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Palwal News: उपकार व शिवा अस्पताल का 6 माह के लिए एमटीपी रजिस्ट्रेशन रद्द
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सीएमओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम को औचक निरीक्षण में दोनों अस्पतालों में अधूरे दस्तावेज और नियमों का मिला उल्लंघन
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। स्वास्थ्य विभाग की टीम और सीएमओ डॉ. जय भगवान जाटान ने उपकार और शिवा अस्पताल में बृहस्पतिवार को औचक निरीक्षण किया। टीम को उपकार अस्पताल के प्रसव कक्ष व ऑपरेशन थिएटर में गंदगी मिली। ऑक्सीजन नोजल भी खुला हुआ हुआ था। वहीं, शिवा अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम का एक ही कमरे में संचालन हो रहा था। दोनों ही अस्पतालों में एमटीपी रजिस्टर का रिकॉर्ड अधूरा पाया गया। इन सभी अनियमितताओं के कारण दोनों अस्पतालों का 6 माह के लिए एमटीपी रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया।
औचक निरीक्षण के दौरान वहां टीम के साथ एमटीपी नोडल अधिकारी डॉ. संजय शर्मा, नागरिक अस्पताल की गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. राशि, डीसीओ प्रदीप दहिया भी मौजूद रहे। सीएमओ और टीम पहले उपकार अस्पताल गई। टीम ने प्रसव कक्ष व ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण किया, जहां पर गंदगी पाई गई और प्रयोग किए गए और खोले गए कोर्ड क्लैंप, डिस्पोजेबल कैनुला, सक्शन टिप्स, प्रेगनेंसी कैथेटर और कॉन्डम कैथेटर पाए गए। ऑक्सीजन नोजल भी खुला हुआ था और प्रयोगशाला भी अस्वच्छ पाई गई। साथ ही उनके पास सर्जिकल उपकरणों की सूची भी नहीं थी। नवजात कैरीयर और बायोमेडिकल वेस्ट की व्यवस्था भी ठीक नहीं थी। एमटीपी रजिस्टर में रिकॉर्ड अधूरा पाया गया। बच्चों की संख्या, गर्भकाल, आयु आदि फार्मों में नहीं चढ़ाए गए थे।
मरीज की फाइल में नहीं मिला नाम व सहमति फॉर्म
निरीक्षण के दौरान केस नंबर 10/2024 की फाइल में नाम व सहमति फॉर्म नहीं मिला। हेड कंसलटेंट का उल्लेख भी नहीं पाया गया व उसकी दवाइयां भी निर्धारित नहीं थीं। मौके पर उनके पास कोई ब्लड जांच या मेडिकल गर्भपात की प्रक्रिया का रिकॉर्ड नहीं मिला। वहां पर डिस्पोजेबल कैनुला का पुनः उपयोग किया गया जो कि नियम के विरुद्ध है। जांच में पाया गया कि एमटीपी नंबर 04/ 2024 रोगी ने मेडिकल गर्भ समापन की मांग की थी। परंतु उनके द्वारा सर्जिकल प्रक्रिया की गई। उस केंद्र पर एमटीपी के लिए मिफेप्रिस्टोल और मिजोप्रोस्टोल की गोलियां बिना पर्ची के वितरित की जा रही थीं। निरीक्षण के दौरान उस क्लीनिक में बिना पर्ची के 6 मेफिप्रिस्टोल और 8 मिजोप्रिस्टोल गोलियां मिलीं। केंद्र संचालक डॉ. साधना गुप्ता की उपस्थिति में निरीक्षण किया गया। अंत में सिविल सर्जन डॉ. जय भगवान जाटान ने कड़ा रुख अपनाते हुए इन कमियों को सही करने के निर्देश दिए और सिविल सर्जन ने उपकार अस्पताल का एमटीपी रजिस्ट्रेशन एमटीपी नियमों के अंतर्गत 6 महीने के लिए रद्द कर दिया है।
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वहीं, स्वास्थ्य विभाग की प्रवक्ता डॉ. सुषमा चौधरी ने बताया कि सिविल सर्जन ने शिवा हॉस्पिटल न्यू सोहना रोड पलवल का शाम 6:15 बजे निरीक्षण किया। उन्होंने शिवा अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में एक ही कमरे में दोनों कार्य किए जा रहे थे। उसके बाद एमटीपी का निरीक्षण किया गया। वहां पर सभी पुराने उपकरण और एक्सपायरी दवाइयां भी मिलीं। मानकों के अनुसार ऑपरेशन थिएटर में साफ सफाई भी नहीं पाई गई। ऑपरेशन थिएटर में कोई स्क्रब रूम, रिकवरी रूम या चेंजिंग रूम नहीं मिला।
बायोमेडिकल वेस्ट के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने देखा कि टैबलेट का गलत तरीके से प्रयोग किया जा रहा था। ब्लड जांच का भी कोई रिकॉर्ड नहीं पाया गया। अस्पताल में कोई सिटिजन चार्ट उपलब्ध नहीं था। यह निरीक्षण अस्पताल की मालिक डॉ. वीणा की उपस्थिति में किया गया। नियमों के उल्लंघन और अनियमितताओं के कारण सिविल सर्जन ने कड़ा रुख अपनाते हुए इन कमियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए और शिवा अस्पताल पलवल का भी एमटीपी रजिस्ट्रेशन एमटीपी नियमों के अंतर्गत 6 महीने के लिए रद्द कर दिया है।
