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Palwal News: हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग जीवन रक्षा के लिए जरूरी
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आईटीआई के विद्यार्थियों को दिया प्रशिक्षण देते विषय विशेषज्ञ।
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। राजकीय आईटीआई नूंह में सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा एवं बेसिक फर्स्ट एड विषय पर जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 300 विद्यार्थियों ने भाग लिया। उपायुक्त अखिल पिलानी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों की पालना और आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई।
आईटीआई के प्रधानाचार्य सुधीर कुमार ने विद्यार्थियों से यातायात नियमों का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नियमों की पालना से सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। आपात स्थिति में जीवन बचाने के लिए सीपीआर का ज्ञान भी जरूरी है। ट्रैफिक पुलिस थाना मांडीखेड़ा के उप अधीक्षक बाबू लाल ने विद्यार्थियों से अपने परिवार और परिचितों को वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रयोग के लिए प्रेरित करने की अपील की।
जिला प्रशिक्षण अधिकारी महेश सिंह मलिक ने बताया कि दोपहिया वाहन पर चालक के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट पहनना जरूरी है। चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग जीवन रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की भी अपील की।
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प्रशिक्षण के दौरान दुर्घटना की स्थिति में एंबुलेंस पहुंचने तक घायल को दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को रक्तस्राव रोकने, घायल अंग को स्थिर रखने और घायल को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के तरीके बताए गए। हृदय गति और श्वास रुकने की स्थिति में सीपीआर का प्रयोगात्मक प्रशिक्षण भी दिया गया।
आरटीए नूंह के परिवहन उप निरीक्षक तेजपाल यादव ने विद्यार्थियों और स्टाफ को सड़क सुरक्षा नियमों की पालना की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी और तकनीकी संस्थान के अधिकारियों व कर्मचारियों का सहयोग रहा।
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नूंह। राजकीय आईटीआई नूंह में सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा एवं बेसिक फर्स्ट एड विषय पर जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 300 विद्यार्थियों ने भाग लिया। उपायुक्त अखिल पिलानी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों की पालना और आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई।
आईटीआई के प्रधानाचार्य सुधीर कुमार ने विद्यार्थियों से यातायात नियमों का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नियमों की पालना से सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। आपात स्थिति में जीवन बचाने के लिए सीपीआर का ज्ञान भी जरूरी है। ट्रैफिक पुलिस थाना मांडीखेड़ा के उप अधीक्षक बाबू लाल ने विद्यार्थियों से अपने परिवार और परिचितों को वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रयोग के लिए प्रेरित करने की अपील की।
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जिला प्रशिक्षण अधिकारी महेश सिंह मलिक ने बताया कि दोपहिया वाहन पर चालक के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट पहनना जरूरी है। चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग जीवन रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की भी अपील की।
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प्रशिक्षण के दौरान दुर्घटना की स्थिति में एंबुलेंस पहुंचने तक घायल को दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को रक्तस्राव रोकने, घायल अंग को स्थिर रखने और घायल को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के तरीके बताए गए। हृदय गति और श्वास रुकने की स्थिति में सीपीआर का प्रयोगात्मक प्रशिक्षण भी दिया गया।
आरटीए नूंह के परिवहन उप निरीक्षक तेजपाल यादव ने विद्यार्थियों और स्टाफ को सड़क सुरक्षा नियमों की पालना की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी और तकनीकी संस्थान के अधिकारियों व कर्मचारियों का सहयोग रहा।