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Palwal News: जहरीला पदार्थ निगलने से मां-बेटे की मौत
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03पीएएलपी4- जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कार्रवाई के दौरान गमगीन बैठे परिजन। - संवाद
03पीएएलपी5- परिजनों से मामले की जानकारी लेते पुलिस अधिकारी। - संवाद
शनिवार रात को अचानक तबीयत खराब होने पर अस्पताल में कराए गए थे भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गांव रजोलका में मां-बेटे की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। शनिवार रात को दोनों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार सुबह दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत का कारण जहरीला पदार्थ निगलना बताया जा रहा है। सदर थाना पुलिस ने परिजनों के बयान पर मामले में भादंसं की धारा 174 के तहत कार्रवाई की है। रविवार दोपहर जिला नागरिक अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान अस्पताल में भारी भीड़ मौजूद रही। एक साथ मां-बेटे की मौत से गांव में गम का माहौल है।
सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विश्व गौरव के अनुसार, रविवार सुबह उन्हें सूचना मिली कि गांव रजोलका में 43 वर्षीय महिला ममता उर्फ अनुपमा व उसके बेटे 20 वर्षीय योगेश की जहरीला पदार्थ निगलने से मौत हो गई। मामले में गांव रजोलका निवासी हुकम चंद ने बयान दिए हैं कि उसका छोटा भाई सुरेश भारतीय सेना से सेवानिवृत्त है तथा फिलहाल कैंप थाना पलवल में बतौर एसपीओ कार्यरत है। उसका भाई पिछले पांच दिनों से घर से बाहर है। घर पर उसके भाई की पत्नी ममता उर्फ अनुपमा, बेटा योगेश व छोटा बेटा मौजूद था। शनिवार रात को उसे पता चला कि ममता व योगेश की तबीयत अचानक खराब हो गई है तथा दोनों उल्टियां कर रहे हैं। परिवार के लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंच कर दोनों को पलवल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रविवार सुबह योगेश व उसके बाद ममता की मौत हो गई। उन्हें लगता है कि भूलवश दोनों ने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया है, जिससे दोनों की मौत हुई है। जांच अधिकारी गुरुमुख सिंह ने बताया कि परिजनों के बयान पर शवों का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जहरीले पदार्थ के बारे में जानकारी प्राप्त होगी। फिलहाल परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
पिता को नहीं हुआ पत्नी व बेटे की मौत का विश्वास
भारतीय सेना में रहकर लंबे समय तक देश की सेवा करने वाले सुरेश कुमार करीब पांच साल पहले सेवानिवृत्त हुए। परिवार को सुखमय जीवन देने के उद्देश्य से सुरेश हरियाणा पुलिस में एसपीओ के रूप में नियुक्त हो गए। सुरेश दिन-रात की परवाह किए बिना परिवार की सुख-समृद्धि के लिए अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। कैंप थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्यनारायण के अनुसार, पांच दिन पहले सुरेश टीम के साथ किसी मामले में महाराष्ट्र के कोल्हापुर रेड पर गया हुआ था। रविवार सुबह उन्हें जब दुखद घटना के बारे में बताया गया तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ और उन्हें महाराष्ट्र से तुरंत पलवल के लिए रवाना कर दिया गया। रविवार दोपहर बाद वे पलवल पहुंचे तो बेटे व पत्नी के शवों को देख बिलख उठे।
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बी-फार्मेसी की पढ़ाई कर रहा था योगेश
गांव रजोलका में एक हंसता-खेलता परिवार कुछ घंटों में ही उजड़ गया। फौज की पेंशन व एसपीओ के वेतन से सुरेश कुमार अपने परिवार को हर खुशी देना चाहते थे। वह अपने बड़े बेटे योगेश को गांव छज्जूनगर स्थित चौधरी हीरालाल कॉलेज से बी-फार्मेसी की पढ़ाई करा रहे थे, जबकि छोटा बेटा विशेष अभी सातवीं कक्षा में ही पढ़ रहा है। बीते साल बड़ी बेटी की शादी करने के बाद दोनों बेटों व पत्नी के साथ सुखमय जीवन गुजर रहा था। बड़े बेटे योगेश का भविष्य बनाने के बाद छोटे बेटे विशेष के लिए उन्होंने सुहावने सपने संजोए रखे थे, परंतु एक रात में ही उनका हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया और उनके सारे सपने अधूरे रह गए।
