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अवैध पार्किंग व रेहड़ी फड़ी वालों से पैदल यात्रियों का हक छिना
Updated Wed, 21 Nov 2018 01:43 AM IST
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अवैध पार्किंग और रेहड़ी-फड़ी से पैदल यात्रियों का अधिकार छिना
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद अमर उजाला ने कुछ इलाकों का किया रियलिटी चेक
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। फुटपाथ पर वाहनों की अवैध पार्किंग व रेहड़ी-फड़ी वालों ने पैदल यात्रियों का अधिकार छीन लिया है। हर फुटपाथ पर इनका कब्जा है। पैदल यात्री सड़क पर चलने को मजबूर हैं। सड़क पर चलते वक्त एक्सीडेंट का खतरा रहता है। सोमवार को इस मुद्दे पर हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लेकर चंडीगढ़ पुलिस को सख्त कार्रवाई करने को कहा है। यह बात तो तय है कि चंडीगढ़ के अधिकतर फुटपाथों पर किसी न किसी का कब्जा है। इन कब्जों के लिए नगर निगम और चंडीगढ़ पुलिस जिम्मेदार है। सख्ती नहीं होने से लोग कब्जा करके बैठे हैं। पिछले हफ्ते एक याचिका की सुनवाई पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट नेे यहां तक कह दिया था कि कुछ अफसरों का हफ्ता बंधा है। उनकी वजह से रेहड़ी-फड़ी वालों का फुटपाथ पर कब्जा है।
इन जगहों पर हालात सबसे ज्यादा खराब
सेक्टर 19, 22, सेक्टर 43, इंडस्ट्रियल एरिया सहित अन्य जगहों पर फुटपाथ को पार्किंग बना दिया है। एक इंच तक जगह नहीं छोड़ी गई है। आखिर पैदल यात्री कहां चलें। सेक्टर 9 और 8 की डिवाइडिंग पर तो फुटपाथ बने ही नहीं है। ऐसा ही हाल सेक्टर के अंदर बनी सड़कें वी-फाइव का भी है। हर कोई आता है और वाहन फुटपाथ पर खड़ा करके चला जाता। हालांकि, ट्रैफिक पुलिस समय-समय चालान करती है, लेकिन हाईकोर्ट ने साफ कहा कि उन्हें चालान से मतलब नहीं बल्कि उन्हें समस्या के समाधान से वास्ता है।
भारत में हर रोज 56 पैदल यात्रियों की मौत
भारत सरकार की ओर से जारी एक आंकड़ों के मुताबिक साल 2014 में हुए सड़क हादसों के दौरान 12,330 पैदल यात्री मारे गए थे। साल 2017 में यह संख्या बढ़कर 20,457 यात्रियों पर पहुंच गई। औसतन देश में सड़कों पर होने वाले हादसों में बीते साल हर रोज 56 पैदल यात्रियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इसमें यह भी बताया गया कि बचाव उपायों के अभाव में पैदल यात्री सड़कों पर सबसे ज्यादा असुरक्षित होते हैं। साल 2017 के सड़क हादसों में हर दिन 10 साइकिल सवारों को अपनी जान गंवानी पड़ी। भारत में मोटर गाड़ियों से चलने वाले यात्री पैदल चलने वालों के अलावा साइकिल व दोपहिया की सवारी करने वाले यात्रियों के अधिकारों का सम्मान नहीं करते और अक्सर गलत जगह गाड़ियां खड़ी कर देने से पैदल यात्रियों को सड़कों पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं।
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क्या कहना है लोगों का
फुटपाथ पर गाड़ी खड़ी करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। तब जाकर पैदल यात्रियों का हक मिल सकेगा। पैदल यात्रियों के बारे में कोई नहीं सोचता। पुलिस, प्रशासन और नगर निगम को इसमें सख्त कार्रवाई करनी होगी, तभी कुछ होगा।
-नरेंद्र कुमार, निवासी सेक्टर-44
शहर में बढ़ रही गाड़ियों के दबाव के कारण पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए। महंगी पार्किंग के कारण भी लोग अपना पैसे बचाने और पािर्कंग फुल होने के कारण फुटपाथ पर गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। इस पर कड़ाई से काम होना चाहिए। फॉसवेक नगर निगम और प्रशासन के साथ सहयोग के लिए तैयार है।
-बलजिंदर सिंह बिटटू, चेयरमैन फॉसवेक
