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लावारिस मवेशियों से लोग परेशान
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लावारिस मवेशियों से लोग परेशान
होडल। शहर की सड़कों पर घूम रहे लावारिस मवेशी लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए है। दिन हो या रात लावारिस मवेशियों की टोलियां सड़कों के बीचों- बीच घूमती रहती है। जिसके चलते वाहन चालकों को अपने वाहन चलाने में दिक्कत हो रही है। इनकी वजह से कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी है। इधर, विभागीय अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते स्थानीय लोगों में रोष भी बना हुआ है। रूपा ठकराल, पूर्व पार्षद जगन लाल नांगल, हरीश शर्मा, भारत भूषण कालड़ा का कहना है कि लावारिस मवेशी खेतों में फसलों को भी खराब कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा वैसे तो शहर को ही नहीं पूरे पलवल जिले को कैटल फ्री घोषित किया हुआ है, लेकिन सड़कों पर लावारिस मवेशी घूमते रहते हैं। बाजारों में इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। जिसके चलते दुकानदारों की दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय प्रशासन की ओर से समय-समय पर अधिकारियों को इस संदर्भ में निर्देश भी दिए जाते हैं, लेकिन योजनाबद्ध ढंग से कार्य नहीं हो पाने का असर सड़कों पर दिखाई देता है।
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मुहिम चलाने की घोषणा भी कागजों में सिमटा
किसान नेता केशव देव का कहना है कि प्रदेश की सरकार और प्रशासन ने लावारिस मवेशियों के लिए एक मुहिम चलाने की घोषणा की थी, लेकिन सिर्फ घोषणा कागजों में सिमट कर रह गई। स्थानीय प्रशासन नहीं चाहता कि लावारिस मवेशियों से लोगों को निजात मिल सके। शहर के समाजसेवी नवीन कत्याल का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए गोसेवा आयोग को काम करना चाहिए। सड़कों पर लावारिस गोवंश को गोशालाओ में भिजवाना चाहिए, जिससे गोवंश व पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके ।
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होडल। शहर की सड़कों पर घूम रहे लावारिस मवेशी लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए है। दिन हो या रात लावारिस मवेशियों की टोलियां सड़कों के बीचों- बीच घूमती रहती है। जिसके चलते वाहन चालकों को अपने वाहन चलाने में दिक्कत हो रही है। इनकी वजह से कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी है। इधर, विभागीय अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते स्थानीय लोगों में रोष भी बना हुआ है। रूपा ठकराल, पूर्व पार्षद जगन लाल नांगल, हरीश शर्मा, भारत भूषण कालड़ा का कहना है कि लावारिस मवेशी खेतों में फसलों को भी खराब कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा वैसे तो शहर को ही नहीं पूरे पलवल जिले को कैटल फ्री घोषित किया हुआ है, लेकिन सड़कों पर लावारिस मवेशी घूमते रहते हैं। बाजारों में इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। जिसके चलते दुकानदारों की दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय प्रशासन की ओर से समय-समय पर अधिकारियों को इस संदर्भ में निर्देश भी दिए जाते हैं, लेकिन योजनाबद्ध ढंग से कार्य नहीं हो पाने का असर सड़कों पर दिखाई देता है।
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मुहिम चलाने की घोषणा भी कागजों में सिमटा
किसान नेता केशव देव का कहना है कि प्रदेश की सरकार और प्रशासन ने लावारिस मवेशियों के लिए एक मुहिम चलाने की घोषणा की थी, लेकिन सिर्फ घोषणा कागजों में सिमट कर रह गई। स्थानीय प्रशासन नहीं चाहता कि लावारिस मवेशियों से लोगों को निजात मिल सके। शहर के समाजसेवी नवीन कत्याल का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए गोसेवा आयोग को काम करना चाहिए। सड़कों पर लावारिस गोवंश को गोशालाओ में भिजवाना चाहिए, जिससे गोवंश व पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके ।
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