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सरपंचों ने नहीं सौंपा कार्यभार, अब होगी कार्रवाई
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हथीन। उपमंडल के 84 ग्रामों के 76 सरपंचों ने निर्धारित तिथि 23 फरवरी तक प्रशासन को रिकॉर्ड नहीं सौंपा है। इस पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अमित कुमार ने ग्राम सचिवों को लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं कि यदि सरपंच 24 फरवरी शाम पांच बजे तक कार्यभार रिकॉर्ड नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि जो भी सरपंच नए निर्धारित समय अविधि में कार्यभार नहीं सौंपता है तो उसके खिलाफ सर्च वारंट जारी कराकर कार्रवाई की जाएगी।
सभी पंचायतों के बैंक अकाउंट दस्तावेज, चेक बुक, पट्टा रजिस्टर एवं पंचायत भवनों के सामान आदि ग्राम सचिव अपने देखरेख में लेंगे। उन्होंने बताया कि यदि किसी सचिव ने इस प्रक्रिया में लापरवाही बरती और निर्धारित समय में रिकॉर्ड नहीं लिया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इलाके के सरपंच चाहते थे कि उनके बैंक खातों में जो धन राशि उपलब्ध है उसका वे उपयोग कर लें उसके बाद ही रिकॉर्ड ही सौंपें। इसके अतिरिक्त एक दर्जन से अधिक ऐसी पंचायतें भी हैं जिनका रिकॉर्ड ही पूरा नहीं हुआ है। पंचायत में आए फंड खर्च कर दिए हैं परंतु उनकी नियम अनुसार मेजरमेंट आदि में प्रविष्टि नहीं कराई है। इस कारण भी सरपंच रिकॉर्ड देने को तैयार नहीं हैं।
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि पंचायतों के फंड के यूटिलाइज सर्टिफिकेट उपयोगिता प्रमाण पत्र भी सरपंचों से लेने हैं। इस बारे में पहाड़पुर ग्राम के सरपंच शाकिर हुसैन ने कहा है कि सरपंच जनता द्वारा निर्वाचित जन प्रतिनिधि होता है। यदि तकनीकी कारणों से रिकॉर्ड जमा नहीं हो पाया है तो कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। ग्राम सचिव चरण सिंह ने बताया कि नियम अनुसार वे संबंधित सरपंचों से रिकॉर्ड लेने की प्रक्रिया में हैं।
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सभी पंचायतों के बैंक अकाउंट दस्तावेज, चेक बुक, पट्टा रजिस्टर एवं पंचायत भवनों के सामान आदि ग्राम सचिव अपने देखरेख में लेंगे। उन्होंने बताया कि यदि किसी सचिव ने इस प्रक्रिया में लापरवाही बरती और निर्धारित समय में रिकॉर्ड नहीं लिया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इलाके के सरपंच चाहते थे कि उनके बैंक खातों में जो धन राशि उपलब्ध है उसका वे उपयोग कर लें उसके बाद ही रिकॉर्ड ही सौंपें। इसके अतिरिक्त एक दर्जन से अधिक ऐसी पंचायतें भी हैं जिनका रिकॉर्ड ही पूरा नहीं हुआ है। पंचायत में आए फंड खर्च कर दिए हैं परंतु उनकी नियम अनुसार मेजरमेंट आदि में प्रविष्टि नहीं कराई है। इस कारण भी सरपंच रिकॉर्ड देने को तैयार नहीं हैं।
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खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि पंचायतों के फंड के यूटिलाइज सर्टिफिकेट उपयोगिता प्रमाण पत्र भी सरपंचों से लेने हैं। इस बारे में पहाड़पुर ग्राम के सरपंच शाकिर हुसैन ने कहा है कि सरपंच जनता द्वारा निर्वाचित जन प्रतिनिधि होता है। यदि तकनीकी कारणों से रिकॉर्ड जमा नहीं हो पाया है तो कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। ग्राम सचिव चरण सिंह ने बताया कि नियम अनुसार वे संबंधित सरपंचों से रिकॉर्ड लेने की प्रक्रिया में हैं।
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