{"_id":"606607c58ebc3ed4be2dca94","slug":"workers-upset-due-to-not-getting-much-wheat-palwal-news-noi5747254141","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्यादा गेहूं नहीं आने से मजदूर परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ज्यादा गेहूं नहीं आने से मजदूर परेशान
विज्ञापन
पलवल। जिले की सबसे बड़ी पलवल अनाज मंडी में बृहस्पतिवार को गेहूं की खरीद पूरी तरह से शुरू न होने से मजदूरों को काम नहीं मिला। मंडी में मात्र एक किसान अपनी फसल बेचने पहुंचा, ऐसे में ज्यादातर मजदूर मायूस बैठे रहे। दिहाड़ी मजदूरों के सामने स्थिति ज्यादा गंभीर रही। हालांकि एक अप्रैल से मंडियों में शुरू होने वाली खरीद की सूचना पर मजदूरों में काफी उत्साह था, लेकिन पहले दिन ही काम न मिलने पर वे हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।
अनाज मंडियों में फसल खरीदे के दौरान सारा काम मजदूरों द्वारा कराया जाता है। फसल उतराई से लेकर उठान तक सारा काम वे ही करते हैं। गेहूं खरीद के दौरान मजदूर ट्रॉलियों से गेहूं को खाली करते हैं। उसके बाद सफाई से लेकर तुलाई व भराई का काम भी किया जाता है। उसके बाद गेहूं को सरकारी कट्टों में भरकर रखा जाता है। पलवल अनाज मंडी में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के करीब एक हजार मजदूर काम करते हैं। मंडी में किए गए काम के हिसाब से आढ़ती उन्हें मजदूरी देते हैं।
वर्जन-
पहले दिन ज्यादा काम आने की उम्मीद थी, लेकिन सुबह से ही किसानों के आने का इंतजार कर रहे हैं। मंडी में एक किसान गेहूं लेकर आया। ऐसे में आज काम मिलने की उम्मीद नहीं है। - अनिल, निवासी बिहार
विज्ञापन
मंडी में बिल्कुल काम नहीं है। यदि दो दिन तक काम नहीं आया तो वे कहीं और जाकर काम ढूंढेंगे। हर बार यहां आते हैं, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है। आज मजदूरी न मिलने से उन्हें खाने-पीने का इंतजाम करना भी भारी पड़ेगा। - ब्रिजेश पासवान, निवासी बिहार
विज्ञापन
अनाज मंडियों में फसल खरीदे के दौरान सारा काम मजदूरों द्वारा कराया जाता है। फसल उतराई से लेकर उठान तक सारा काम वे ही करते हैं। गेहूं खरीद के दौरान मजदूर ट्रॉलियों से गेहूं को खाली करते हैं। उसके बाद सफाई से लेकर तुलाई व भराई का काम भी किया जाता है। उसके बाद गेहूं को सरकारी कट्टों में भरकर रखा जाता है। पलवल अनाज मंडी में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के करीब एक हजार मजदूर काम करते हैं। मंडी में किए गए काम के हिसाब से आढ़ती उन्हें मजदूरी देते हैं।
विज्ञापन
वर्जन-
पहले दिन ज्यादा काम आने की उम्मीद थी, लेकिन सुबह से ही किसानों के आने का इंतजार कर रहे हैं। मंडी में एक किसान गेहूं लेकर आया। ऐसे में आज काम मिलने की उम्मीद नहीं है। - अनिल, निवासी बिहार
विज्ञापन
मंडी में बिल्कुल काम नहीं है। यदि दो दिन तक काम नहीं आया तो वे कहीं और जाकर काम ढूंढेंगे। हर बार यहां आते हैं, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है। आज मजदूरी न मिलने से उन्हें खाने-पीने का इंतजाम करना भी भारी पड़ेगा। - ब्रिजेश पासवान, निवासी बिहार