गाड़ियां बहुत बढ़ गई हैं। सड़कों पर जबरदस्त दबाव है। पैदल चलने वालों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। प्रशासन को चाहिए कि हर सेक्टरों में मार्केट के अलावा सेक्टर के लोगों के लिए पार्किंग की व्यवस्था करे। इससे लोगों को राहत मिलेगी। साथ गाड़ियों को निकालने में भी सहूलियतें होंगी।
-वीएन शर्मा, अध्यक्ष फोसवा
सेक्टरों के मार्केट में जाने पर गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं बचती है। इसके कारण भी लोग फुटपाथ पर गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। इससे पदैल चलना मुश्किल हो जाता है। प्रशासन, नगर निगम, पुलिस और सिविल सोसाइटी सभी मिलकर इसका हल ढूंढें।
-अजीत सिंह, बिजनेसमैन सेक्टर-40
हर बात पर हाईकोर्ट के दखल से पता चलता है कि नगर निगम और प्रशासन काम पर ध्यान नहीं दे रहा है। चंडीगढ़ प्लांड सिटी है। यहां तो जिसके लिए जो चीज बनी है, उसका उसी तरह से उपयोग होना है। ऐसा लग रहा है कि नगर निगम और प्रशासन को लकवा मार गया है।
-सुभाष चावला, पूर्व मेयर
जिला अदालत के पीछे साइकिल ट्रैक पर वाहन खड़े रहते हैं। कई बार तो लोग सड़क खाली होने के बावजूद भी साइकिल ट्रैक पर ही वाहन चलाते हैं। यह तो गलत है, क्योंकि इससे साइकिल चलाने वालों को दिक्कते आती हैं। जिला अदालत में पार्किंग के लिए कम जगह होने की वजह से मजबूरन लोगों और वकीलों को ट्रैक पर अपने वाहन खड़े करने पड़ते है।
-दीक्षित अरोडा़, एडवोकेट
अदालत के पीछे साइकिल ट्रैक पर वाहन खड़े रहते हैं। ट्रैफिक पुलिस वाले भी कभी पहले यहां चालान करते हुए दिखाई नहीं दिए। यदि समय समय पर ट्रैफिक पुलिस साइकिल ट्रैक पर खडे़ वाहनों का चालान काटे और एक मुहिम के तहत यह काम करे तो हो सकता है कि तब साइकिल ट्रैक पर वाहन खडे़ न हों।
-राम भटिया, एडवोकेट
ट्रैक पर वाहन खड़े करने वाले ऐसे लोगाें के खिलाफ आईपीसी की धारा- 336 के तहत केस दर्ज करने की बात हाईकोर्ट ने बिल्कुल सही कही है। फुटपाथ पर गाड़ी खड़ी करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। चंडीगढ़ प्रशासन को इस बारे में जागरूकता अभियान भी चलाना चाहिए, ताकि लोगों को पैदल यात्रियों के अधिकारों का पता चल सके।
-गगन अग्रवाल, एडवोकेट
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद अमर उजाला ने कुछ इलाकों का किया रियलिटी चेक
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। फुटपाथ पर वाहनों की अवैध पार्किंग व रेहड़ी-फड़ी वालों ने पैदल यात्रियों का अधिकार छीन लिया है। हर फुटपाथ पर इनका कब्जा है। पैदल यात्री सड़क पर चलने को मजबूर हैं। सड़क पर चलते वक्त एक्सीडेंट का खतरा रहता है। सोमवार को इस मुद्दे पर हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लेकर चंडीगढ़ पुलिस को सख्त कार्रवाई करने को कहा है। यह बात तो तय है कि चंडीगढ़ के अधिकतर फुटपाथों पर किसी न किसी का कब्जा है। इन कब्जों के लिए नगर निगम और चंडीगढ़ पुलिस जिम्मेदार है। सख्ती नहीं होने से लोग कब्जा करके बैठे हैं। पिछले हफ्ते एक याचिका की सुनवाई पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट नेे यहां तक कह दिया था कि कुछ अफसरों का हफ्ता बंधा है। उनकी वजह से रेहड़ी-फड़ी वालों का फुटपाथ पर कब्जा है।
इन जगहों पर हालात सबसे ज्यादा खराब
सेक्टर 19, 22, सेक्टर 43, इंडस्ट्रियल एरिया सहित अन्य जगहों पर फुटपाथ को पार्किंग बना दिया है। एक इंच तक जगह नहीं छोड़ी गई है। आखिर पैदल यात्री कहां चलें। सेक्टर 9 और 8 की डिवाइडिंग पर तो फुटपाथ बने ही नहीं है। ऐसा ही हाल सेक्टर के अंदर बनी सड़कें वी-फाइव का भी है। हर कोई आता है और वाहन फुटपाथ पर खड़ा करके चला जाता। हालांकि, ट्रैफिक पुलिस समय-समय चालान करती है, लेकिन हाईकोर्ट ने साफ कहा कि उन्हें चालान से मतलब नहीं बल्कि उन्हें समस्या के समाधान से वास्ता है।
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भारत में हर रोज 56 पैदल यात्रियों की मौत
