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जीआरएयू री-टोटलिंग घोटाले में क्लर्क को दो साल कैद
Updated Thu, 17 Aug 2017 10:36 PM IST
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जीआरएयू री-टोटलिंग घोटाले में क्लर्क को दो साल कैद
छह साल पुराने मामले में सुनाई गई सजा, 15 हजार का जुर्माना भी
अमर उजाला ब्यूरो
होशियारपुर।
गुरु रविदास आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी (जीआरएयू) की उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ और री-टोटलिंग के जरिए हेराफेरी करने के छह साल पुराने मामले में क्लर्क को दोषी करार दिया गया है। एडिशनल डिस्ट्रिक और सेशन जज प्रिया सूद की कोर्ट ने दोषी को दो साल की कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
उल्लेखनीय है कि इस संबंध में पंजाब होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका पर अदालती आदेशों के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने जांच की थी। जांच के बाद गुरु रविदास आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी की तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक लवलीन कौर और यूनिवर्सिटी में इस संबंधी ड्यूटी पर अस्थायी तौर पर तैनात रहे जीआरएयू से संबंधित उर्मिला देवी कॉलेज के क्लर्क दीपक खन्ना पर मामला दर्ज किया गया था। इससे पहले बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट के पूर्व उप-कुलपति एसएस गिल ने मामले की जांच के बाद इस मामले में पेपरों से छेड़छाड़ का मामले दर्ज करने और आगे की जांच के लिए पुलिस को मामला सौंपने की सिफारिश की थी। इसके अलावा विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की तीन सदस्यीय समिति ने भी जांच के बाद कहा था कि उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ की गई थी। इसके बाद इसी दिशा में की गई जांच में विजिलेंस ने पाया कि गुरु रविदास यूनिवर्सिटी के पेपरों में गड़बड़ी और छेड़छाड़ हुई थी। री-टोटलिंग के नाम पर रिजल्ट में बड़े हेरफेर हुए थे। इसी आधार पर विजिलेंस विभाग ने उर्मिला देवी कॉलेज के क्लर्क दीपक खन्ना निवासी रक्कड़ देहरा हिमाचल प्रदेश और तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक लवलीन कौर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एडिशनल जिला अटार्नी अमरजीत सिंह धामी ने बताया कि विजिलेंस की ओर से दर्ज किए गए इस मामले की एक आरोपी लवलीन कौर की कुछ समय पहले मौैत हो गई थी। वीरवार को अदालत ने उर्मिला देवी कॉलेज के क्लर्क दीपक खन्ना को दो साल कैद की सजा सुना दी।
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छह साल पुराने मामले में सुनाई गई सजा, 15 हजार का जुर्माना भी
अमर उजाला ब्यूरो
होशियारपुर।
गुरु रविदास आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी (जीआरएयू) की उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ और री-टोटलिंग के जरिए हेराफेरी करने के छह साल पुराने मामले में क्लर्क को दोषी करार दिया गया है। एडिशनल डिस्ट्रिक और सेशन जज प्रिया सूद की कोर्ट ने दोषी को दो साल की कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
उल्लेखनीय है कि इस संबंध में पंजाब होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका पर अदालती आदेशों के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने जांच की थी। जांच के बाद गुरु रविदास आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी की तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक लवलीन कौर और यूनिवर्सिटी में इस संबंधी ड्यूटी पर अस्थायी तौर पर तैनात रहे जीआरएयू से संबंधित उर्मिला देवी कॉलेज के क्लर्क दीपक खन्ना पर मामला दर्ज किया गया था। इससे पहले बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट के पूर्व उप-कुलपति एसएस गिल ने मामले की जांच के बाद इस मामले में पेपरों से छेड़छाड़ का मामले दर्ज करने और आगे की जांच के लिए पुलिस को मामला सौंपने की सिफारिश की थी। इसके अलावा विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की तीन सदस्यीय समिति ने भी जांच के बाद कहा था कि उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ की गई थी। इसके बाद इसी दिशा में की गई जांच में विजिलेंस ने पाया कि गुरु रविदास यूनिवर्सिटी के पेपरों में गड़बड़ी और छेड़छाड़ हुई थी। री-टोटलिंग के नाम पर रिजल्ट में बड़े हेरफेर हुए थे। इसी आधार पर विजिलेंस विभाग ने उर्मिला देवी कॉलेज के क्लर्क दीपक खन्ना निवासी रक्कड़ देहरा हिमाचल प्रदेश और तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक लवलीन कौर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एडिशनल जिला अटार्नी अमरजीत सिंह धामी ने बताया कि विजिलेंस की ओर से दर्ज किए गए इस मामले की एक आरोपी लवलीन कौर की कुछ समय पहले मौैत हो गई थी। वीरवार को अदालत ने उर्मिला देवी कॉलेज के क्लर्क दीपक खन्ना को दो साल कैद की सजा सुना दी।
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