{"_id":"6025648c8ebc3ee95457b263","slug":"union-will-not-allow-departments-to-be-privatized-movement-will-run-palwal-news-noi56514750","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘विभागों का निजीकरण नहीं होने देगी यूनियन, चलेगा आंदोलन’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘विभागों का निजीकरण नहीं होने देगी यूनियन, चलेगा आंदोलन’
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलवल। हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मेकेनिकल वर्कर्स यूनियन की जिला कार्यकारिणी की बैठक बृहस्पतिवार को विश्राम गृह में आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता जिला प्रधान बीर सिंह सौरोत ने की, जबकि संचालन जिला सचिव बिजेंद्र सिंह चौहान ने किया। बैठक में राज्य कमेटी के सदस्य योगेश शर्मा ने बताया कि सरकार ने पीडब्ल्यूडी के तीनों विभागों को निजी हाथों में सौंप कर जन सेवाओं के विभागों को समाप्त करने की योजना बना ली है, लेकिन यूनियन किसी भी सूरत में तीनों विभागों का निजीकरण नहीं होने देगी। जल्द ही इसके लिए आंदोलन किया जाएगा।
योगेश शर्मा ने कहा कि सरकार जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की जल वितरण योजनाओं को अमृत योजना के तहत नगर पालिका और नगर निगमों को हस्तांतरित करने का प्रारूप तैयार कर चुकी है, जबकि ग्रामीण जल वितरण की योजना पंचायतों के हवाले की जा रही है। इस कार्य को करके सरकार पहले से मंजूर कर्मचारियों के पदों को समाप्त कर रही है। नई भर्तियां बंद हैं। पंचायती राज को मजबूती प्रदान करने के नाम पर पंचायती पंप ऑपरेटरों का भारी शोषण हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पंचायती पंप ऑपरेटर एक साल से वेतन के लिए तरस रहे हैं।
जिला प्रधान बीर सिंह सौरोत ने बताया कि राज्य कमेटी ने कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने, कैनाल गार्डों को तृतीय श्रेणी का कर्मचारी घोषित करने, पंचायती पंप ऑपरेटरों को नियमित वेतन देने, सेवा नियमों में संशोधन करने, कर्मचारियों की एसीपी लगाने और पदोन्नति करने की मांग को लेकर आगामी 18 फरवरी को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी दिया जाएगा।
विज्ञापन
इसके बाद भी कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं होता तो 14 मार्च को करनाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। 18 फरवरी को उपायुक्त को ज्ञापन देने के बाद पलवल जिले में किसानों के आंदोलन का समर्थन दिया जाएगा। बैठक में जिला कोषाध्यक्ष हरकेश सौरोत, उपप्रधान प्रताप फौजी, सिंचाई विभाग के प्रधान सतपाल, राजेश शर्मा, बालकिशन शर्मा, महेन्द्र सिंह, सुरेश चंद, राजपाल, राजेंद्र सिंह, प्रधान हरिचंद रावत मौजूद रहे।
विज्ञापन
योगेश शर्मा ने कहा कि सरकार जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की जल वितरण योजनाओं को अमृत योजना के तहत नगर पालिका और नगर निगमों को हस्तांतरित करने का प्रारूप तैयार कर चुकी है, जबकि ग्रामीण जल वितरण की योजना पंचायतों के हवाले की जा रही है। इस कार्य को करके सरकार पहले से मंजूर कर्मचारियों के पदों को समाप्त कर रही है। नई भर्तियां बंद हैं। पंचायती राज को मजबूती प्रदान करने के नाम पर पंचायती पंप ऑपरेटरों का भारी शोषण हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पंचायती पंप ऑपरेटर एक साल से वेतन के लिए तरस रहे हैं।
विज्ञापन
जिला प्रधान बीर सिंह सौरोत ने बताया कि राज्य कमेटी ने कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने, कैनाल गार्डों को तृतीय श्रेणी का कर्मचारी घोषित करने, पंचायती पंप ऑपरेटरों को नियमित वेतन देने, सेवा नियमों में संशोधन करने, कर्मचारियों की एसीपी लगाने और पदोन्नति करने की मांग को लेकर आगामी 18 फरवरी को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी दिया जाएगा।
विज्ञापन
इसके बाद भी कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं होता तो 14 मार्च को करनाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। 18 फरवरी को उपायुक्त को ज्ञापन देने के बाद पलवल जिले में किसानों के आंदोलन का समर्थन दिया जाएगा। बैठक में जिला कोषाध्यक्ष हरकेश सौरोत, उपप्रधान प्रताप फौजी, सिंचाई विभाग के प्रधान सतपाल, राजेश शर्मा, बालकिशन शर्मा, महेन्द्र सिंह, सुरेश चंद, राजपाल, राजेंद्र सिंह, प्रधान हरिचंद रावत मौजूद रहे।