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Palwal News: रोजाना सामने आ रहे लंपी के पांच से सात मामले

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2026 12:06 AM IST
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seven cases of Lumpy disease are being reported daily
पशुपालन विभाग की ओर से पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई
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संवाद न्यूज एजेंसी







पलवल। जिले में पशुओं में लंपी वायरस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। प्रतिदिन करीब पांच से सात पशुओं में बीमारी के लक्षण मिलने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। मानसून के दौरान मच्छर, मक्खी और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ने के कारण संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में पशुपालन विभाग की ओर से पशुपालकों को सतर्क रहने और बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की सलाह दी जा रही है।

लंपी स्किन डिजीज मुख्य रूप से गोवंश में होने वाला वायरल रोग है। इसमें पशु की त्वचा पर अलग-अलग आकार की गांठें उभरने लगती हैं। इसके अलावा बुखार, भूख कम लगना, मुंह, जीभ और नाक में घाव, दूध उत्पादन में कमी, लंगड़ापन तथा प्रजनन क्षमता प्रभावित होने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। बीमारी की गंभीरता बढ़ने पर पशु की हालत चिंताजनक हो सकती है।
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मच्छर-मक्खियों से बचाव जरूरी

डॉ. शेखावत अली, पशु रोग विशेषज्ञ, के अनुसार संक्रमण की रोकथाम के लिए पशुशाला की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। मच्छर, मक्खी और अन्य कीड़ों की रोकथाम के उपाय करने के साथ पशुओं के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। पशुपालकों को समय पर टीकाकरण कराने और पशुओं को संतुलित आहार तथा आवश्यक खनिज तत्व देने की सलाह दी जाती है।
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बीमार पशु को तत्काल स्वस्थ पशुओं से अलग रखना चाहिए, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सके। पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा देने के बजाय पशु चिकित्सक से संपर्क कर उसकी स्थिति के अनुसार उपचार कराना चाहिए।
दूध उत्पादन में भी पड़ता है असर

लंपी संक्रमण के दौरान पशु की भूख और ऊर्जा प्रभावित होने के साथ दूध उत्पादन में भी कमी आ सकती है। पशुपालकों को पशुओं की नियमित निगरानी करने और शरीर पर गांठ, बुखार या अन्य असामान्य लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।





अधिकारी का वर्जन




पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण दिखाई देने पर पशुपालक बिना देरी किए पशु चिकित्सक से परामर्श लें। बीमारी से बचाव के लिए पशुओं का समय पर वैक्सीनेशन कराना जरूरी है। जिला पशु चिकित्सा अस्पताल में वैक्सीनेशन की सुविधा उपलब्ध है। - डॉ. शेखावत अली, पशु रोग विशेषज्ञ, जिला पशु चिकित्सा अस्पताल, पलवल

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