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Palwal News: आयुष्मान-चिरायु कार्ड से निजी अस्पतालों में उपचार बंद

Sat, 16 Mar 2024 10:49 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल Updated Sat, 16 Mar 2024 10:49 PM IST
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Treatment stopped in private hospitals due to Ayushman-Chirayu card
संवाद न्यूज एजेंसी
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पलवल। जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज देने के उद्देश्य से शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना जिले में दम तोड़ गई है। आयुष्मान भारत योजना के पैनल में शामिल सभी निजी अस्पतालों ने शनिवार से योजना के तहत मरीजों को इलाज करना बंद कर दिया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े सभी अस्पतालों के डॉक्टरों ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर यह निर्णय लिया है। इलाज न करने का कारण निजी अस्पतालों का स्वास्थ्य विभाग द्वारा करीब 300 करोड़ रुपये का भुगतान न करना बताया गया है। आईएमए ने बीती 14 मार्च को जिला उपायुक्त नेहा सिंह व सीएमओ डॉ. नरेश गर्ग को इस बारे में ज्ञापन सौंपकर उपचार करने से मना कर दिया था, परंतु उसके बावजूद भी विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। आईएमए का कहना है कि भुगतान होने तक गंभीर मरीजों का भी उपचार नहीं किया जाएगा।
दरअसल, चिरायु-आयुष्मान भारत योजना का लाभ उन परिवारों को मिल रहा है, जिनकी परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है। अब योजना का लाभ उन परिवारों तक बढ़ाया गया है, जिनकी वार्षिक आय तीन लाख से छह लाख रुपये है। ऐसे लोग चार हजार रुपये का वार्षिक प्रीमियम का भुगतान कर योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके अलावा छह लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आय वर्ग वाले लोग भी पांच हजार रुपये के वार्षिक प्रीमियम का भुगतान कर इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आईएमए के अनुसार सरकार द्वारा जिले के 12 अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना के तहत पैनल में शामिल किया गया। योजना के तहत सरकार द्वारा इलाज की दर भी काफी कम रखी गई। आईएमए ने धर्मार्थ के तौर पर पैनल में शामिल होने का निर्णय लिया और लोगों को बेहतर तरीके से उपचार किया, परंतु तीन माह से सरकार द्वारा उपचार राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। पूरे प्रदेश के निजी अस्पतालों को करीब 300 करोड़ रुपये सरकार पर बाकी है। बार-बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी सरकार निजी अस्पतालों को बकाया राशि नहीं दे रही है।
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15 मार्च तक का दिया था समय, परंतु सरकार ने नहीं उठाया कदम
जानकारी के अनुसार आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष अजय महाजन द्वारा बीती 29 फरवरी को भी इस बारे में पत्र लिखकर सरकार को समस्या बताई गई थी। 15 मार्च तक राशि के भुगतान का अल्टीमेटम दिया गया था, परंतु सरकार ने इस बारे में कोई कदम नहीं उठाया गया। बीती 14 मार्च को जिला इकाई द्वारा जिला उपायुक्त व सीएमओ को ज्ञापन सौंपकर 16 मार्च से उपचार बंद करने की चेतावनी दी थी, परंतु उसके बावजूद भी राशि का भुगतान नहीं हुआ।
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जिले के 12 निजी अस्पताल आयुष्मान पैनल में हैं शामिल
जिले के अंदर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित गुरु नानक अस्पताल, एपेक्स अस्पताल, कॉसमॉस अस्पताल, तुला अस्पताल, राहुल अस्पताल, प्रभा अस्पताल, श्री सत्य साईं संजीवनी इंटरनेशनल सेंटर फॉर चाइल्ड हार्ट केयर एंड रिसर्च, पुरानी जीटी रोड स्थित गोयल नर्सिंग होम, पुराना सोहना रोड स्थित गोल्डन अस्पताल, नया सोहना रोड स्थित सचिन अस्पताल व श्री साईं अस्पताल में आयुष्मान व चिरायु कार्ड के पैनल में शामिल हैं, जिनमें उपचार किया जाता है। आईएमए के अनुसार जिले के करीब 10 हजार लोग निजी अस्पताल में योजना का लाभ ले चुके हैं।
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