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Palwal News: मेडिकल कॉलेज रोड पर हो रहा अवैध निर्माण
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मेडिकल कॉलेज रोड पर बन रहे मकान।
बिना नक्शा स्वीकृति और एनओसी के बन रहे मकान-दुकान
शेर सिंह डागर
नूंह। जिला मुख्यालय नूंह की सबसे महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज रोड इन दिनों तेजी से हो रहे अवैध निर्माणों को लेकर चर्चा में है। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में मकान, दुकानें और व्यावसायिक भवन निर्माणाधीन हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इनमें से अधिकतर निर्माण कार्य बिना स्वीकृत नक्शे और आवश्यक अनुमति के कृषि भूमि पर कराए जा रहे हैं। इससे न केवल भवन निर्माण नियमों की अनदेखी हो रही है, बल्कि सरकार के राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
मेडिकल कॉलेज रोड पर पिछले कुछ महीनों में निर्माण गतिविधियां काफी बढ़ी हैं। सड़क किनारे आवासीय भवनों के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी तेजी से विकसित हो रहे हैं। निर्माण कार्यों की गति देखकर स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही, जिससे नियमों की पालना पर सवाल उठ रहे हैं।
नगर परिषद और जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) कार्यालय की जिम्मेदारी है कि नगर क्षेत्र में होने वाले भवन निर्माण निर्धारित नियमों के अनुसार हों। भवन निर्माण से पहले संबंधित प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत कराना तथा जहां आवश्यक हो वहां संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त करना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद यदि बिना अनुमति निर्माण हो रहे हैं तो यह नियामकीय व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्न खड़े करता है।
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स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, नगर परिषद और जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) कार्यालय से मेडिकल कॉलेज रोड पर हो रहे सभी निर्माण कार्यों का निरीक्षण, नियमों के अनुरूप कार्रवाई तथा अधिकृत और अनधिकृत निर्माण की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।
भविष्य में बढ़ जाएंगी समस्याएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे निर्माणों की जांच नहीं हुई तो भविष्य में अतिक्रमण, पार्किंग, यातायात और जल निकासी जैसी समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं। अधिकांश स्थानों पर कृषि भूमि का व्यावसायिक उपयोग की भी चर्चा है, जिसकी जांच संबंधित विभागों को करनी चाहिए।
शहर के जागरूक लोगों का कहना है कि यदि सभी निर्माण नियमानुसार स्वीकृति लेकर किए जा रहे हैं तो संबंधित विभागों को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं, यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो उसके विरुद्ध समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि कानून का पालन सुनिश्चित हो और सरकार को मिलने वाले शुल्क एवं अन्य राजस्व की हानि न हो।
क्या कहते हैं नियम
हरियाणा में नगर क्षेत्र के भीतर भवन निर्माण के लिए सामान्यतः संबंधित प्राधिकरण से भवन नक्शा स्वीकृत कराना आवश्यक होता है।
भूमि उपयोग, भवन की श्रेणी और स्थान के अनुसार विभिन्न विभागों की अनुमति या एनओसी भी आवश्यक हो सकती है।
बिना स्वीकृति निर्माण पाए जाने पर संबंधित प्राधिकरण को नोटिस जारी करने, निर्माण रुकवाने, जुर्माना लगाने अथवा नियमों के अनुसार कार्रवाई करने का अधिकार होता है।
उठ रहे हैं ये सवाल
मेडिकल कॉलेज रोड पर पिछले महीनों में कितने भवन निर्माण की अनुमति दी गई?
कितने निर्माण कार्यों का नक्शा विधिवत स्वीकृत है?
क्या निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है?
यदि बिना अनुमति निर्माण हो रहे हैं तो अब तक कितने नोटिस जारी किए गए?
सरकार को भवन स्वीकृति शुल्क और अन्य मदों में कितना राजस्व प्राप्त हुआ और संभावित नुकसान कितना है?
