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Palwal News: 50 से बढ़ाकर 58 केंद्र, हरदिन बन रहे 12,500 सहेली पिंक कार्ड

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Apr 2026 10:14 PM IST
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The number of centres has increased from 50 to 58, with 12,500 Saheli Pink Cards being issued daily.
-3 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 4 लाख से ज्यादा कार्ड हो चुके हैं जारी
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-दुरुपयोग रोकने के लिए एक घंटे के भीतर दोबारा टिकट जनरेट करने पर लगाई गई रोक

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
राजधानी में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा के लिए सहेली पिंक कार्ड बनाने के केंद्रों की संख्या बढ़ा दी गई है। जहां पहले 50 केंद्रों पर पिंक कार्ड बनाए जा रहे थे, वहीं अब इसे बढ़ाकर 58 केंद्र कर दिया गया है। इन केंद्रों पर रोजाना करीब 12,500 कार्ड बनाए जा रहे हैं। 3 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 4 लाख से ज्यादा कार्ड जारी किए जा चुके हैं और 31 मई तक दिल्ली की सभी महिलाओं के पिंक कार्ड बनाने के लक्ष्य है। इसके साथ ही कार्ड का दुरुपयोग रोकने के लिए एक ही बस में एक घंटे के भीतर एक ही कार्ड से दोबारा टिकट जनरेट करने पर रोक लगाई गई है।

अधिकारियों ने बताया कि पिंक कार्ड के उपयोग को लेकर यात्रियों के बीच कुछ भ्रम की स्थिति बनी हुई है, खासकर एक ही बस में एक घंटे के भीतर दोबारा कार्ड टैब करने पर टिकट जनरेट न होने को लेकर। इस पर स्पष्ट करते हुए डीटीसी के डिप्टी चीफ जनरल मैनेजर (पीआर) अमन देव छिकारा ने कहा कि यह कोई तकनीकी खराबी नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित नियम है, जिसे कार्ड के दुरुपयोग को रोकने के लिए लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि कई बार देखा गया है कि महिलाएं समूह में यात्रा करती हैं और एक ही पिंक कार्ड को कई बार टैब कर अलग-अलग यात्रियों के लिए टिकट निकालने की कोशिश की जाती है। इसी तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए यह नियम बनाया गया है कि एक बस में एक पिंक कार्ड को केवल एक बार ही टैब किया जा सकता है।
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ऑनलाइन बनवा सकते हैं सहेली पिंक कार्ड : सहेली पिंक कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए क्यूआर कोड आधारित डिजिटल ऑनबोर्डिंग की सुविधा शुरू की शुरुआत की गई है। इस व्यवस्था के तहत महिलाएं अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर घर बैठे रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं। इसमें सबसे पहले मोबाइल नंबर का ओटीपी सत्यापित किया जाता है, इसके बाद आधार ओटीपी के जरिए पहचान सत्यापित होती है। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद एक कन्फर्मेशन क्यूआर जनरेट होता है, जिसे नजदीकी पिंक कार्ड जारी करने वाले केंद्र पर दिखाकर आसानी से कार्ड प्राप्त किया जा सकता है।
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