{"_id":"6aa19ad8055987461f079a70","slug":"indiscriminate-mining-in-mohdamka-water-accumulating-in-fields-crops-getting-damaged-palwal-news-c-24-1-pal1008-127900-2026-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: मोहदमका में अंधाधुंध खनन, खेतों में पानी जमा, खराब हो रहीं फसलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: मोहदमका में अंधाधुंध खनन, खेतों में पानी जमा, खराब हो रहीं फसलें
विज्ञापन
किसानों ने जलनिकासी और पंपसेट लगाने की मांग उठाई, बोले-ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बहीन। गांव मोहदमका में अंधाधुंध मिट्टी खनन और खेतों से बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश के बाद ही खेतों में पानी जमा हो जाता है। इससे खरीफ की फसल खराब होने के साथ रबी की फसल की समय पर बिजाई भी प्रभावित होती है। किसानों का आरोप है कि समस्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में चार-पांच ईंट भट्ठे हैं। कुछ किसानों ने पहले अपने खेतों से मिट्टी भट्ठों के लिए उठवा दी, जिससे उनके खेत गहरे हो गए। इसके बाद आसपास के ऊंचाई वाले खेतों से बारिश का पानी और मिट्टी बहकर इन गहरे खेतों में जमा होने लगी। स्थिति ऐसी हो गई कि जलभराव से सेम जैसी समस्या पैदा होने लगी। इसके चलते आसपास के किसानों को भी खेतों की मिट्टी खुदवाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है। अभी गांव के कुछ हिस्सों में ही खेती प्रभावित हुई है, लेकिन जल्द समाधान नहीं हुआ तो इसका दायरा बढ़ेगा।
- रफीक, ग्रामीण
ऊंचाई वाले खेतों में अभी फसल खड़ी है, लेकिन जलनिकासी नहीं होने के कारण वह भी खराब हो रही है। किसानों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- खुर्शीद, ग्रामीण
खेतों के लिए बनी माइनर की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। यदि सफाई कर दी जाए तो किसान ट्रैक्टर पंप लगाकर खेतों से पानी निकाल सकते हैं।
- राशिद, ग्रामीण
कोंडल के खेतों में सेम की समस्या दूर करने के लिए सरकार ने मोटर पंपसेट लगाए हैं। इसी तरह गांव में भी पंपसेट लगाकर पानी की निकासी कराई जाए।
- नब्बू, ग्रामीण
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बहीन। गांव मोहदमका में अंधाधुंध मिट्टी खनन और खेतों से बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश के बाद ही खेतों में पानी जमा हो जाता है। इससे खरीफ की फसल खराब होने के साथ रबी की फसल की समय पर बिजाई भी प्रभावित होती है। किसानों का आरोप है कि समस्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में चार-पांच ईंट भट्ठे हैं। कुछ किसानों ने पहले अपने खेतों से मिट्टी भट्ठों के लिए उठवा दी, जिससे उनके खेत गहरे हो गए। इसके बाद आसपास के ऊंचाई वाले खेतों से बारिश का पानी और मिट्टी बहकर इन गहरे खेतों में जमा होने लगी। स्थिति ऐसी हो गई कि जलभराव से सेम जैसी समस्या पैदा होने लगी। इसके चलते आसपास के किसानों को भी खेतों की मिट्टी खुदवाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
विज्ञापन
आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है। अभी गांव के कुछ हिस्सों में ही खेती प्रभावित हुई है, लेकिन जल्द समाधान नहीं हुआ तो इसका दायरा बढ़ेगा।
- रफीक, ग्रामीण
ऊंचाई वाले खेतों में अभी फसल खड़ी है, लेकिन जलनिकासी नहीं होने के कारण वह भी खराब हो रही है। किसानों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- खुर्शीद, ग्रामीण
खेतों के लिए बनी माइनर की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। यदि सफाई कर दी जाए तो किसान ट्रैक्टर पंप लगाकर खेतों से पानी निकाल सकते हैं।
- राशिद, ग्रामीण
कोंडल के खेतों में सेम की समस्या दूर करने के लिए सरकार ने मोटर पंपसेट लगाए हैं। इसी तरह गांव में भी पंपसेट लगाकर पानी की निकासी कराई जाए।
- नब्बू, ग्रामीण