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हजारों एकड़ कृषि क्षेत्र में भरा पानी, नहीं हो पा रही बिजाई
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गांव छांयसा में खेतों में भरा पानी
- फोटो : Palwal
हथीन। उपमंडल के आधा दर्जन गांवों की हजारों एकड़ कृषि क्षेत्र में भरा पानी अब तक निकल नहीं पाया है। इस कारण रबी फसल की बिजाई नहीं हो पा रही है। इससे किसानों में रोष बना हुआ है। हथीन के छांयसा, मठेपुर, हुचपुरी, बीघावली, हुचपुरी खुर्द, रनसिका, महलुका, मंडनाका गांव विशेष रूप से प्रभावित हैं। स्थिति यह बनी हुई है कि किसान इन गांवों में रबी फसल की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। यह समस्या पिछले 2 सालों से बनी हुई है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
संबंधित गांवों के हजारों एकड़ कृषि क्षेत्र में पानी भरा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल कई बार संबंधित गांवों के कृषि क्षेत्र से पानी निकासी के आदेश दे चुके हैं। सिंचाई विभाग द्वारा संबंधित गांवों में पानी निकासी के लिए मोटर पंप भी लगाए गए, लेकिन पानी निकासी नहीं हो पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग के मोटर पंप अधिकतर पुराने हैं, जोकि ज्यादा समय तक नहीं चल पाते हैं। इस कारण पानी निकासी नहीं हो पाई है।
इस बारे में एसडीएम लक्ष्मी नारायण का कहना है कि जिन गांवों में जलभराव है, उन गांवों का स्वयं दौरा कर अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं कि पानी निकासी की उचित व्यवस्था की जाए। इसके लिए जल्द इंतजाम कराए जाएंगे। (संवाद)
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पानी निकासी के सभी दावे विफल साबित हुए हैं। अभी भी खेतों में पानी भरा है। प्रशासन मांग है कि अविलंब पानी निकासी की जाए, जिससे रबी फसलों की बिजाई हो सके।
- अब्दुल करीम, गांव छांयसा
पानी निकासी की मांग के लिए जिला उपायुक्त कृष्ण कुमार, स्थानीय विधायक प्रवीण डागर एवं एसडीएम लक्ष्मीनारायण तक से गुहार लगा चुके हैं। इसके बावजूद पानी निकासी नहीं हो पाई है। मांग है कि पानी निकासी की कारगर व्यवस्था की जाए।
- साबिर हुसैन, गांव मठेपुर
गांवों में लगाए जाएंगे नलकूप
इस बारे में सीएम विंडो एमिनेंट सूरज पांडे ने बताया कि पानी निकासी के लिए नोडल विभाग सिंचाई विभाग को निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए प्लान तैयार कर लिया गया है। स्थायी उपाय करने के लिए संबंधित गांवों में अतिरिक्त नलकूप लगाए जाएंगे। नलकूपों के माध्यम से पानी जमीन से निकाल कर गुरुग्राम नहर में डाला जाएगा। सरकार ने इस योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसको शीघ्र ही कार्यरूप दिया जाएगा।
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संबंधित गांवों के हजारों एकड़ कृषि क्षेत्र में पानी भरा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल कई बार संबंधित गांवों के कृषि क्षेत्र से पानी निकासी के आदेश दे चुके हैं। सिंचाई विभाग द्वारा संबंधित गांवों में पानी निकासी के लिए मोटर पंप भी लगाए गए, लेकिन पानी निकासी नहीं हो पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग के मोटर पंप अधिकतर पुराने हैं, जोकि ज्यादा समय तक नहीं चल पाते हैं। इस कारण पानी निकासी नहीं हो पाई है।
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इस बारे में एसडीएम लक्ष्मी नारायण का कहना है कि जिन गांवों में जलभराव है, उन गांवों का स्वयं दौरा कर अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं कि पानी निकासी की उचित व्यवस्था की जाए। इसके लिए जल्द इंतजाम कराए जाएंगे। (संवाद)
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पानी निकासी के सभी दावे विफल साबित हुए हैं। अभी भी खेतों में पानी भरा है। प्रशासन मांग है कि अविलंब पानी निकासी की जाए, जिससे रबी फसलों की बिजाई हो सके।
- अब्दुल करीम, गांव छांयसा
पानी निकासी की मांग के लिए जिला उपायुक्त कृष्ण कुमार, स्थानीय विधायक प्रवीण डागर एवं एसडीएम लक्ष्मीनारायण तक से गुहार लगा चुके हैं। इसके बावजूद पानी निकासी नहीं हो पाई है। मांग है कि पानी निकासी की कारगर व्यवस्था की जाए।
- साबिर हुसैन, गांव मठेपुर
गांवों में लगाए जाएंगे नलकूप
इस बारे में सीएम विंडो एमिनेंट सूरज पांडे ने बताया कि पानी निकासी के लिए नोडल विभाग सिंचाई विभाग को निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए प्लान तैयार कर लिया गया है। स्थायी उपाय करने के लिए संबंधित गांवों में अतिरिक्त नलकूप लगाए जाएंगे। नलकूपों के माध्यम से पानी जमीन से निकाल कर गुरुग्राम नहर में डाला जाएगा। सरकार ने इस योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसको शीघ्र ही कार्यरूप दिया जाएगा।