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Palwal News: नवरात्र के दूसरे दिन मंदिरों में गूंजे मां ब्रह्मचारिणी के जयकारे
Sat, 05 Oct 2024 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Sat, 05 Oct 2024 12:02 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। शारदीय नवरात्र महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को भी मंदिरों में पूजा-अर्चना की गई। शहर के विभिन्न मंदिरों में मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई। घंटियों की आवाज के साथ जय माता दी के नारे गूंजते रहे। मंदिरों में पूजा अर्चना करने आने वाले श्रद्धालुओं में महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। जगह-जगह कीर्तन व भजनों के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पलवल ब्रज क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण यहां विशेष तरीके के नवरात्र मनाए जाते हैं। शुक्रवार को शहर के पचोवन मंदिर, देवी का मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, खाटू श्याम मंदिर, खोंटा मंदिर, जंगेश्वर मंदिर, संतोषी माता मंदिर खैलकलां, काली माता मंदिर में तथा खासकर कमेटी चौक स्थित देवी माता मंदिर में विशेष पूजा की गई। देवी के मंदिर में सुबह से ही पूजा करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। महिलाओं ने मंदिर में पहुंचकर जहां मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की, वहीं कथा सुनने के बाद भजनों पर नृत्य भी किया। दोपहर तक मंदिरों में रौनक रही।
मंदिरों के बाहर फल-फूल खरीदने वालों की लगी रही भीड़
मंदिरों के बाहर फल, फूल व प्रसाद की दुकानें सजी हुई हैं। साथ ही बच्चों के लिए खिलौने आदि की दुकानें भी लगी हुई हैं। पूजा करने आने वाले श्रद्धालुओं की इन दुकानों पर खरीदारी के लिए काफी भीड़ लगी रही। वहीं माता-पिता के साथ मंदिर पूजा करने आए छोटे बच्चों ने भी खिलौनों की खूब खरीदारी की।
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नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी को तपस्या और ज्ञान की देवी माना जाता है। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से आलस्य, अहंकार, लोभ, असत्य, स्वार्थ, और ईर्ष्या जैसी बुराई दूर होती हैं। नवरात्र के दौरान व्रतधारियों को ही नहीं सभी को सुबह जल्द उठकर स्नान कर घरों में तथा मंदिरों में पूजा करनी चाहिए।
- आचार्य परमानंद शास्त्री
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पलवल। शारदीय नवरात्र महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को भी मंदिरों में पूजा-अर्चना की गई। शहर के विभिन्न मंदिरों में मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई। घंटियों की आवाज के साथ जय माता दी के नारे गूंजते रहे। मंदिरों में पूजा अर्चना करने आने वाले श्रद्धालुओं में महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। जगह-जगह कीर्तन व भजनों के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पलवल ब्रज क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण यहां विशेष तरीके के नवरात्र मनाए जाते हैं। शुक्रवार को शहर के पचोवन मंदिर, देवी का मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, खाटू श्याम मंदिर, खोंटा मंदिर, जंगेश्वर मंदिर, संतोषी माता मंदिर खैलकलां, काली माता मंदिर में तथा खासकर कमेटी चौक स्थित देवी माता मंदिर में विशेष पूजा की गई। देवी के मंदिर में सुबह से ही पूजा करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। महिलाओं ने मंदिर में पहुंचकर जहां मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की, वहीं कथा सुनने के बाद भजनों पर नृत्य भी किया। दोपहर तक मंदिरों में रौनक रही।
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मंदिरों के बाहर फल-फूल खरीदने वालों की लगी रही भीड़
मंदिरों के बाहर फल, फूल व प्रसाद की दुकानें सजी हुई हैं। साथ ही बच्चों के लिए खिलौने आदि की दुकानें भी लगी हुई हैं। पूजा करने आने वाले श्रद्धालुओं की इन दुकानों पर खरीदारी के लिए काफी भीड़ लगी रही। वहीं माता-पिता के साथ मंदिर पूजा करने आए छोटे बच्चों ने भी खिलौनों की खूब खरीदारी की।
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नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी को तपस्या और ज्ञान की देवी माना जाता है। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से आलस्य, अहंकार, लोभ, असत्य, स्वार्थ, और ईर्ष्या जैसी बुराई दूर होती हैं। नवरात्र के दौरान व्रतधारियों को ही नहीं सभी को सुबह जल्द उठकर स्नान कर घरों में तथा मंदिरों में पूजा करनी चाहिए।
- आचार्य परमानंद शास्त्री