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प्रशिक्षण शिविर का अध्यापकों ने किया बहिष्कार
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पलवल में अध्यापक बैठक कर विरोध जताते हुए
- फोटो : Palwal
पलवल। महात्मा गांधी सामुदायिक भवन में आयोजित प्रशिक्षण शिविर का सोमवार को शिक्षकों ने बहिष्कार कर दिया और धरने पर बैठ गए। शिविर के दौरान शिक्षकों को परिवार पहचान पत्र के अंतर्गत आर्थिक सर्वे और आय सत्यापन करने का प्रशिक्षण दिया जाना था। इस अवसर पर शिक्षकों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। निर्णय लिया गया कि गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए हर प्रकार के गैर शैक्षणिक कार्य का विरोध किया जाएगा।
अध्यापक नेता हरिचंद वर्मा, वेदपाल और सोहनलाल पूनिया ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण स्कूल पिछले लगभग 11 महीने से बंद थे। इस दौरान बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया गया, लेकिन गरीब बच्चों पर न तो एंड्रॉयड फोन थे और ना ही नेट की सुविधा थी। परीक्षाओं के लिए केवल एक महीना मुश्किल से शेष है। इस दौरान इन बच्चों के लिए अध्यापकों का कक्षा में होना अति आवश्यक है, ताकि विद्यार्थी कुछ सीख सकें। गीतेश कुमार, भारत दहिया, वीरसिंह सौरोत और सुरेंद्र कुमार ने कहा कि प्रशासन ऐसे महत्वपूर्ण समय में अध्यापकों को प्रतिदिन नए-नए गैर शैक्षणिक कार्य सौंप कर कक्षाओं से दूर करना चाहता है, जोकि सरासर गलत है। यह बच्चों के लिए अन्याय पूर्ण है। आय सत्यापन का कार्य बहुत ही मुश्किल कार्य है, जिससे अध्यापकों के लिए बच्चों के लिए समय निकालना संभव नहीं होगा।
इसके अलावा प्रशासन ने अन्य तरह की ड्यूटियां भी सौंपी हुई हैं। शिक्षा के अधिकार कानून के तहत भी गैर शैक्षणिक कार्यों में अध्यापकों की ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती। इस मौके पर जय गोपाल शास्त्री, दिनेश, गिर्राज सिंह, ऊधम सिंह, रामवीर, गणेश, दारा सिंह, राजेश, प्रमोद, यादराम, नरेंद्र, मोहन सिंह और हिम्मत चौहान ने भी संबोधित किया।
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अध्यापक नेता हरिचंद वर्मा, वेदपाल और सोहनलाल पूनिया ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण स्कूल पिछले लगभग 11 महीने से बंद थे। इस दौरान बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया गया, लेकिन गरीब बच्चों पर न तो एंड्रॉयड फोन थे और ना ही नेट की सुविधा थी। परीक्षाओं के लिए केवल एक महीना मुश्किल से शेष है। इस दौरान इन बच्चों के लिए अध्यापकों का कक्षा में होना अति आवश्यक है, ताकि विद्यार्थी कुछ सीख सकें। गीतेश कुमार, भारत दहिया, वीरसिंह सौरोत और सुरेंद्र कुमार ने कहा कि प्रशासन ऐसे महत्वपूर्ण समय में अध्यापकों को प्रतिदिन नए-नए गैर शैक्षणिक कार्य सौंप कर कक्षाओं से दूर करना चाहता है, जोकि सरासर गलत है। यह बच्चों के लिए अन्याय पूर्ण है। आय सत्यापन का कार्य बहुत ही मुश्किल कार्य है, जिससे अध्यापकों के लिए बच्चों के लिए समय निकालना संभव नहीं होगा।
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इसके अलावा प्रशासन ने अन्य तरह की ड्यूटियां भी सौंपी हुई हैं। शिक्षा के अधिकार कानून के तहत भी गैर शैक्षणिक कार्यों में अध्यापकों की ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती। इस मौके पर जय गोपाल शास्त्री, दिनेश, गिर्राज सिंह, ऊधम सिंह, रामवीर, गणेश, दारा सिंह, राजेश, प्रमोद, यादराम, नरेंद्र, मोहन सिंह और हिम्मत चौहान ने भी संबोधित किया।
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