{"_id":"6a9f06c82269a98f4b08a516","slug":"gandhi-park-turns-into-a-pond-greenery-submerged-in-water-palwal-news-c-25-1-mwt1001-115285-2026-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: गांधी पार्क बना तालाब, पानी में डूबी हरियाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: गांधी पार्क बना तालाब, पानी में डूबी हरियाली
विज्ञापन
नगर परिषद की अनदेखी से लोगों ने पार्क में घूमना-फिरना छोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह । नूंह शहर का गांधी पार्क इन दिनों पार्क कम और जलभराव से तालाब अधिक नजर आ रहा है। करीब एक माह से पार्क के बड़े हिस्से में पानी जमा है, लेकिन नगर परिषद की ओर से जल निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लंबे समय से पानी में डूबी हरियाली अब मुरझाकर खत्म होने के कगार पर पहुंच गई है। पार्क में लगे पेड़-पौधों और सजावटी हरियाली के बीच जमा पानी ने पूरे परिसर की तस्वीर बदल दी है।
पार्क में जहां सुबह-शाम शहर के लोग टहलने, व्यायाम करने और समय बिताने पहुंचते थे, वहीं अब जलभराव के कारण लोगों ने यहां आना लगभग बंद कर दिया है। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद शहर में सफाई और जल निकासी को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन गांधी पार्क की स्थिति उन दावों की हकीकत बयां कर रही है।
स्थानीय निवासी जमील पटवारी ने कहा कि करीब दो महीने से यहां पानी भरा है। पहले लोग सुबह-शाम यहां सैर करने आते थे, लेकिन अब पानी और गंदगी के कारण पार्क में जाना मुश्किल है। नगर परिषद को तत्काल पानी निकलवाना चाहिए।
विज्ञापन
कोट
पार्क में लगी हरियाली जलभराव के कारण खराब हो चुकी है। पौधे और घास पानी में डूबे हुए हैं। अगर जल्द पानी नहीं निकाला गया तो पार्क की बची हुई हरियाली भी खत्म हो जाएगी। -खलील अहमद, एडवोकेट
लंबे समय तक पानी खड़ा रहने से मच्छरों की समस्या बढ़ सकती है।लोग स्वच्छ और बेहतर वातावरण के लिए पार्क में आते हैं, लेकिन हालत देखकर लौट रहे हैं। -सलीम अहमद
वर्जन
जल्द ही गांधी पार्क की सुध ली जाएगी। झील होने के कारण पार्क में पानी भर जाता है। एस्टीमेट बनाकर इसे बेहतर बनाया जाएगा। -संजय मनोचा, अध्यक्ष, नप नूंह
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह । नूंह शहर का गांधी पार्क इन दिनों पार्क कम और जलभराव से तालाब अधिक नजर आ रहा है। करीब एक माह से पार्क के बड़े हिस्से में पानी जमा है, लेकिन नगर परिषद की ओर से जल निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लंबे समय से पानी में डूबी हरियाली अब मुरझाकर खत्म होने के कगार पर पहुंच गई है। पार्क में लगे पेड़-पौधों और सजावटी हरियाली के बीच जमा पानी ने पूरे परिसर की तस्वीर बदल दी है।
पार्क में जहां सुबह-शाम शहर के लोग टहलने, व्यायाम करने और समय बिताने पहुंचते थे, वहीं अब जलभराव के कारण लोगों ने यहां आना लगभग बंद कर दिया है। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद शहर में सफाई और जल निकासी को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन गांधी पार्क की स्थिति उन दावों की हकीकत बयां कर रही है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी जमील पटवारी ने कहा कि करीब दो महीने से यहां पानी भरा है। पहले लोग सुबह-शाम यहां सैर करने आते थे, लेकिन अब पानी और गंदगी के कारण पार्क में जाना मुश्किल है। नगर परिषद को तत्काल पानी निकलवाना चाहिए।
विज्ञापन
कोट
पार्क में लगी हरियाली जलभराव के कारण खराब हो चुकी है। पौधे और घास पानी में डूबे हुए हैं। अगर जल्द पानी नहीं निकाला गया तो पार्क की बची हुई हरियाली भी खत्म हो जाएगी। -खलील अहमद, एडवोकेट
लंबे समय तक पानी खड़ा रहने से मच्छरों की समस्या बढ़ सकती है।लोग स्वच्छ और बेहतर वातावरण के लिए पार्क में आते हैं, लेकिन हालत देखकर लौट रहे हैं। -सलीम अहमद
वर्जन
जल्द ही गांधी पार्क की सुध ली जाएगी। झील होने के कारण पार्क में पानी भर जाता है। एस्टीमेट बनाकर इसे बेहतर बनाया जाएगा। -संजय मनोचा, अध्यक्ष, नप नूंह