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गांव छांयसा में पीएचसी बना पर स्टाफ की नियुक्ति नहीं
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सोमदेव आर्य
हथीन। गांव छांयसा में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए दो साल पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तो बना दिया, लेकिन अब तक स्वास्थ्य स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई है। इस कारण लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए हथीन और पलवल जाना पड़ता है। इस कारण ग्रामीणों में रोष बना हुआ है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए ग्राम पंचायत ने भूमि दी थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने भवन तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को सूचित कर दिया था। लेकिन, दो साल बीतने के बाद भी अब तक न तो डॉक्टर नियुक्त किए गए और न ही नर्सिंग स्टाफ। राज्य मुख्यालय ने यहां के लिए मेडिकल अफसर एवं अन्य स्टाफ की नियुक्ति की थी, लेकिन प्रशासन ने इन कर्मचारियों को हथीन एवं अन्य स्थानों पर लगा रखा है। स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर इस पीएचसी में कोरोना टीकाकरण भी किया जा रहा है। लेकिन, ग्रामीणों को टीके लगवाने के लिए हथीन जाना पड़ रहा है। संवाद
महिलाओं की डिलीवरी और हल्का बुखार के लिए भी लोगों को हथीन अस्पताल जाना पड़ता है। पीएचसी होने के बावजूद आपातकालीन स्थिति में लोगों को प्राथमिक चिकित्सा भी नहीं मिल पाती है।
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- कासम खान, समाजसेवी
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पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं को शुरू कराने की मांग लंबे अरसे से की जा रही है। विधायक से लेकर सांसद तक से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हुई।
- अब्दुल करीम सुकेडिया, ग्राम पंच
------
पीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाएं शीघ्र ही शुरू कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। छांयसा और आसपास के लोगों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होगी।
- विजय कुमार, प्रवर चिकित्सा अधिकारी
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हथीन। गांव छांयसा में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए दो साल पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तो बना दिया, लेकिन अब तक स्वास्थ्य स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई है। इस कारण लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए हथीन और पलवल जाना पड़ता है। इस कारण ग्रामीणों में रोष बना हुआ है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए ग्राम पंचायत ने भूमि दी थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने भवन तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को सूचित कर दिया था। लेकिन, दो साल बीतने के बाद भी अब तक न तो डॉक्टर नियुक्त किए गए और न ही नर्सिंग स्टाफ। राज्य मुख्यालय ने यहां के लिए मेडिकल अफसर एवं अन्य स्टाफ की नियुक्ति की थी, लेकिन प्रशासन ने इन कर्मचारियों को हथीन एवं अन्य स्थानों पर लगा रखा है। स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर इस पीएचसी में कोरोना टीकाकरण भी किया जा रहा है। लेकिन, ग्रामीणों को टीके लगवाने के लिए हथीन जाना पड़ रहा है। संवाद
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महिलाओं की डिलीवरी और हल्का बुखार के लिए भी लोगों को हथीन अस्पताल जाना पड़ता है। पीएचसी होने के बावजूद आपातकालीन स्थिति में लोगों को प्राथमिक चिकित्सा भी नहीं मिल पाती है।
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- कासम खान, समाजसेवी
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पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं को शुरू कराने की मांग लंबे अरसे से की जा रही है। विधायक से लेकर सांसद तक से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हुई।
- अब्दुल करीम सुकेडिया, ग्राम पंच
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पीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाएं शीघ्र ही शुरू कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। छांयसा और आसपास के लोगों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होगी।
- विजय कुमार, प्रवर चिकित्सा अधिकारी