कोट
अधिकांश निर्माण कृषि योग्य भूमि पर हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज रोड पर जो निर्माण कार्य हो रहे वह डीटीपी के अंतर्गत आते हैं। हम डीटीपी को मौखिक कह चुके हैं, लेकिन वो कोई कार्रवाई नहीं कर रहे । केवल लीपापोती तक सीमित हैं। नप का दायरा नूंह डिस्ट्रीब्यूटरी तक है। यहां से आगे डीटीपी का है और वहीं अवैध निर्माण हो रहे हैं। -संजय मनोचा, चेयरमैन नप, नूंह
मेडिकल कॉलेज पर कुछ एरिया हमारे तो कुछ नगर परिषद के अंतर्गत आता है। यह देखना पड़ेगा निर्माण कार्य कहां चल रहे हैं। -बिनेश कुमार, डीटीपी, नूंह
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शेर सिंह डागर
नूंह। जिला मुख्यालय नूंह की सबसे महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज रोड इन दिनों तेजी से हो रहे अवैध निर्माणों को लेकर चर्चा में है। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में मकान, दुकानें और व्यावसायिक भवन निर्माणाधीन हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इनमें से अधिकतर निर्माण कार्य बिना स्वीकृत नक्शे और आवश्यक अनुमति के कृषि भूमि पर कराए जा रहे हैं। इससे न केवल भवन निर्माण नियमों की अनदेखी हो रही है, बल्कि सरकार के राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
मेडिकल कॉलेज रोड पर पिछले कुछ महीनों में निर्माण गतिविधियां काफी बढ़ी हैं। सड़क किनारे आवासीय भवनों के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी तेजी से विकसित हो रहे हैं। निर्माण कार्यों की गति देखकर स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही, जिससे नियमों की पालना पर सवाल उठ रहे हैं।
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नगर परिषद और जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) कार्यालय की जिम्मेदारी है कि नगर क्षेत्र में होने वाले भवन निर्माण निर्धारित नियमों के अनुसार हों। भवन निर्माण से पहले संबंधित प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत कराना तथा जहां आवश्यक हो वहां संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त करना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद यदि बिना अनुमति निर्माण हो रहे हैं तो यह नियामकीय व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्न खड़े करता है।
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स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, नगर परिषद और जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) कार्यालय से मेडिकल कॉलेज रोड पर हो रहे सभी निर्माण कार्यों का निरीक्षण, नियमों के अनुरूप कार्रवाई तथा अधिकृत और अनधिकृत निर्माण की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।
भविष्य में बढ़ जाएंगी समस्याएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे निर्माणों की जांच नहीं हुई तो भविष्य में अतिक्रमण, पार्किंग, यातायात और जल निकासी जैसी समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं। अधिकांश स्थानों पर कृषि भूमि का व्यावसायिक उपयोग की भी चर्चा है, जिसकी जांच संबंधित विभागों को करनी चाहिए।
शहर के जागरूक लोगों का कहना है कि यदि सभी निर्माण नियमानुसार स्वीकृति लेकर किए जा रहे हैं तो संबंधित विभागों को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं, यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो उसके विरुद्ध समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि कानून का पालन सुनिश्चित हो और सरकार को मिलने वाले शुल्क एवं अन्य राजस्व की हानि न हो।
क्या कहते हैं नियम
हरियाणा में नगर क्षेत्र के भीतर भवन निर्माण के लिए सामान्यतः संबंधित प्राधिकरण से भवन नक्शा स्वीकृत कराना आवश्यक होता है।
भूमि उपयोग, भवन की श्रेणी और स्थान के अनुसार विभिन्न विभागों की अनुमति या एनओसी भी आवश्यक हो सकती है।
बिना स्वीकृति निर्माण पाए जाने पर संबंधित प्राधिकरण को नोटिस जारी करने, निर्माण रुकवाने, जुर्माना लगाने अथवा नियमों के अनुसार कार्रवाई करने का अधिकार होता है।
उठ रहे हैं ये सवाल
मेडिकल कॉलेज रोड पर पिछले महीनों में कितने भवन निर्माण की अनुमति दी गई?
कितने निर्माण कार्यों का नक्शा विधिवत स्वीकृत है?
क्या निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है?
यदि बिना अनुमति निर्माण हो रहे हैं तो अब तक कितने नोटिस जारी किए गए?
सरकार को भवन स्वीकृति शुल्क और अन्य मदों में कितना राजस्व प्राप्त हुआ और संभावित नुकसान कितना है?
कोट
अधिकांश निर्माण कृषि योग्य भूमि पर हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज रोड पर जो निर्माण कार्य हो रहे वह डीटीपी के अंतर्गत आते हैं। हम डीटीपी को मौखिक कह चुके हैं, लेकिन वो कोई कार्रवाई नहीं कर रहे । केवल लीपापोती तक सीमित हैं। नप का दायरा नूंह डिस्ट्रीब्यूटरी तक है। यहां से आगे डीटीपी का है और वहीं अवैध निर्माण हो रहे हैं। -संजय मनोचा, चेयरमैन नप, नूंह
मेडिकल कॉलेज पर कुछ एरिया हमारे तो कुछ नगर परिषद के अंतर्गत आता है। यह देखना पड़ेगा निर्माण कार्य कहां चल रहे हैं। -बिनेश कुमार, डीटीपी, नूंह