फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   pabulic sufring in street cattale

लावारिस मवेशियों से लोग परेशान

Tue, 02 Jul 2019 10:57 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jul 2019 10:57 PM IST
विज्ञापन
pabulic sufring in street cattale
लावारिस मवेशियों से लोग परेशान
विज्ञापन

होडल। शहर की सड़कों पर घूम रहे लावारिस मवेशी लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए है। दिन हो या रात लावारिस मवेशियों की टोलियां सड़कों के बीचों- बीच घूमती रहती है। जिसके चलते वाहन चालकों को अपने वाहन चलाने में दिक्कत हो रही है। इनकी वजह से कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी है। इधर, विभागीय अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते स्थानीय लोगों में रोष भी बना हुआ है। रूपा ठकराल, पूर्व पार्षद जगन लाल नांगल, हरीश शर्मा, भारत भूषण कालड़ा का कहना है कि लावारिस मवेशी खेतों में फसलों को भी खराब कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा वैसे तो शहर को ही नहीं पूरे पलवल जिले को कैटल फ्री घोषित किया हुआ है, लेकिन सड़कों पर लावारिस मवेशी घूमते रहते हैं। बाजारों में इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। जिसके चलते दुकानदारों की दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय प्रशासन की ओर से समय-समय पर अधिकारियों को इस संदर्भ में निर्देश भी दिए जाते हैं, लेकिन योजनाबद्ध ढंग से कार्य नहीं हो पाने का असर सड़कों पर दिखाई देता है।

----------
मुहिम चलाने की घोषणा भी कागजों में सिमटा
किसान नेता केशव देव का कहना है कि प्रदेश की सरकार और प्रशासन ने लावारिस मवेशियों के लिए एक मुहिम चलाने की घोषणा की थी, लेकिन सिर्फ घोषणा कागजों में सिमट कर रह गई। स्थानीय प्रशासन नहीं चाहता कि लावारिस मवेशियों से लोगों को निजात मिल सके। शहर के समाजसेवी नवीन कत्याल का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए गोसेवा आयोग को काम करना चाहिए। सड़कों पर लावारिस गोवंश को गोशालाओ में भिजवाना चाहिए, जिससे गोवंश व पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके ।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed