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Palwal News: सचिव ने सरपंचों से मिलीभगत कर किया लाखों का भुगतान

Tue, 20 Feb 2024 11:19 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 20 Feb 2024 11:19 PM IST
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Secretary paid lakhs in connivance with Sarpanches
संवाद न्यूज एजेंसी
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तावडू। जिले की ग्राम पंचायते के विकास कार्यों में धांधली व भ्रष्टाचार थमता नजर नहीं आ रहा है। पहले भी कई पंचायतों के विकास कार्यों में धांधली और भ्रष्टाचार की खबरें सामने आई तो अब तावडू खंड के चार ग्राम पंचायत में एक सचिव द्वारा स्थानांतरण के दस दिन बाद सरपंचों से मिली भगत कर लाखों रुपये का भुगतान करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

गुपचुप तरीके से हुए भुगतान की बात जब तावडू बीडीपीओ के संज्ञान में आई तो संबंधित पंचायत सचिव के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा और संबंधित पंचायतों के चार सरपंचों को नोटिस भेज रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का आदेश जारी कर दिया। इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद सरपंच अब कार्रवाई से बचने की जुगत में जुट गए हैं। जारी नोटिस का कोई जवाब नहीं दे रहे हंै। तावडू पंचायत कार्यालय से ही मिली जानकारी के मुताबिक बीते 29 दिसंबर को सचिव तीर्थ प्रकाश का स्थानांतरण तावडू से पुन्हाना हुआ था। उससे पहले खंड की ग्राम पंचायत छारोडा, भाजलाका, रहाडी और पचगांव का कार्यभार उन पर ही था। उस दौरान उपरोक्त पंचायतों में विकास कार्य कराए गए थे। जिनका भुगतान बकाया था, लेकिन इसी बीच सचिव का पुन्हाना स्थानांतरण हो गया।
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जहां सचिव ने ज्वाइन भी कर लिया। आरोप है कि स्थानातंरण के दस दिन बाद सरपंचों और सचिव ने मिलीभगत कर करीब 30 लाख से अधिक रुपए की राशि का नियमों के विरुद्ध भुगतान कर दिया। जिसमें एक लेखाकार की भूमिका भी बताई गई है। यह भी दावा किया जा रहा है कि ग्राम पंचायत रहाडी में ऐसे कार्यों के लिए भुगतान हुआ जो धरातल पर हुए ही नहीं। जब तावडू बीडीपीओ सुरजीत कुमार के संज्ञान में मामला आया तो आरोपी सचिव के विरुद्ध कार्रवाई करने को लेकर उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया, जबकि चारों सरपंचों को नोटिस जारी कर विकास कार्यों और भुगतान संबंधी रिकाॅर्ड तलब करने का आदेश दे दिया। बीती 15 फरवरी सरपंचों को नोटिस का जवाब देना था, लेकिन नोटिस के जवाब की जगह सरपंच कार्रवाई से बचने के लिए सिफारिश कराने में जुट गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कुछ सरपंच विधायक की शरण में भी मदद की गुहार लगाने पहुंचे हैं।
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बता दें कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के भुगतान की प्रणाली अब डोंगल के माध्यम से की जाती है। डोंगल के जरिये डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं। सभी सचिव डोंगल अपने अधीन रखते हैं, जबकि अधिकतर सचिव और सरपंचों को डोंगल संचालित करना ही नहीं आता। ऐसे में वह कंप्यूटर के जानकार ऑपरेटर या लेखाकार की मदद लेते हैं। उपरोक्त मामले में भी ऐसा ही बताया गया है। जहां पर सरपंच सचिव की मिलीभगत होने के साथ-साथ एक लेखाकार की भूमिका भी हो सकती है।
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