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आशना
Updated Thu, 15 Nov 2018 01:53 AM IST
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आशना ने जीती एशिया पैसिफिक इंटरनेशनल डांस चैंपियनशिप
बैंकाक में 10 देशों के प्रतिभागियों को हरा कर सोलो ओपन-एमेच्योर श्रेणी में हासिल किया पहला स्थान
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। ट्राइसिटी की 15 वर्षीय साल्सा एक्सपर्ट आशना बागरी ने हाल ही में बैंकाक (थाईलैंड) में आयोजित एशिया प्रशांत अंतरराष्ट्रीय नृत्य चैंपियनशिप (एपीडीसी) 2018 जीत ली है। प्रतियोगिता में सोलो ओपन-एमेच्योर श्रेणी में चैंपियन के रूप में आशा ने पहला स्थान हासिल किया। पंचकूला की रहने वाली आशना ने विदेशी जमीन पर जाकर 10 देशों के प्रतिभागियों से प्रतिस्पर्धा करते हुए यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया है। एपीडीसी में भाग लेने और प्रतियोगिता जीतने वाली वे सबसे छोटी प्रतियोगी थीं। इस जीत के बाद अब वे मियामी (यूएसए) में जनवरी, 2019 में होने वाले विश्व साल्सा शिखर सम्मेलन के लिए अर्हता प्राप्त करने वाली सबसे युवा भारतीय भी हो गई हैं। बैंकाक में विजय के साथ इस साल सोलो कैटेगरी में आशना ने अपना दूसरा एशियाई खिताब अर्जित किया है और वह अब सभी विश्वस्तरीय खिताबों के लिए प्रतिस्पर्धा करने को तैयार हैं। इसके लिए उनकी तैयारी भारतीय डांस स्पोर्ट साल्सा कोच वरुण डीएस राणा के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन में हो रही है, जो ऑल इंडिया डांस स्पोर्ट एसोसिएशन (एआईडीएसएफ) के संयुक्त सचिव भी हैं। आशना बागरी को वरुण डीएस राणा ने बड़े स्तर पर प्रशिक्षित किया है, जिन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-32 में फिट डांस स्टूडियो की स्थापना की है। पिछले साल आशना आधिकारिक भारतीय कलर पहनने वाली सबसे यंग भारतीय भी रहीं, जो तुर्कमेनिस्तान में आयोजित एशियाई इनडोर खेलों में शामिल हुईं। वे इस वर्ष भी अपनी सफलता की कहानी जारी रखे हुए हैं। उन्होंने 2018 में तीन खिताब जीते हैं। उन्होंने भारत इंटरनेशनल डांस स्पोर्ट चैंपियनशिप (आईआईडीसी) में बंगलूरू में एशियाई ओपन सोलो खिताब जीता था। एफ्रो लैटिन डांस कप, चंडीगढ़ में वे फर्स्ट रनर-अप रहीं। बैंकाक में एशिया पैसिफिक डांस चैंपियनशिप जीत कर उन्होंने अपनी कामयाबी में एक और सितारा जोड़ लिया है।
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बैंकाक में 10 देशों के प्रतिभागियों को हरा कर सोलो ओपन-एमेच्योर श्रेणी में हासिल किया पहला स्थान
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। ट्राइसिटी की 15 वर्षीय साल्सा एक्सपर्ट आशना बागरी ने हाल ही में बैंकाक (थाईलैंड) में आयोजित एशिया प्रशांत अंतरराष्ट्रीय नृत्य चैंपियनशिप (एपीडीसी) 2018 जीत ली है। प्रतियोगिता में सोलो ओपन-एमेच्योर श्रेणी में चैंपियन के रूप में आशा ने पहला स्थान हासिल किया। पंचकूला की रहने वाली आशना ने विदेशी जमीन पर जाकर 10 देशों के प्रतिभागियों से प्रतिस्पर्धा करते हुए यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया है। एपीडीसी में भाग लेने और प्रतियोगिता जीतने वाली वे सबसे छोटी प्रतियोगी थीं। इस जीत के बाद अब वे मियामी (यूएसए) में जनवरी, 2019 में होने वाले विश्व साल्सा शिखर सम्मेलन के लिए अर्हता प्राप्त करने वाली सबसे युवा भारतीय भी हो गई हैं। बैंकाक में विजय के साथ इस साल सोलो कैटेगरी में आशना ने अपना दूसरा एशियाई खिताब अर्जित किया है और वह अब सभी विश्वस्तरीय खिताबों के लिए प्रतिस्पर्धा करने को तैयार हैं। इसके लिए उनकी तैयारी भारतीय डांस स्पोर्ट साल्सा कोच वरुण डीएस राणा के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन में हो रही है, जो ऑल इंडिया डांस स्पोर्ट एसोसिएशन (एआईडीएसएफ) के संयुक्त सचिव भी हैं। आशना बागरी को वरुण डीएस राणा ने बड़े स्तर पर प्रशिक्षित किया है, जिन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-32 में फिट डांस स्टूडियो की स्थापना की है। पिछले साल आशना आधिकारिक भारतीय कलर पहनने वाली सबसे यंग भारतीय भी रहीं, जो तुर्कमेनिस्तान में आयोजित एशियाई इनडोर खेलों में शामिल हुईं। वे इस वर्ष भी अपनी सफलता की कहानी जारी रखे हुए हैं। उन्होंने 2018 में तीन खिताब जीते हैं। उन्होंने भारत इंटरनेशनल डांस स्पोर्ट चैंपियनशिप (आईआईडीसी) में बंगलूरू में एशियाई ओपन सोलो खिताब जीता था। एफ्रो लैटिन डांस कप, चंडीगढ़ में वे फर्स्ट रनर-अप रहीं। बैंकाक में एशिया पैसिफिक डांस चैंपियनशिप जीत कर उन्होंने अपनी कामयाबी में एक और सितारा जोड़ लिया है।