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Palwal News: बालदेव छठ मेले में हजारों की भीड़ के लिए सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी
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शहर में लगा हुआ बालदेव छठ मेला। संवाद
5000 लोग प्रतिदिन पहुंच रहे
हजारों की भीड़, दर्जनों झूले... हादसा हुआ तो बचाने वाला कोई नहीं
मेला परिसर में न फायर ब्रिगेड की गाड़ी न एंबुलेंस, सात-आठ पुलिसकर्मियों के भरोसे सुरक्षा
विपिन सैनी
पलवल।
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में फरवरी में झूला टूटने से हुए हादसे के बावजूद पलवल प्रशासन ने सबक नहीं लिया है। शहर में चल रहे बालदेव छठ मेले में रोजाना चार से पांच हजार लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन सुरक्षा और आपातकालीन इंतजाम नाकाफी हैं। मेले में 12 से 15 झूले लगे हैं और बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद मेला परिसर में न फायर ब्रिगेड की गाड़ी तैनात है और न एंबुलेंस की व्यवस्था। ऐसे में किसी हादसे या आपात स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाना प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है।
जानकारी के अनुसार, मेला परिसर में कम जगह के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी और एंबुलेंस को तैनात नहीं किया गया है, जबकि प्रतिदिन हजारों लोगों की भीड़ जुट रही है। शनिवार-रविवार को लोगों की संख्या और बढ़ जाती है। झूलों के साथ खाने-पीने और अन्य दुकानों के कारण परिसर में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में आग लगने या किसी अन्य हादसे की स्थिति में दमकल की गाड़ी व एंबुलेंस को मौके तक पहुंचाने में देरी हो सकती है।
लगातार हो रहीं चोरियां
मेले में लोगों की सुरक्षा और भीड़ को संभालने के लिए करीब सात से आठ पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। हजारों की भीड़ के मुकाबले पुलिसकर्मियों की यह संख्या कम नजर आती है। मेले से बाइक चोरी, फोन चोरी, पर्स चोरी जैसी घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। भीड़ बढ़ने की स्थिति में पुलिस के लिए पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी और अप्रिय स्थिति से निपटना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
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मेले में स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए केवल दो से तीन डॉक्टरों की टीम ही मौजूद है। एंबुलेंस की उपलब्धता नहीं होने से गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी हो सकती है।
तैयारियों पर उठे सवाल
बालदेव छठ मेला हर साल आयोजित होता है और इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके बावजूद इस बार मेला परिसर में फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से आयोजकों और संबंधित विभागों की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। हजारों लोगों की मौजूदगी वाले मेले में आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम होना जरूरी है। मेले में आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
वर्जन
मेले में सभी दुकानों में फायर सिलिंडर मौजूद हैं। मेला परिसर में जगह की कमी के कारण फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को परिसर के अंदर खड़ा करना संभव नहीं है। आपात स्थिति में संबंधित विभागों की मदद ली जाएगी। - अनिल मोहन मंगला, प्रधान, मेला आयोजक कमेटी
सूरजकुंड मेले में 12 लोग हुए थे घायल
फरीदाबाद में 39वें सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में 7 फरवरी को झूला गिरने से पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई थी, जबकि 13 लोग घायल हो गए थे। हादसे के समय झूले पर करीब 15 लोग सवार थे। झूला गिरने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को निकालने के दौरान झूले की ग्रिल दोबारा गिर गई, जिसकी चपेट में आने से कई लोग घायल हो गए थे। हादसे की जांच करते हुए एसआइटी ने झूला मालिक मेरठ निवासी शुभम गुप्ता को गिरफ्तार किया था। इस मामले में झूला एजेंसी मालिक मोहम्मद शाकिर, मैनेजर नितेश व झूला ऑपरेटर अदनान सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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हजारों की भीड़, दर्जनों झूले... हादसा हुआ तो बचाने वाला कोई नहीं
मेला परिसर में न फायर ब्रिगेड की गाड़ी न एंबुलेंस, सात-आठ पुलिसकर्मियों के भरोसे सुरक्षा
विपिन सैनी
पलवल।
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में फरवरी में झूला टूटने से हुए हादसे के बावजूद पलवल प्रशासन ने सबक नहीं लिया है। शहर में चल रहे बालदेव छठ मेले में रोजाना चार से पांच हजार लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन सुरक्षा और आपातकालीन इंतजाम नाकाफी हैं। मेले में 12 से 15 झूले लगे हैं और बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद मेला परिसर में न फायर ब्रिगेड की गाड़ी तैनात है और न एंबुलेंस की व्यवस्था। ऐसे में किसी हादसे या आपात स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाना प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है।
जानकारी के अनुसार, मेला परिसर में कम जगह के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी और एंबुलेंस को तैनात नहीं किया गया है, जबकि प्रतिदिन हजारों लोगों की भीड़ जुट रही है। शनिवार-रविवार को लोगों की संख्या और बढ़ जाती है। झूलों के साथ खाने-पीने और अन्य दुकानों के कारण परिसर में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में आग लगने या किसी अन्य हादसे की स्थिति में दमकल की गाड़ी व एंबुलेंस को मौके तक पहुंचाने में देरी हो सकती है।
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लगातार हो रहीं चोरियां
मेले में लोगों की सुरक्षा और भीड़ को संभालने के लिए करीब सात से आठ पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। हजारों की भीड़ के मुकाबले पुलिसकर्मियों की यह संख्या कम नजर आती है। मेले से बाइक चोरी, फोन चोरी, पर्स चोरी जैसी घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। भीड़ बढ़ने की स्थिति में पुलिस के लिए पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी और अप्रिय स्थिति से निपटना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
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मेले में स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए केवल दो से तीन डॉक्टरों की टीम ही मौजूद है। एंबुलेंस की उपलब्धता नहीं होने से गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी हो सकती है।
तैयारियों पर उठे सवाल
बालदेव छठ मेला हर साल आयोजित होता है और इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके बावजूद इस बार मेला परिसर में फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से आयोजकों और संबंधित विभागों की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। हजारों लोगों की मौजूदगी वाले मेले में आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम होना जरूरी है। मेले में आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
वर्जन
मेले में सभी दुकानों में फायर सिलिंडर मौजूद हैं। मेला परिसर में जगह की कमी के कारण फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को परिसर के अंदर खड़ा करना संभव नहीं है। आपात स्थिति में संबंधित विभागों की मदद ली जाएगी। - अनिल मोहन मंगला, प्रधान, मेला आयोजक कमेटी
सूरजकुंड मेले में 12 लोग हुए थे घायल
फरीदाबाद में 39वें सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में 7 फरवरी को झूला गिरने से पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई थी, जबकि 13 लोग घायल हो गए थे। हादसे के समय झूले पर करीब 15 लोग सवार थे। झूला गिरने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को निकालने के दौरान झूले की ग्रिल दोबारा गिर गई, जिसकी चपेट में आने से कई लोग घायल हो गए थे। हादसे की जांच करते हुए एसआइटी ने झूला मालिक मेरठ निवासी शुभम गुप्ता को गिरफ्तार किया था। इस मामले में झूला एजेंसी मालिक मोहम्मद शाकिर, मैनेजर नितेश व झूला ऑपरेटर अदनान सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।