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मुआवजे की मांग में किसानों ने सौंपा एडीसी को ज्ञापन
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पलवल में उपायुक्त को ज्ञापन देने जाने से पहले बैठक करते भारतीय किसान यूनियन से जुड़े किसान
- फोटो : Palwal
मुआवजे की मांग में किसानों ने सौंपा एडीसी को ज्ञापन
पलवल। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे(केजीपी)के लिए अधिग्रहण की गई भूमि के मुआवजे की मांग के संबंध में मंगलवार को किसानों ने अतिरिक्त उपायुक्त सुरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने बकाया मुआवजा राशि देने की मांग भी की।
किसानों ने कहा कि कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेस वे के लिए वर्ष 2008 में पलवल जिले के सैकड़ों किसानों की जमीन अधिग्रहण की गई थी। सरकार ने जमीन अधिग्रहण की एवज में किसानों को 62 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा प्रदान किया था। यह मुआवजा दो तीन किस्तों में किसानों को दिया गया। किसानों ने बताया कि सरकार ने किसानों को जो मुआवजा राशि प्रदान की गई, उस पर लगने वाले ब्याज को नहीं दिया। किसानों ने अतिरिक्त मुआवजे की मांग को लेकर कोर्ट में अपील दायर की और कोर्ट ने भी किसानों के हक में फैसला दिया और सरकार को निर्देश दिए कि किसानों को पूरा मुआवजा दिया जाए।
किसान देवरतन, हुकुमचंद कटारिया ने बताया कि सरकार ने केजीपी एक्सप्रेस वे को चालू कर दिया, लेकिन अभी तक किसानों को पूरा मुआवजा नहीं दिया गया है। सरकार पर अभी 1 करोड़ रुपये बकाया पड़ा हुआ है। कोर्ट से केस जीतने के बाद भी मुआवजा नहीं मिला है। जिला उपायुक्त कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे है। मुआवजे की मांग को लेकर जिला उपायुक्त को पहले भी ज्ञापन दिया जा चुका है। उपायुक्त ने जिला राजस्व अधिकारी को दिशा निर्देश भी दिए थे। उन्होंने अतिरिक्त उपायुक्त को इस संबंध में संज्ञान लेने को कहा था। जिसको लेकर आज अतिरिक्त उपायुक्त से मिला गया है।
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अतिरिक्त उपायुक्त सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने मुलाकात कर मांग पत्र दिया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से बातचीत की गई है। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट का फैसला आने के बाद कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
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पलवल। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे(केजीपी)के लिए अधिग्रहण की गई भूमि के मुआवजे की मांग के संबंध में मंगलवार को किसानों ने अतिरिक्त उपायुक्त सुरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने बकाया मुआवजा राशि देने की मांग भी की।
किसानों ने कहा कि कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेस वे के लिए वर्ष 2008 में पलवल जिले के सैकड़ों किसानों की जमीन अधिग्रहण की गई थी। सरकार ने जमीन अधिग्रहण की एवज में किसानों को 62 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा प्रदान किया था। यह मुआवजा दो तीन किस्तों में किसानों को दिया गया। किसानों ने बताया कि सरकार ने किसानों को जो मुआवजा राशि प्रदान की गई, उस पर लगने वाले ब्याज को नहीं दिया। किसानों ने अतिरिक्त मुआवजे की मांग को लेकर कोर्ट में अपील दायर की और कोर्ट ने भी किसानों के हक में फैसला दिया और सरकार को निर्देश दिए कि किसानों को पूरा मुआवजा दिया जाए।
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किसान देवरतन, हुकुमचंद कटारिया ने बताया कि सरकार ने केजीपी एक्सप्रेस वे को चालू कर दिया, लेकिन अभी तक किसानों को पूरा मुआवजा नहीं दिया गया है। सरकार पर अभी 1 करोड़ रुपये बकाया पड़ा हुआ है। कोर्ट से केस जीतने के बाद भी मुआवजा नहीं मिला है। जिला उपायुक्त कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे है। मुआवजे की मांग को लेकर जिला उपायुक्त को पहले भी ज्ञापन दिया जा चुका है। उपायुक्त ने जिला राजस्व अधिकारी को दिशा निर्देश भी दिए थे। उन्होंने अतिरिक्त उपायुक्त को इस संबंध में संज्ञान लेने को कहा था। जिसको लेकर आज अतिरिक्त उपायुक्त से मिला गया है।
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अतिरिक्त उपायुक्त सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने मुलाकात कर मांग पत्र दिया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से बातचीत की गई है। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट का फैसला आने के बाद कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।