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Palwal News: दो माह से टूटा है टैंक का ढक्कन, दूषित पानी पी रहे मरीज
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फोटो - अस्पताल के बूस्टर का खुला ढक्कन।
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। प्रदेश सरकार और प्रशासन भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करते रहें, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) नगीना के हालात इन दावों की पोल खोल रहे हैं। अस्पताल परिसर में स्थित वाटर टैंक (कुंडा) का ढक्कन करीब दो महीने से टूटा व खुला पड़ा है। ढक्कन न होने के कारण उसमें धूल-मिट्टी और कचरा गिर रहा है, जिससे पीने का पानी पूरी तरह दूषित हो चुका है।
सर्व जातीय सेवा समिति के उपाध्यक्ष रजत जैन ने कहा कि पीएचसी पर क्षेत्र के करीब 44 गांवों की आबादी निर्भर है। इसके बावजूद अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। वहीं, इलाज कराने पहुंचे मोनू ने कहा कि मरीज गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। जबकि, मुकेश ने कहा कि प्रशासन विकास के नाम पर करोड़ों रुपये की घोषणाएं करता है, लेकिन 400-500 रुपये का ढक्कन अब तक नहीं लग पाया।
कोट
वाटर टैंक के ढक्कन को बदलवाने के निर्देश पहले ही दिए गए थे। उन्होंने कहा, यह पता कराया जा रहा है कि अभी तक ढक्कन क्यों नहीं लग पाया है। मामले की जांच कर जल्द से जल्द नया ढक्कन लगवाकर पेयजल व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कराया जाएगा। - डॉ. कृष्ण कुमार, एसएमओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। प्रदेश सरकार और प्रशासन भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करते रहें, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) नगीना के हालात इन दावों की पोल खोल रहे हैं। अस्पताल परिसर में स्थित वाटर टैंक (कुंडा) का ढक्कन करीब दो महीने से टूटा व खुला पड़ा है। ढक्कन न होने के कारण उसमें धूल-मिट्टी और कचरा गिर रहा है, जिससे पीने का पानी पूरी तरह दूषित हो चुका है।
सर्व जातीय सेवा समिति के उपाध्यक्ष रजत जैन ने कहा कि पीएचसी पर क्षेत्र के करीब 44 गांवों की आबादी निर्भर है। इसके बावजूद अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। वहीं, इलाज कराने पहुंचे मोनू ने कहा कि मरीज गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। जबकि, मुकेश ने कहा कि प्रशासन विकास के नाम पर करोड़ों रुपये की घोषणाएं करता है, लेकिन 400-500 रुपये का ढक्कन अब तक नहीं लग पाया।
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वाटर टैंक के ढक्कन को बदलवाने के निर्देश पहले ही दिए गए थे। उन्होंने कहा, यह पता कराया जा रहा है कि अभी तक ढक्कन क्यों नहीं लग पाया है। मामले की जांच कर जल्द से जल्द नया ढक्कन लगवाकर पेयजल व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कराया जाएगा। - डॉ. कृष्ण कुमार, एसएमओ
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