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किसानों ने संपत्ति क्षति पूर्ति वसूली विधेयक की प्रतियां जलाकर किया विरोध

Thu, 08 Apr 2021 11:26 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 08 Apr 2021 11:26 PM IST
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Farmers protest by burning copies of Property Damage Recovery Bill
पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे धरने में बृहस्पतिवार को संपत्ति क्षति पूर्ति वसूली विधेयक का विरोध में अहिंसक विरोध दिवस मनाया। इस दौरान किसानों ने विधेयक की प्रतियां जलाते हुए जमकर नारेबाजी की। किसानों ने राज्यपाल से विधेयक को वापस लेने की अपील की। किसानों ने कहा कि किसान आंदोलन के बीच इस तरह का विधेयक लाना किसानों के खिलाफ साजिश है। सरकार किसानों को लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनना चाहती है।
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किसानों ने एक बार फिर दोहाराया कि कानून वापसी के बाद ही किसान अपने घर वापसी करेंगे। धरने की अध्यक्षता नंदराम शर्मा ने की, जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया।
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किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि विपक्ष के विरोध के बावजूद सरकार ने ऐसा विधेयक पारित किया है, जिसका मकसद आंदोलन करने वालों को दबाना है। इसमें कई खतरनाक प्रावधान हैं। किसी भी आंदोलन के दौरान निजी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो भरपाई आंदोलनकारियों से की जाएगी। प्रदर्शनों के दौरान असामाजिक तत्व कई बार उपद्रव करते हैं और नाम आंदोलनकारियों का बदनाम होता है।
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राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती ने कहा है कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ युवा, महिला, वकील, मजदूर, छोटे व्यापारी व कर्मचारी सड़कों पर उतर कर किसानों के राष्ट्रव्यापी आंदोलन में शामिल हों। कृषि कानूनों का समर्थन करने वाले जन प्रतिनिधियों को गांवों में प्रवेश नहीं करने दें। सरकार का लोकतंत्र और संविधान में विश्वास नहीं है। धरने को किसान नेता धर्मचंद घुघेरा, राजकुमार ओलिहान, किशन चंद शर्मा, राजेंद्र घर्रोट, भागीरथ बैनीवाल, जगदीश रावत, रोशनलाल आर्य, राजेश रावत बहीन, अच्छेलाल जोधपुर, करतार सिंह औरंगाबाद, बीर सिंह, पोहप सिंह, दरियाब सिंह, कर्मचारी नेता रमेश चंद ने भी संबोधित किया।

केएमपी जाम को लेकर आज होगी बैठक
केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करवाने और एमएसपी गारंटी बिल पास करवाने की मांग को लेकर किसान 10 अप्रैल को केएमपी एक्सप्रेस वे जाम करेंगे। जाम करने की रणनीति शुक्रवार को होने वाली बैठक में तय होगी। मीटिंग में 52 पालों के पंच अरुण जेलदार और किसान नेता भी शामिल होंगे। किसान संघर्ष समिति के नेताओं ने बताया कि किसान आंदोलन अपने तय एजेंडे पर चलेगा।
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