भारत सरकार की ओर से जारी एक आंकड़ों के मुताबिक साल 2014 में हुए सड़क हादसों के दौरान 12,330 पैदल यात्री मारे गए थे। साल 2017 में यह संख्या बढ़कर 20,457 यात्रियों पर पहुंच गई। औसतन देश में सड़कों पर होने वाले हादसों में बीते साल हर रोज 56 पैदल यात्रियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इसमें यह भी बताया गया कि बचाव उपायों के अभाव में पैदल यात्री सड़कों पर सबसे ज्यादा असुरक्षित होते हैं। साल 2017 के सड़क हादसों में हर दिन 10 साइकिल सवारों को अपनी जान गंवानी पड़ी। भारत में मोटर गाड़ियों से चलने वाले यात्री पैदल चलने वालों के अलावा साइकिल व दोपहिया की सवारी करने वाले यात्रियों के अधिकारों का सम्मान नहीं करते और अक्सर गलत जगह गाड़ियां खड़ी कर देने से पैदल यात्रियों को सड़कों पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं।
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फुटपाथ पर गाड़ी खड़ी करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। तब जाकर पैदल यात्रियों का हक मिल सकेगा। पैदल यात्रियों के बारे में कोई नहीं सोचता। पुलिस, प्रशासन और नगर निगम को इसमें सख्त कार्रवाई करनी होगी, तभी कुछ होगा।
-नरेंद्र कुमार, निवासी सेक्टर-44
शहर में बढ़ रही गाड़ियों के दबाव के कारण पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए। महंगी पार्किंग के कारण भी लोग अपना पैसे बचाने और पािर्कंग फुल होने के कारण फुटपाथ पर गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। इस पर कड़ाई से काम होना चाहिए। फॉसवेक नगर निगम और प्रशासन के साथ सहयोग के लिए तैयार है।
-बलजिंदर सिंह बिटटू, चेयरमैन फॉसवेक
गाड़ियां बहुत बढ़ गई हैं। सड़कों पर जबरदस्त दबाव है। पैदल चलने वालों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। प्रशासन को चाहिए कि हर सेक्टरों में मार्केट के अलावा सेक्टर के लोगों के लिए पार्किंग की व्यवस्था करे। इससे लोगों को राहत मिलेगी। साथ गाड़ियों को निकालने में भी सहूलियतें होंगी।
-वीएन शर्मा, अध्यक्ष फोसवा
सेक्टरों के मार्केट में जाने पर गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं बचती है। इसके कारण भी लोग फुटपाथ पर गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। इससे पदैल चलना मुश्किल हो जाता है। प्रशासन, नगर निगम, पुलिस और सिविल सोसाइटी सभी मिलकर इसका हल ढूंढें।
-अजीत सिंह, बिजनेसमैन सेक्टर-40
हर बात पर हाईकोर्ट के दखल से पता चलता है कि नगर निगम और प्रशासन काम पर ध्यान नहीं दे रहा है। चंडीगढ़ प्लांड सिटी है। यहां तो जिसके लिए जो चीज बनी है, उसका उसी तरह से उपयोग होना है। ऐसा लग रहा है कि नगर निगम और प्रशासन को लकवा मार गया है।
-सुभाष चावला, पूर्व मेयर
जिला अदालत के पीछे साइकिल ट्रैक पर वाहन खड़े रहते हैं। कई बार तो लोग सड़क खाली होने के बावजूद भी साइकिल ट्रैक पर ही वाहन चलाते हैं। यह तो गलत है, क्योंकि इससे साइकिल चलाने वालों को दिक्कते आती हैं। जिला अदालत में पार्किंग के लिए कम जगह होने की वजह से मजबूरन लोगों और वकीलों को ट्रैक पर अपने वाहन खड़े करने पड़ते है।
-दीक्षित अरोडा़, एडवोकेट
अदालत के पीछे साइकिल ट्रैक पर वाहन खड़े रहते हैं। ट्रैफिक पुलिस वाले भी कभी पहले यहां चालान करते हुए दिखाई नहीं दिए। यदि समय समय पर ट्रैफिक पुलिस साइकिल ट्रैक पर खडे़ वाहनों का चालान काटे और एक मुहिम के तहत यह काम करे तो हो सकता है कि तब साइकिल ट्रैक पर वाहन खडे़ न हों।
-राम भटिया, एडवोकेट
ट्रैक पर वाहन खड़े करने वाले ऐसे लोगाें के खिलाफ आईपीसी की धारा- 336 के तहत केस दर्ज करने की बात हाईकोर्ट ने बिल्कुल सही कही है। फुटपाथ पर गाड़ी खड़ी करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। चंडीगढ़ प्रशासन को इस बारे में जागरूकता अभियान भी चलाना चाहिए, ताकि लोगों को पैदल यात्रियों के अधिकारों का पता चल सके।
-गगन अग्रवाल, एडवोकेट