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Palwal News: जिला जेल पलवल में लगी लोक अदालत
Wed, 15 Oct 2025 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Wed, 15 Oct 2025 11:13 PM IST
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एक कैदी को अब तक काटी गई सजा के आधार मिली रिहाई
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। न्याय की पहुंच जेल की दीवारों तक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव मेनका सिंह ने बुधवार को जिला जेल पलवल में लोक अदालत का आयोजन किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिषेक फुटेला के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत में सीजेएम मेनका सिंह ने एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई की और एक कैदी को उसकी अब तक काटी गई सजा के आधार पर रिहा करने का आदेश दिया।
लोक अदालत के दौरान जेल परिसर में न्यायिक प्रक्रिया का एक मानवीय रूप देखने को मिला। सीजेएम मेनका सिंह ने कहा कि जेल में बंद प्रत्येक व्यक्ति को न्याय पाने का समान अधिकार है और विधिक सहायता के माध्यम से समाज के हर वर्ग को न्याय के दायरे में लाना हमारा दायित्व है। उन्होंने कैदियों को बताया कि जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान करता है, ताकि कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।
सीजेएम ने इस मौके पर जेल अधिकारियों, कर्मचारियों और कैदियों को विधिक अधिकारों, अपील प्रक्रिया और पैरोल संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान प्राधिकरण के बचाव पक्ष अधिवक्ता अमित कुमार, प्राधिकरण लिपिक गगनदीप, जेल उप-सहायक सरोज, जेल स्टाफ और कैदी मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। न्याय की पहुंच जेल की दीवारों तक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव मेनका सिंह ने बुधवार को जिला जेल पलवल में लोक अदालत का आयोजन किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिषेक फुटेला के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत में सीजेएम मेनका सिंह ने एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई की और एक कैदी को उसकी अब तक काटी गई सजा के आधार पर रिहा करने का आदेश दिया।
लोक अदालत के दौरान जेल परिसर में न्यायिक प्रक्रिया का एक मानवीय रूप देखने को मिला। सीजेएम मेनका सिंह ने कहा कि जेल में बंद प्रत्येक व्यक्ति को न्याय पाने का समान अधिकार है और विधिक सहायता के माध्यम से समाज के हर वर्ग को न्याय के दायरे में लाना हमारा दायित्व है। उन्होंने कैदियों को बताया कि जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान करता है, ताकि कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।
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सीजेएम ने इस मौके पर जेल अधिकारियों, कर्मचारियों और कैदियों को विधिक अधिकारों, अपील प्रक्रिया और पैरोल संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान प्राधिकरण के बचाव पक्ष अधिवक्ता अमित कुमार, प्राधिकरण लिपिक गगनदीप, जेल उप-सहायक सरोज, जेल स्टाफ और कैदी मौजूद रहे।
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