फोटो कैप्शन-- प्राइवेट अस्पताल के प्रसव कक्ष व ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण करते हुए सीएमओ और उनकी टीम।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। स्वास्थ्य विभाग की टीम और सीएमओ डॉ. जय भगवान जाटान ने उपकार और शिवा अस्पताल में बृहस्पतिवार को औचक निरीक्षण किया। टीम को उपकार अस्पताल के प्रसव कक्ष व ऑपरेशन थिएटर में गंदगी मिली। ऑक्सीजन नोजल भी खुला हुआ हुआ था। वहीं, शिवा अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम का एक ही कमरे में संचालन हो रहा था। दोनों ही अस्पतालों में एमटीपी रजिस्टर का रिकॉर्ड अधूरा पाया गया। इन सभी अनियमितताओं के कारण दोनों अस्पतालों का 6 माह के लिए एमटीपी रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया।
औचक निरीक्षण के दौरान वहां टीम के साथ एमटीपी नोडल अधिकारी डॉ. संजय शर्मा, नागरिक अस्पताल की गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. राशि, डीसीओ प्रदीप दहिया भी मौजूद रहे। सीएमओ और टीम पहले उपकार अस्पताल गई। टीम ने प्रसव कक्ष व ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण किया, जहां पर गंदगी पाई गई और प्रयोग किए गए और खोले गए कोर्ड क्लैंप, डिस्पोजेबल कैनुला, सक्शन टिप्स, प्रेगनेंसी कैथेटर और कॉन्डम कैथेटर पाए गए। ऑक्सीजन नोजल भी खुला हुआ था और प्रयोगशाला भी अस्वच्छ पाई गई। साथ ही उनके पास सर्जिकल उपकरणों की सूची भी नहीं थी। नवजात कैरीयर और बायोमेडिकल वेस्ट की व्यवस्था भी ठीक नहीं थी। एमटीपी रजिस्टर में रिकॉर्ड अधूरा पाया गया। बच्चों की संख्या, गर्भकाल, आयु आदि फार्मों में नहीं चढ़ाए गए थे।
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मरीज की फाइल में नहीं मिला नाम व सहमति फॉर्म
निरीक्षण के दौरान केस नंबर 10/2024 की फाइल में नाम व सहमति फॉर्म नहीं मिला। हेड कंसलटेंट का उल्लेख भी नहीं पाया गया व उसकी दवाइयां भी निर्धारित नहीं थीं। मौके पर उनके पास कोई ब्लड जांच या मेडिकल गर्भपात की प्रक्रिया का रिकॉर्ड नहीं मिला। वहां पर डिस्पोजेबल कैनुला का पुनः उपयोग किया गया जो कि नियम के विरुद्ध है। जांच में पाया गया कि एमटीपी नंबर 04/ 2024 रोगी ने मेडिकल गर्भ समापन की मांग की थी। परंतु उनके द्वारा सर्जिकल प्रक्रिया की गई। उस केंद्र पर एमटीपी के लिए मिफेप्रिस्टोल और मिजोप्रोस्टोल की गोलियां बिना पर्ची के वितरित की जा रही थीं। निरीक्षण के दौरान उस क्लीनिक में बिना पर्ची के 6 मेफिप्रिस्टोल और 8 मिजोप्रिस्टोल गोलियां मिलीं। केंद्र संचालक डॉ. साधना गुप्ता की उपस्थिति में निरीक्षण किया गया। अंत में सिविल सर्जन डॉ. जय भगवान जाटान ने कड़ा रुख अपनाते हुए इन कमियों को सही करने के निर्देश दिए और सिविल सर्जन ने उपकार अस्पताल का एमटीपी रजिस्ट्रेशन एमटीपी नियमों के अंतर्गत 6 महीने के लिए रद्द कर दिया है।
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वहीं, स्वास्थ्य विभाग की प्रवक्ता डॉ. सुषमा चौधरी ने बताया कि सिविल सर्जन ने शिवा हॉस्पिटल न्यू सोहना रोड पलवल का शाम 6:15 बजे निरीक्षण किया। उन्होंने शिवा अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में एक ही कमरे में दोनों कार्य किए जा रहे थे। उसके बाद एमटीपी का निरीक्षण किया गया। वहां पर सभी पुराने उपकरण और एक्सपायरी दवाइयां भी मिलीं। मानकों के अनुसार ऑपरेशन थिएटर में साफ सफाई भी नहीं पाई गई। ऑपरेशन थिएटर में कोई स्क्रब रूम, रिकवरी रूम या चेंजिंग रूम नहीं मिला।
बायोमेडिकल वेस्ट के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने देखा कि टैबलेट का गलत तरीके से प्रयोग किया जा रहा था। ब्लड जांच का भी कोई रिकॉर्ड नहीं पाया गया। अस्पताल में कोई सिटिजन चार्ट उपलब्ध नहीं था। यह निरीक्षण अस्पताल की मालिक डॉ. वीणा की उपस्थिति में किया गया। नियमों के उल्लंघन और अनियमितताओं के कारण सिविल सर्जन ने कड़ा रुख अपनाते हुए इन कमियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए और शिवा अस्पताल पलवल का भी एमटीपी रजिस्ट्रेशन एमटीपी नियमों के अंतर्गत 6 महीने के लिए रद्द कर दिया है।
फोटो कैप्शन