फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   If the construction of the bridge does not start, then the rail and road will be jammed, the committee took the decision during the dharna, the villagers in the villages will be made aware

पुल का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो रेल और सड़क मार्ग करेंगे जाम, धरने के दौरान कमेटी ने लिया निर्णय, गांवों में ग्रामीणों को करेंगे जागरूक

Sun, 06 Feb 2022 09:51 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 06 Feb 2022 09:51 PM IST
विज्ञापन
If the construction of the bridge does not start, then the rail and road will be jammed, the committee took the decision during the dharna, the villagers in the villages will be made aware
रसूलपुर निर्माण को लेकर धरना देते लोग। - फोटो : Palwal
पलवल। रसूलपुर रेलवे पुल निर्माण की मांग के लिए चल रहे धरने की सफलता के लिए रविवार को कमेटी का गठन किया गया। 11 सदस्यीय कमेटी गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेगी। लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में धरने में शामिल होने की अपील की जाएगी। इसके अलावा विरोध-प्रदर्शन को भी तेज किया जाएगा। शहर में जुलूस निकालकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद भी पुल का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो रेल और सड़क मार्ग को जाम किया जाएगा। धरने के सातवें दिन गठित सदस्यों ने यह निर्णय लिए।
विज्ञापन

रामकरण भारद्वाज ने धरने को संबोधित कर कहा कि रसूलपुर फाटक पर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाने की शुरुआत 18 अक्तूबर 2018 को हुई थी। करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से आरओबी को 18 महीने में पूरा किया जाना था। निर्धारित समय से एक साल 10 महीने की देरी से चल रहे निर्माण कार्य का अब तक 50 फीसदी कार्य पूरा हुआ है। फाटक बंद किया हुआ है और निर्माण कार्य रुकने से 70 से अधिक गांवों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने पुल को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए केंद्रीय मंत्री और अधिकारियों तक से गुहार लगाई है।
विज्ञापन

कमेटी के सदस्य कुलदीप बैंसला ने कहा कि पुल न बनने से जहां विद्यार्थियों को परेशानी होती है, वहीं किसानों को भी काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ता है। पुल के लिए खोदी गई मिट्टी के कारण हर-तरफ कीचड़ ही कीचड़ नजर आता है, जिससे स्कूली बच्चों को काफी परेशानी होती है। फसल को मंडी ले जाने में काफी परेशानी होती है। किसानों पर अतिरिक्त किराये का बोझ पड़ रहा है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में काफी परेशानी होती है। लाइन पार करते समय काफी हादसे भी हो चुके हैं। धरने की अध्यक्षता पूर्व थानेदार रामकरण ने किया, जबकि संचालन योगेंद्र डागर ने किया। धरने को जितेंद्र बैंसला, पार्षद पति यशपाल, भगत सिंह पोसवाल, राजबीर बैंसला, संजू बैंसला, कालीचरण, राकेश नागर, यशवीर छाबड़ी, विनोद नागर मुनीरगढ़ी, लक्ष्मीनारायण भवाना, करण मेंबर, सुंदर मैंबर बड़ौली, अजीत, धर्मेंद्र अच्छेजा, देवेंद्र फौजी सहित अन्य लोगों ने संबोधित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

दुकानें होने लगीं बंद, दुकानदार करने लगे पलायन
लोगों ने बताया कि रेलवे पुल निर्माण कार्य बंद होने के कारण पिछले चार साल से सड़क पर आवागमन काफी कम हो गया है। दुकानदार दुकानों का किराया देने तक में असमर्थ हैं। वहीं सड़क पर पूरे दिन धूल उड़ती रहती है, जिससे दुकानों पर रखा सामान खराब हो जाता है। शुरुआत में दो साल तक पुल निर्माण की आस में दुकानदार किराया देते रहे, लेकिन चार साल में भी पुल बनने से दुकानदारों के हौसले टूट गए और ज्यादा दुकानदार दुकानें बंद कर पलायन करने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed