फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   1.84 lakhs curfew pass distributed to farmers for wheat procurement in punjab, coronavirus, lockdown

पंजाबः गेहूं खरीद के लिए किसानों को बांटे 1.84 लाख पास, बने सब यार्ड और अस्थायी खरीद केंद्र

Tue, 21 Apr 2020 12:40 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Tue, 21 Apr 2020 12:40 PM IST
विज्ञापन
1.84 lakhs curfew pass distributed to farmers for wheat procurement in punjab, coronavirus, lockdown
गेंहू की खरीद - फोटो : अमर उजाला
कोविड-19 संकट के बीच राज्य में गेहूं की निर्विघ्न खरीद के लिए पंजाब मंडी बोर्ड ने रबी मंडीकरण सीजन 2020-21 के दौरान 409 और राइस शैलरों को अनाज मंडियों में तब्दील कर दिया है। अब तक 8.95 लाख टन गेहूं मंडियों में पहुंचा है, जिसमें विभिन्न सरकारी एजेंसियों द्वारा 7.54 लाख टन गेहूं खरीदी जा चुकी है। पिछले साल इसी समय के दौरान 1.37 लाख टन गेहूं खरीदी गई थी। यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव (विकास) विश्वजीत खन्ना ने बताया कि इन शैलरों को सब-मंडी यार्ड में तब्दील कर देने से राज्य में खरीद केंद्रों की संख्या 4100 हो गई है।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि इससे पहले मंडी बोर्ड ने कुल 3691 खरीद केंद्र स्थापित किए थे, जिनमें 1867 नियमित मंडियां और 1824 अस्थाई मंडियां थीं। खन्ना ने आगे बताया कि मंडी बोर्ड द्वारा आढ़तियों के जरिये किसानों को अब तक 4.25 लाख पास जारी किए जा चुके हैं, जिनमें रविवार को जारी किए गए 79610 पास भी शामिल हैं। उन्होंने आगे बताया कि अब तक जारी किए कुल पासों में से किसान 1.84 लाख पासों का प्रयोग करते हुए 15 अप्रैल से 19 अप्रैल तक मंडियों में 8.95 लाख टन गेहूं लाए हैं, जबकि पिछले साल इसी समय के दौरान 1.98 लाख टन गेहूं मंडियों में पहुँची थी।
विज्ञापन


इन जिलों में बनाए गए सब-यार्ड और अस्थायी खरीद केंद्र
राइस शैलरों में और खरीद केंद्र स्थापित करने के बारे में अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि इन केंद्रों को जिला मंडी अफसरों और खरीद एजेंसियों के खरीद मैनेजरों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि जालंधर जिले में पांच शैलरों को सब-यार्ड में तबदील किया गया, जबकि फरीदकोट जिले में 14, गुरदासपुर में 11 और एसएएस नगर में 2 शैलरों को मंडियों में तब्दील किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी तरह फतेहगढ़ साहिब जिले में 6 सब-यार्ड, फिरोजपुर में 29, श्री मुक्तसर साहिब में 28, पटियाला में 86, संगरूर में 108 और होशियारपुर में 4 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। लुधियाना में 59 शैलरों और मोगा में 24 शैलरों को मंडियों में तबदील किया गया है, जबकि तरन तारन जिले में 33 अस्थाई मंडियां स्थापित की गई हैं। खन्ना ने आगे बताया कि और मंडियों की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य कोरोना वायरस के फैलाव को रोकना और मंडियों में भीड़ को एकत्र न होने देना है।

मौजूदा कूपन व्यवस्था से संभव नहीं गेहूं की निर्विघ्न खरीद: अमन अरोड़ा

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के सीनियर नेता और विधायक अमन अरोड़ा ने मंडियों में गेहूं की खरीद के प्रबंधों को ओर बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखकर कई सुझाव दिए हैं। उन्होंने कूपन (पास) व्यवस्था को प्रभावहीन करार देते हुए कहा कि जहां तकरीबन 135 लाख टन गेहूं हजारों आढ़तियों द्वारा लाखों किसानों से कुछ ही दिनों में खरीदनी हो, वहां यह ‘केंद्रित व्यवस्था’ प्रैक्टिकल तौर पर कामयाब नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से जहां किसान और आढ़तियों के रिश्तों में खटास आएगी।

वहीं अलग-अलग और अधिक संख्या में किसानों को हर रोज बांटे जाने वाले पास से सामाजिक नियम की धज्जियां उड़ रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पास व्यवस्था के जरिये फसल किसानों के पास ही रखने और 50-50 क्विंटल मंडियों में लाने के नियम की बजाए किसानों से एक ही बार में सारी फसल मंगाई जाए और नमी की जांच के बाद फरशी धर्मकांटे पर तोलकर किसान से फारिग किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे न तो किसानों की भीड़ जुटने से रोकी जा सकती है।

बेमौसमी बारिश से खराब हुई फसलों के लिए मुआवजा दे सरकार
पंजाब में बीते दो-तीन दिन से जारी बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं की पकी फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, मोगा, संगरूर जिलों से मिली रिपोर्टों के अनुसार, भारी बारिश और तेज हवाओं ने न सिर्फ फसल की कटाई को प्रभावित किया है बल्कि काटी गई फसलें भी कई जगह पानी से खराब हो गई हैं।

क्रांतिकारी किसान यूनियन के नेता डा. दर्शन पाल, हरभजन सिंह बुटर पटियाला, अवतार सिंह महिमा फिरोजपुर, रेशम सिंह मिड्डा फाजिल्का ने सोमवार को एक संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि बेमौसमी बारिश से गेहूं के मंडीकरण और गेंहू की फसल पर बहुत बुरी तरह से नाकारात्मक प्रभाव डाला है। यूनियन ने सरकार से मांग की कि मुश्किल की इस घड़ी में सरकार किसानों की मदद करें और खराब हुई फसलों के एवज में 200 रुपये प्रति क्विंटल मुआवजा या बोनस जारी करे।

इसके साथ ही यूनियन ने मांग की कि मंडियों में पास की व्यवस्था खत्म की जाए और दो-दो गांवों के केंद्र बनाकर गेहूं की खरीद की जाए। इसके अलावा छोटे कांटों की बजाए सीधे ट्रालियों को धर्मकांटे पर तोला जाए, जिससे किसानों का समय भी बचेगा और मंडियों में भीड़ भी नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed