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हरमोहन धवन ने उड़ाई भाजपा कांग्रेस की नींद
Updated Mon, 19 Nov 2018 01:43 AM IST
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भाजपा और कांग्रेस नेताओं की चिंता बढ़ी
यह आठवां मौका था, जब धवन ने कोई राजनीतिक पार्टी बदली
नीरज कुमार
चंडीगढ़। पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन के आप में जाने से कांग्रेस और भाजपा नेताओं में खलबली मच गई है। रविवार को हरमोहन धवन के घर पर समर्थकों की भारी भीड़ और आप वालंटियरों की उपस्थिति ने भविष्य की नींव रख दी है। 27 साल से जीत की तलाश में हरमोहन धवन कई पार्टियों में शामिल हुए। बसपा ने टिकट देकर अपना उम्मीदवार भी बनाया, लेकिन जीत नसीब नहीं हो सकी। हालांकि, उस समय बसपा की वोट नाममात्र ही थी, लेकिन हरमोहन धवन को करीब 65 हजार वोट मिले थे। भाजपा और कांग्रेस में घबराहट के कई कारण हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को एक लाख आठ हजार वोट मिले थे, जब हरमोहन धवन भाजपा में थे। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार किरण खेर के पक्ष में प्रचार भी किया था, जिस समय किरण खेर को एक लाख 91 हजार मत मिले थे और वह लोकसभा चुनाव जीतने में कामयाब रही थीं।
धवन का हौसला बुलंद है कि आम आदमी पार्टी से उनकी टिकट की औपचारिक घोषणा जल्द हो सकती है। धवन के समर्थक भी जोश में हैं। संगरूर से आप के सांसद भगवंत मान और आप के राष्ट्रीय सचिव दुर्गेश पाठक ने हरमोहन धवन को टिकट देने के संकेत दे दिए हैं।
भाजपा और कांग्रेस की चिंता इस बात की है कि पिछले लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को एक लाख वोट मिले थे। अब धवन आम आदमी पार्टी में शामिल हो चुके हैं। आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि मोदी की लहर अब नहीं रही। मोदी ने जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हुए। सांसद ने जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हुए। नगर निगम ने कई टैक्स बढ़ा दिए हैं। पार्किंग फीस की बढ़ोतरी का मुद्दा भी है। हरमोहन धवन शहर के एक कद्दावर नेता हैं। वे कई पार्टियों में अहम पदों पर रह चुके हैं। यह आठवां मौका था, जब धवन ने कोई राजनीतिक पार्टी बदली है। इससे पहले बीजेपी में वह आठ वर्षों तक बने रहे, लेकिन वहां उनकी स्थिति अज्ञातवास जैसी थी। आप के मंच से धवन ने कहा कि बीजेपी, कांग्रेस को आपने भी देखा हमने भी देखा। हम तो आजमा कर देख भी चुके हैं। अब हमारे पास विकल्प है, उम्मीद है हमें जीत मिलेगी।
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यह आठवां मौका था, जब धवन ने कोई राजनीतिक पार्टी बदली
नीरज कुमार
चंडीगढ़। पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन के आप में जाने से कांग्रेस और भाजपा नेताओं में खलबली मच गई है। रविवार को हरमोहन धवन के घर पर समर्थकों की भारी भीड़ और आप वालंटियरों की उपस्थिति ने भविष्य की नींव रख दी है। 27 साल से जीत की तलाश में हरमोहन धवन कई पार्टियों में शामिल हुए। बसपा ने टिकट देकर अपना उम्मीदवार भी बनाया, लेकिन जीत नसीब नहीं हो सकी। हालांकि, उस समय बसपा की वोट नाममात्र ही थी, लेकिन हरमोहन धवन को करीब 65 हजार वोट मिले थे। भाजपा और कांग्रेस में घबराहट के कई कारण हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को एक लाख आठ हजार वोट मिले थे, जब हरमोहन धवन भाजपा में थे। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार किरण खेर के पक्ष में प्रचार भी किया था, जिस समय किरण खेर को एक लाख 91 हजार मत मिले थे और वह लोकसभा चुनाव जीतने में कामयाब रही थीं।
धवन का हौसला बुलंद है कि आम आदमी पार्टी से उनकी टिकट की औपचारिक घोषणा जल्द हो सकती है। धवन के समर्थक भी जोश में हैं। संगरूर से आप के सांसद भगवंत मान और आप के राष्ट्रीय सचिव दुर्गेश पाठक ने हरमोहन धवन को टिकट देने के संकेत दे दिए हैं।
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भाजपा और कांग्रेस की चिंता इस बात की है कि पिछले लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को एक लाख वोट मिले थे। अब धवन आम आदमी पार्टी में शामिल हो चुके हैं। आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि मोदी की लहर अब नहीं रही। मोदी ने जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हुए। सांसद ने जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हुए। नगर निगम ने कई टैक्स बढ़ा दिए हैं। पार्किंग फीस की बढ़ोतरी का मुद्दा भी है। हरमोहन धवन शहर के एक कद्दावर नेता हैं। वे कई पार्टियों में अहम पदों पर रह चुके हैं। यह आठवां मौका था, जब धवन ने कोई राजनीतिक पार्टी बदली है। इससे पहले बीजेपी में वह आठ वर्षों तक बने रहे, लेकिन वहां उनकी स्थिति अज्ञातवास जैसी थी। आप के मंच से धवन ने कहा कि बीजेपी, कांग्रेस को आपने भी देखा हमने भी देखा। हम तो आजमा कर देख भी चुके हैं। अब हमारे पास विकल्प है, उम्मीद है हमें जीत मिलेगी।
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