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Palwal News: उमस भरी गर्मी ने मतदाताओं को सताया, प्रशासनिक इंतजाम नहीं आए काम

Sun, 06 Oct 2024 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल Updated Sun, 06 Oct 2024 12:06 AM IST
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Sultry heat harassed voters, administrative arrangements did not work
- पीन के पानी की व्यवस्था भी कई जगह नहीं आई नजर, सेल्फी कॉर्नर भी मिले नदारद
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। शनिवार को आयोजित विधानसभा चुनाव में उमस भरी गर्मी ने मतदाताओं को खूब सताया। घंटों तक लाइनों में लगे रहे मतदाताओं के चेहरे पर गर्मी का प्रकोप साफ दिखाई दे रहा था। वहीं, प्रशासनिक लापरवाही के कारण भी मतदाताओं को परेशानी उठानी पड़ी थी। आलम यह था कि कई मतदाता केंद्रों पर पीने का पानी व पंखे की व्यवस्था भी नहीं थी। न ही अधिकांश मतदान केंद्रों पर पानी पिलाने के लिए वालंटियर्स मौजूद थे। अपनी लाइन को छोड़कर दूर नल पर पानी पीने का जोखिम मतदाताओं ने नहीं उठाया। केंद्रों के अंदर राजनीतिक पार्टियों के तरफ भी मतदाताओं के लिए कोई सुविधा नहीं थी।
दरअसल, शनिवार को पलवल का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस था, जबकि उमस के कारण 40 डिग्री सेल्सियस महसूस हो रहा था। सुबह की तेज धूप के कारण घरों से निकलना मुश्किल हो रहा था। धूप व गर्मी के चलते सुबह जल्दी लोग मतदान करने के लिए केंद्रों पर पहुंचने लगे, जिससे केंद्रों पर सुबह आठ बजे ही लंबी-लंबी लाइन लग गईं। लाइनों में न तो पंखे की व्यवस्था थी और न ही लाइन के पास में पीने के पानी का इंतजाम था। गर्मी के कारण ईवीएम मशीन की गति भी धीमी रही, जिससे घंटों तक लोगों को लाइनों में खड़ा रहना पड़ा। हालत यह रहे कि दोपहर 11 बजे तो मतदान केंद्रों पर भीड़ काफी कम हो गई। दोपहर के समय मतदान प्रतिशत कम हो गया। इक्का-दुक्का लोग ही मतदान के लिए पहुंचे। दोपहर तीन बजे के बाद फिर से मतदान में तेजी देखी गई। शहरी क्षेत्र में तो कुछ सुविधा केंद्रों पर दिखाई दी, जबकि ग्रामीण बूथों पर सरकारी सुविधाओं को अभाव था। ग्रामीण अपने स्तर पर ही लोगों को सुविधा मुहैया कराते रहे।
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मतदाता रमेश, राजकुमार, अजय, कुलदीप, इंद्रेश, मिथलेश, सविता ने बताया कि मतदान केंद्रों पर सुविधा उपलब्ध कराने के वायदे प्रशासन पूरा नहीं कर पाया। गांवों में मतदाताओं के लिए कोई सुविधा नहीं है। न पानी की व्यवस्था है और न ही गर्मी से बचने के लिए कोई और प्रबंध किया गया है।
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बूथों पर नहीं थे सेल्फी कॉर्नर
सरकार द्वारा मतदाताओं में जोश भरने के लिए सेल्फी कॉर्नर बनाने की बात ढकोसला साबित हुई। गांवों के बूथों पर एक भी सेल्फी कॉर्नर दिखाई नहीं दिया। शहरी क्षेत्र में एक-दो सेल्फी कॉर्नर बनाए गए थे, परंतु वे किसी काम नहीं आए, क्योंकि केंद्रों परिसर में पुलिस ने मतदाताओं को मोबाइल फोन नहीं ले जाने दिया। इस कारण युवा सेल्फी नहीं ले पाए। कई स्थानों पर बिना सेल्फी कॉर्नर से लोग अपने परिवार के साथ सेल्फी लेते नजर आए।

व्हील चेयर व वालंटियर भी नहीं दिए दिखाई
बुजुर्गों व दिव्यांगों की सुविधा के लिए व्हील चेयर व वालंटियर की सुविधा भी ज्यादातर मतदान केंद्रों पर नजर नहीं आई। बिना व्हील चेयर के दिव्यांग व बुजुर्गों को केंद्रों के मुख्य गेट से बूथ में जाने में काफी परेशानी हुई। काफी बूथों पर सहायता के लिए वालंटियर्स भी तैनात नहीं थे। दिव्यांग व बुजुर्गों के बूथ तक ले पहुंचाने के लिए पुलिस ने बाइक भी अंदर नहीं जाने दी, जिससे बुजुर्ग बेबस नजर आए।
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