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पलवल: अपनों से बात कर भर आई आंखे, कुछ पहुंचे पोलेंड बार्डर के पास, तो कुछ हंगरी बार्डर पर

Tue, 01 Mar 2022 08:10 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 01 Mar 2022 08:10 PM IST
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palwal youths stuck in ukraine reached near poland and hungary border
पलवल। यूक्रेन में फंसे जिले के करीब 21 छात्र अभी तक सकुशल अपने घरों को पहुंच चुके हैं। जबकि अभी भी करीब एक दर्जन से अधिक छात्र वहीं फंसे हुए हैं। सौंदहद गांव निवासी कृष्ण मंगलवार सुबह कीव से रोमानियां की तरफ निकल गया है तथा उसे व उसके परिजनों को उम्मीद है कि वह सुरक्षित बुधवार शाम तक घर पहुंच जाएगा। वहीं, हथीन उपमंडल के चार छात्रों के हंगरी बार्डर पर पहुंचने की जानकारी मिली हैं। उनके भी जल्द सुरक्षित घर पहुंचने की उम्मीद है। फिर भी इन छात्रों के परिजन जहां सरकार से लगातार अपने बच्चों को वापिस लाने की गुहार लगा रहे हैं, वहीं उनके सुरक्षित लौटने की प्रार्थनाएं व दुआ मांगी जा रही है।
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सोमवार को पलवल पहुंचे ये छात्र
यूक्रेन से सोमवार देर रात भावना, कृष्ण बघेल, प्रियंका, आरजू, सौरभ, साहिल खान, सुजान, यश राणा तथा रितिका तेवतिया पलवल पहुंचे। यश राणा यूक्रेन की उझारोद यूनिवर्स्टी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। वह प्रथम वर्ष का छात्र है। उसके अलावा गांव गुदराना निवासी कृष्ण बघेल ने बताया कि उन्हें भारत भिजवाने में विश्वविद्यालय प्रशासन का पूरा सहयोग रहा। अपने वतन वापिस सकुशल लौटने के बाद उसे राहत मिली है। सरकार के सहयोग से वह अपने घर लौट पाया है।
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उधर पिछले कई दिनों से कीव में बंकर के अंदर रह रहे सौंदहद निवासी छात्र कृष्ण ने बताया कि वह और उसके साथ 45 भारतीय जो कि विभिन्न राज्यों से हैं, भारतीय दूतावास के अधिकारियों की मदद से लवीव में पहुंच गए हैं। पोलेंड बार्डर यहां से 40 किलोमीटर दूर है। कृष्ण ने बताया कि पोलेंड सरकार से भारतीय दूतावास के अधिकारियों की बात चल रही है। मंगलवार देर रात तक वे पोलेंड बार्डर पर पहुंच जाएंगे तथा वहां हवाई अड्डे से बुधवार दोपहर तक या बृहस्पतिवार सुबह भारत के लिए रवाना होंगे। अब उन्हें उम्मीद है कि वे सुरक्षित भारत वापिस लौट आएंगे। उधर उसके माता-पिता के अलावा आसपास के लोग व रिश्तेदार उसके सुरक्षित लौटने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं।
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हंगरी बॉर्डर पर पहुंचे हैं हथीन उपमंडल के चार छात्र
यूक्रेन में एमबीबीबीएस की पढ़ाई करने गए हथीन उपमंडल के चार छात्र अपने हॉस्टल से हंगरी बॉर्डर पर पहुंच गए हैं। अभिभावकों ने छात्रों स व्हॉटसएप पर कॉल के माध्यम से हाल-चाल जाना। अपनों से बातें करते हुए उनकी आंखें भर आईं।
इलाके के लोग छात्रों की कुशल क्षेम के लिए दुआएं मांग रहे हैं। मलाई गांव के मोहम्मद मुबारिक, घुड़ावली के मुश्तकिम, इरफान एवं रूपडाका के सलीम हंगरी बॉर्डर पर हैं। मुश्तकिम के पिता एवं घुड़ावली के पूर्व सरपंच धुपू खान ने बताया कि मुश्तकिम उझोर्ड विश्वविद्यालय का छात्र है। उसने बताया कि हॉस्टल से बसों में हंगरी बॉर्डर पर आ गए हैं। जहां औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाने की मांग
घुड़ावली गांव के मास्टर आजम का पुत्र इरफान भी इसी विश्वविद्यालय में छात्र है। उन्होंने बताया कि उनकी भी बात हो चुकी है। रूपडाका गांव के निवर्तमान सरपंच मोहम्मद हुसैन ने बताया कि उनके गांव का सलीम भी पांचवें साल का छात्र है। वह भी बस में है। मलाई गांव के मोहम्मद इरशाद ने बताया कि उनका पुत्र मुबारिक भी बोर्डर पर है। कर्नाटक के एक छात्र की मौत के बाद छात्रों के अभिभावक चाहते हैं कि जितनी जल्दी हो उनके बच्चे वापिस घरों में आ जाएं। शहीदाने सभा के प्रधान सरफुद्दीन मेवाती ने मांग की है कि जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाकर अभिभावकों को वहां के हालातों से अवगत कराना चाहिए।
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