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किसान बोले, सरकार का अहंकार अब भी बरकरार
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पलवल। अन्य मुद्दों पर सरकार की बेरुखी से नाराज किसानों का आंदोलन जारी है। केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर जारी धरने की अध्यक्षता धनीराम तेवतिया ने की, जबकि संचालन नरेंद्र सहरावत ने किया। मंगलवार को तेवतिया पाल के किसान भारी संख्या में पहुंचे। किसानों ने कहा कि भाजपा सरकार का अहंकार अभी कम नहीं हुआ है। किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय किया कि संयुक्त किसान मोर्चा जो भी आह्वान करेगा पलवल मोर्चा उसकी पालन करेगा।
किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान व बीधू सिंह ने कहा कि एक वर्ष के लंबे संघर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि किसानों के बिलों को खत्म करना तो है ही, साथ ही इस संघर्ष ने धर्मनिरपेक्ष छवि को पेश करते हुए बुनियादी वर्ग को शामिल करते हुए पूरे देश की लोकतांत्रिक ताकतों को भी एकजुट किया है। सत्तासीन नेताओं ने कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। किसान व मजदूर अपने हकों के प्रति जागरूक हुए हैं। अब जब तक किसानों को बुनियादी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा किसान आंदोलन जारी रहेगा।
धरने को किसान नेता धर्मचंद, सोहनपाल चौहान, ताराचंद, श्रीचंद महाशय, रघुबीर सिंह, शिव सिंह, दिगंबर तेवतिया, राजकुमार ओहलियान, अच्छेलाल, गोपी हवलदार, चंद्रमुनि, हुकम सिंह, रंजीत सिंह, समय सिंह, जयदेव, करतार सिंह व बीरसिंह ने संबोधित किया।
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किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान व बीधू सिंह ने कहा कि एक वर्ष के लंबे संघर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि किसानों के बिलों को खत्म करना तो है ही, साथ ही इस संघर्ष ने धर्मनिरपेक्ष छवि को पेश करते हुए बुनियादी वर्ग को शामिल करते हुए पूरे देश की लोकतांत्रिक ताकतों को भी एकजुट किया है। सत्तासीन नेताओं ने कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। किसान व मजदूर अपने हकों के प्रति जागरूक हुए हैं। अब जब तक किसानों को बुनियादी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा किसान आंदोलन जारी रहेगा।
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धरने को किसान नेता धर्मचंद, सोहनपाल चौहान, ताराचंद, श्रीचंद महाशय, रघुबीर सिंह, शिव सिंह, दिगंबर तेवतिया, राजकुमार ओहलियान, अच्छेलाल, गोपी हवलदार, चंद्रमुनि, हुकम सिंह, रंजीत सिंह, समय सिंह, जयदेव, करतार सिंह व बीरसिंह ने संबोधित किया।
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