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03पीएएलपी5- परिजनों से मामले की जानकारी लेते पुलिस अधिकारी। - संवाद
शनिवार रात को अचानक तबीयत खराब होने पर अस्पताल में कराए गए थे भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गांव रजोलका में मां-बेटे की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। शनिवार रात को दोनों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार सुबह दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत का कारण जहरीला पदार्थ निगलना बताया जा रहा है। सदर थाना पुलिस ने परिजनों के बयान पर मामले में भादंसं की धारा 174 के तहत कार्रवाई की है। रविवार दोपहर जिला नागरिक अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान अस्पताल में भारी भीड़ मौजूद रही। एक साथ मां-बेटे की मौत से गांव में गम का माहौल है।
सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विश्व गौरव के अनुसार, रविवार सुबह उन्हें सूचना मिली कि गांव रजोलका में 43 वर्षीय महिला ममता उर्फ अनुपमा व उसके बेटे 20 वर्षीय योगेश की जहरीला पदार्थ निगलने से मौत हो गई। मामले में गांव रजोलका निवासी हुकम चंद ने बयान दिए हैं कि उसका छोटा भाई सुरेश भारतीय सेना से सेवानिवृत्त है तथा फिलहाल कैंप थाना पलवल में बतौर एसपीओ कार्यरत है। उसका भाई पिछले पांच दिनों से घर से बाहर है। घर पर उसके भाई की पत्नी ममता उर्फ अनुपमा, बेटा योगेश व छोटा बेटा मौजूद था। शनिवार रात को उसे पता चला कि ममता व योगेश की तबीयत अचानक खराब हो गई है तथा दोनों उल्टियां कर रहे हैं। परिवार के लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंच कर दोनों को पलवल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रविवार सुबह योगेश व उसके बाद ममता की मौत हो गई। उन्हें लगता है कि भूलवश दोनों ने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया है, जिससे दोनों की मौत हुई है। जांच अधिकारी गुरुमुख सिंह ने बताया कि परिजनों के बयान पर शवों का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जहरीले पदार्थ के बारे में जानकारी प्राप्त होगी। फिलहाल परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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पिता को नहीं हुआ पत्नी व बेटे की मौत का विश्वास
भारतीय सेना में रहकर लंबे समय तक देश की सेवा करने वाले सुरेश कुमार करीब पांच साल पहले सेवानिवृत्त हुए। परिवार को सुखमय जीवन देने के उद्देश्य से सुरेश हरियाणा पुलिस में एसपीओ के रूप में नियुक्त हो गए। सुरेश दिन-रात की परवाह किए बिना परिवार की सुख-समृद्धि के लिए अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। कैंप थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्यनारायण के अनुसार, पांच दिन पहले सुरेश टीम के साथ किसी मामले में महाराष्ट्र के कोल्हापुर रेड पर गया हुआ था। रविवार सुबह उन्हें जब दुखद घटना के बारे में बताया गया तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ और उन्हें महाराष्ट्र से तुरंत पलवल के लिए रवाना कर दिया गया। रविवार दोपहर बाद वे पलवल पहुंचे तो बेटे व पत्नी के शवों को देख बिलख उठे।
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बी-फार्मेसी की पढ़ाई कर रहा था योगेश
गांव रजोलका में एक हंसता-खेलता परिवार कुछ घंटों में ही उजड़ गया। फौज की पेंशन व एसपीओ के वेतन से सुरेश कुमार अपने परिवार को हर खुशी देना चाहते थे। वह अपने बड़े बेटे योगेश को गांव छज्जूनगर स्थित चौधरी हीरालाल कॉलेज से बी-फार्मेसी की पढ़ाई करा रहे थे, जबकि छोटा बेटा विशेष अभी सातवीं कक्षा में ही पढ़ रहा है। बीते साल बड़ी बेटी की शादी करने के बाद दोनों बेटों व पत्नी के साथ सुखमय जीवन गुजर रहा था। बड़े बेटे योगेश का भविष्य बनाने के बाद छोटे बेटे विशेष के लिए उन्होंने सुहावने सपने संजोए रखे थे, परंतु एक रात में ही उनका हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया और उनके सारे सपने अधूरे रह गए।