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Palwal News: रिश्वतखोरी मामले में एसएमओ मनीष गर्ग की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
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गिरफ्तारी की संभावनाएं बढ़ीं, एसीबी की कार्रवाई हो सकती है तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हथीन के एसएमओ मनीष गर्ग को रिश्वतखोरी मामले में अदालत से राहत नहीं मिल सकी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तैयब हुसैन की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
मनीष गर्ग ने अपने वकील के माध्यम से अदालत में दायर याचिका में खुद को निर्दोष बताया और दावा किया कि उन्होंने ही शिकायतकर्ता के खिलाफ पहले मामला दर्ज कराया था। गौरतलब है कि 19 मई को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात सूचना सहायक पूरन को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस संबंध में फरीदाबाद स्थित एसीबी थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले की जांच कर रही एसीबी अब एसएमओ मनीष गर्ग की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। जांच के दायरे में आने के बाद मनीष गर्ग ने 21 मई को अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी।कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह मानने से इनकार कर दिया कि आरोपी को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत दी जाए। न्यायालय ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अब एसएमओ मनीष गर्ग की गिरफ्तारी की संभावनाएं बढ़ गई हैं और एसीबी की कार्रवाई तेज हो सकती है।
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हथीन। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हथीन के एसएमओ मनीष गर्ग को रिश्वतखोरी मामले में अदालत से राहत नहीं मिल सकी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तैयब हुसैन की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
मनीष गर्ग ने अपने वकील के माध्यम से अदालत में दायर याचिका में खुद को निर्दोष बताया और दावा किया कि उन्होंने ही शिकायतकर्ता के खिलाफ पहले मामला दर्ज कराया था। गौरतलब है कि 19 मई को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात सूचना सहायक पूरन को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस संबंध में फरीदाबाद स्थित एसीबी थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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मामले की जांच कर रही एसीबी अब एसएमओ मनीष गर्ग की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। जांच के दायरे में आने के बाद मनीष गर्ग ने 21 मई को अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी।कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह मानने से इनकार कर दिया कि आरोपी को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत दी जाए। न्यायालय ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अब एसएमओ मनीष गर्ग की गिरफ्तारी की संभावनाएं बढ़ गई हैं और एसीबी की कार्रवाई तेज हो सकती है।
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