्टांप ड्यूटी में छूट का फायदा उठा रहे थे।
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अमल शुरू कर दिया गया
राजस्व अधिकारी लखविंदर सिंह ने इस मामले की पुष्टि करते कहा है कि इस पत्र पर अमल शुरू कर दिया गया है। इस बारे में अकाली नेता पूर्व कृषि मंत्री जत्थेदार तोता सिंह ने कहा कि अकाली सरकार की ओर से लोक हित के लिए यह अहम फैसले परिवारों में संपत्ति विवाद खत्म कराने के मकसद से किए गए थे। उन्होंने कहा कि अकाली सरकार ने लोक हित के लिए परिवारों में पति-पत्नी और खून के रिश्ते जैसे कि बेटा -बेटी, पिता -माता, बहन -भाई ओर पोती -पोता, दोहता -दोहती के बीच संपत्ति के कानून तबादला और रजिस्टरी के लिए स्टांप फीस के अलावा रजिस्ट्रेशन फीस, सामाजिक सुरक्षा फंड, सामाजिक बुनियादी ढांचा फंड भी खत्म कर दिया गया था।
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