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लेबर कालोनी के मकान गिराने पर क्यों न लगा दें रोक
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कालका के गांव रामपुर सियूरी में सैकड़ों मकान गिराने पर क्यों न लगा दें रोक: हाईकोर्ट
-वर्षों से लीज पर रह रहे लोगों के मकानों को गिराने का सरकार ने लिया था निर्णय
-स्थानीय निवासियों ने निर्माण गिराने पर रोक को लेकर दाखिल की थी याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
दशकों से कालका के गांव रामपुर सियूरी में लीज पर रह रहे लोगाें के मकानों को गिराने के हरियाणा सरकार के निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि क्यों न निर्माण गिराने पर रोक लगा दी जाए।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सैकड़ों लोगों ने याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट अमित झांजी के माध्यम से निर्माण बचाने के लिए गुहार लगाई है। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट को बताया कि दशकों पहले पंचायत ने झुग्गी वालों को रहने के लिए और पक्के मकान बनाने के लिए लीज पर जमीन दी थी। इसके बाद उन्हें बिजली के कनेक्शन व अन्य सुविधाएं भी मिलीं। याचिकाकर्ता वहां आराम से रह रहे थे कि एक दिन अचानक सूरजपुर सुखोमाजरी बाईपास को बनाने के लिए उनके निर्माणों को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस दौरान कई मकान गिरा भी दिए गए और कई को गिराने की तैयारी है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि किसी भी निर्माण को गिराने के लिए तय प्रक्रिया होती है जिसके तहत नोटिस देना अनिवार्य होता है। यह कार्रवाई करते हुए कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही याचिकाकर्ताओं को हटाने से पहले उनके पुनर्वास की कोई व्यवस्था की गई है। हाईकोर्ट ने याची का पक्ष सुनने के बाद हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर 5 मार्च तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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