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आगरा नहर से लगते गांवों में कैंसर से हो चुकी है काफी मौतें

Thu, 03 Feb 2022 11:21 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 03 Feb 2022 11:21 PM IST
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There have been many deaths due to cancer in the villages adjoining the Agra canal.
पलवल। जिले में आगरा कैनाल व यमुना से लगते गांवों में कैैसर के मरीज दिन बा दिन बढ़ते जा रहे हैं। गांव बांसवा में ही पांच साल में कैैंसर से 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। बांसवा के अलावा भिडूकी, खिरबी, खांबी, घासेड़ा, अजीजाबाद, चव्वन का नंगला, अमरौली, बाता, लुलवाडी सहित अन्य कई गांवों में भी कैंसर के मरीज मिले हैं। इसका मुख्य कारण है आगरा नहर। जिसके रसायनयुक्त पानी से खेतों की सिंचाई के बाद जहरीला अनाज पैदा होता है। जिससे खाकर सैकड़ों लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग इसकी पुष्टि भी कर चुका है। आज भी जिले में कैंसर रोग विशेषज्ञ नहीं है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिला नागरिक अस्पताल में अब कैंसर की जांच की सुविधा शुरू कर दी गई है। जांच में पुष्टि के बाद मरीज को तुरंत उपचार के लिए रोहतक मेडिकल कॉलेज व अन्य कैैंसर अस्पतालों में भिजवाया जाता है।
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2016 में हुई थी बांसवा में कैैंसर की पुष्टि
जिले के गांव बांसवा में वर्ष 2016 में ग्रामीणों में बीमारी फैलने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच कराने पर कैंसर की पुष्टि हुई थी। उस समय दो महीने के अंदर ही कैंसर से 16 लोगों की मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके फैलने के कारणों का पता लगाया। इसमें पाया गया कि आगरा कैनाल में आ रहे दूषित पानी से खेतों में हो रही फसलों की सिंचाई मुख्य कारण है। बाद में कृषि विभाग द्वारा प्रयोगशाला में आगरा कैनाल के पानी की जांच कराई गई। जांच में पाया कि नहर में दिल्ली की तरफ से आ रहे पानी में काफी रासायनिक तत्व हैं। जो सिंचाई के माध्यम से खेतों में फसलों में जाता है और उस अनाज को खाने से लोग कैंसर से ग्रस्त हो रहे हैं।
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हर तरह के कैंसर के मरीज
जिन गांवों में कैंसर के मरीज मिले, उनमें ज्यादातर पेट, रक्त, रैक्सम, गला, मुंह व ब्रेन कैंसर के मरीज ज्यादा थे। जिन मरीजों की अब तक कैंसर से मौत हो चुकी है, उनमें ज्यादातर पेट, रक्त व रैक्सम के पीड़ित थे। गांव बांसवा में कैंसर से सुरेश, फैना, सुनीता, नरेश, राधा, यमुना, पप्पन, चतर सिंह, राजवीर, धनराज, गयच्लाल, फूलवती, लच्छो, धनराज, गोपाल का दो विर्षीय पुत्र तथा मल्ली की मौत हो चुकी है।
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ये संस्थाएं करती हैं कैंसर पीड़ितों के लिए काम
रोटरी क्लब पलवल संस्कार महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए कई बार शिविर लगवा चुकी हैं। रोटरी क्लब पलवल संस्कार के अध्यक्ष पराग चुटानी का कहना है कि क्लब द्वारा समय-समय पर कैंसर जांच शिविर लगाए जाते हैं। जीवनदायिनी संस्था भी कैंसर रोगियों के लिए लगातार काम करती है। इस संस्था के करीब 45 सदस्य हैं जो कैंसर व थैलेसीमिया बच्चों को गोद लेकर उनके उपचार में सहायता करती हैं। रेणु छाबड़ा ने बताया कि उनकी संस्था इलाज में मदद देना, कैंसर जागरूकता अभियान चलाना, रक्तदान व प्लेटलेट्स दान तथा बोन मैरो प्रत्यारोपण के क्षेत्र में कार्य कर रही है।

जिला नागरिक अस्पताल में कैंसर की जांच की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। डॉक्टर मोनिका को इसका इंचार्ज बनाया गया है। कैंसर मरीजों की पुष्टि होते ही प्रथम स्टेज पर उसका तुरंत उपचार कराया जाता है। स्वास्थ्य विभाग व सरकार को भी पलवल में इसके लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लिखा गया है। 4 फरवरी को विशेष जागरूकता कार्यक्रम रखा गया है।
- डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन
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