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Palwal News: गैंगस्टर नीरज फरीदपुरीया के चार गुर्गे गिरफ्तार
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29पीएएलपी5- सीआईए की गिरफ्त में मृतक सचिन के हत्यारोपी।
गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया के इशारे पर सचिन को गोलियों से भूना था
पलवल अपराध जांच शाखा ने किया मामले का खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया के इशारे पर गांव भैंसरावली निवासी सचिन की गोलियों से भूनकर हत्या की गई थी।बीती 14 जुलाई को आल्हापुर पुल के समीप हुई सचिन की हत्या के मामले का पलवल अपराध जांच शाखा ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने गैंगस्टर नीरज फरीदपुरीया के चार गुर्गों को गिरफ्तार किया है। सचिन की हत्या गैंग के ही पुनीत के साथ झगड़ा होने के चलते की गई थी। नीरज ने सचिन को पलवल अवैध हथियार लेने के बहाने भेजा और अपने गुर्गों को भेजकर हत्या करा दी। पुलिस ने चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। रिमांड अवधि के दौरान बाकी आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर ने बताया कि बीती 15 जुलाई को प्रवीण ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका भाई सचिन गांव में खेती बाड़ी करता था और सेक्टर 77 स्थित फ्लैट में अपनी पत्नी के साथ रहता था। 14 जुलाई की शाम को करीब साढ़े पांच बजे सचिन अपनी पत्नी अंजलि को गांव भैंसरावली से लेकर अपने फ्लैट पर छोड़ने के लिए गया था। इसके बाद वह वापस गांव स्थित घर आया और वहां से 10 मिनट में लौटने की बात कहकर कहीं चला गया। रात को करीब 12 बजे पलवल की थाना पुलिस का उनके गांव में किसी के पास फोन आया कि सचिन की किसी ने गोली मारकर हत्या कर दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीआईए प्रभारी मोहम्मद इलियास को सौंपी गई। उनके नेतृत्व में गठित टीम ने 26 जुलाई को गांव सीही निवासी सुमित कनौजिया को गिरफ्तार किया और अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान सुमित ने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर सचिन की हत्या की थी। पुलिस ने सुमित की निशानदेही पर गांव मंघावली के अनुज, यूपी के उन्नाव जिला स्थित मिर्जापुर निवासी मनोज, भूडासर के निशु त्यागी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे।
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षडयंत्र के तहत हथियार लेने के लिए पलवल भेजकर कराई हत्या
सीआईए प्रभारी मोहम्मद इलियास ने बताया कि मृतक सचिन एक लाख के इनामी गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया की गैंग के लिए काम करता था। गैंग के अन्य सदस्य पुनीत के साथ सचिन का किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। दोनों के एक-दूसरे को देख लेने के चैलेंज हुए। इस पर नीरज फरीदपुरिया के इशारे पर सचिन की हत्या की योजना बनाई गई। नीरज ने सचिन को पलवल जाकर अवैध हथियारों की सप्लाई लाने के लिए कहा और बाकी गुर्गों को पहले ही पलवल भेजकर हत्या के लिए कह दिया। नीरज के कहने पर जैसे ही सचिन हाईवे स्थित आल्हापुर पुल के समीप पहुंचा तो पहले से ही मौजूद गैंग के सदस्यों ने सचिन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी। हमले में सचिन को सात गोलियां लगी थीं, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी।
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गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया के इशारे पर सचिन को गोलियों से भूना था
पलवल अपराध जांच शाखा ने किया मामले का खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया के इशारे पर गांव भैंसरावली निवासी सचिन की गोलियों से भूनकर हत्या की गई थी।बीती 14 जुलाई को आल्हापुर पुल के समीप हुई सचिन की हत्या के मामले का पलवल अपराध जांच शाखा ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने गैंगस्टर नीरज फरीदपुरीया के चार गुर्गों को गिरफ्तार किया है। सचिन की हत्या गैंग के ही पुनीत के साथ झगड़ा होने के चलते की गई थी। नीरज ने सचिन को पलवल अवैध हथियार लेने के बहाने भेजा और अपने गुर्गों को भेजकर हत्या करा दी। पुलिस ने चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। रिमांड अवधि के दौरान बाकी आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर ने बताया कि बीती 15 जुलाई को प्रवीण ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका भाई सचिन गांव में खेती बाड़ी करता था और सेक्टर 77 स्थित फ्लैट में अपनी पत्नी के साथ रहता था। 14 जुलाई की शाम को करीब साढ़े पांच बजे सचिन अपनी पत्नी अंजलि को गांव भैंसरावली से लेकर अपने फ्लैट पर छोड़ने के लिए गया था। इसके बाद वह वापस गांव स्थित घर आया और वहां से 10 मिनट में लौटने की बात कहकर कहीं चला गया। रात को करीब 12 बजे पलवल की थाना पुलिस का उनके गांव में किसी के पास फोन आया कि सचिन की किसी ने गोली मारकर हत्या कर दी है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीआईए प्रभारी मोहम्मद इलियास को सौंपी गई। उनके नेतृत्व में गठित टीम ने 26 जुलाई को गांव सीही निवासी सुमित कनौजिया को गिरफ्तार किया और अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान सुमित ने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर सचिन की हत्या की थी। पुलिस ने सुमित की निशानदेही पर गांव मंघावली के अनुज, यूपी के उन्नाव जिला स्थित मिर्जापुर निवासी मनोज, भूडासर के निशु त्यागी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे।
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षडयंत्र के तहत हथियार लेने के लिए पलवल भेजकर कराई हत्या
सीआईए प्रभारी मोहम्मद इलियास ने बताया कि मृतक सचिन एक लाख के इनामी गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया की गैंग के लिए काम करता था। गैंग के अन्य सदस्य पुनीत के साथ सचिन का किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। दोनों के एक-दूसरे को देख लेने के चैलेंज हुए। इस पर नीरज फरीदपुरिया के इशारे पर सचिन की हत्या की योजना बनाई गई। नीरज ने सचिन को पलवल जाकर अवैध हथियारों की सप्लाई लाने के लिए कहा और बाकी गुर्गों को पहले ही पलवल भेजकर हत्या के लिए कह दिया। नीरज के कहने पर जैसे ही सचिन हाईवे स्थित आल्हापुर पुल के समीप पहुंचा तो पहले से ही मौजूद गैंग के सदस्यों ने सचिन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी। हमले में सचिन को सात गोलियां लगी थीं, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी।