{"_id":"60d758528ebc3e32cd742d14","slug":"farmers-celebrated-save-farming-save-democracy-day-palwal-news-noi5899832122","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने मनाया ‘खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ’ दिवस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने मनाया ‘खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ’ दिवस
विज्ञापन
पलवल। केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे किसानों के धरनास्थल पर शनिवार को ‘खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ’ दिवस मनाया गया। इस दौरान नायब तहसीलदार अशोक कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर तीनों कृषि कानूनों की वापसी और एमएसपी पर गारंटी कानून की मांग की गई। धरनास्थल पर किसान एकता जिंदाबाद के नारे गूंजते रहे। इस दौरान किसानों ने कहा कि आंदोलन के सात माह पूरे होने पर ‘खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ दिवस’ मनाया गया है। आंदोलकारी किसान हर कीमत पर अपना हक सरकार से लेकर रहेंगे।
किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में जारी धरने की अध्यक्षता दलित किसान नेता बीधू सिंह ने की, जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। धरने में सुबह से किसान ट्रैक्टरों-ट्रॉलियों में सवार होकर पहुंचने लगे। बैसलात से आई सरदारी ने धरने को समर्थन दिया। इस दौरान प्रस्ताव पास किया गया कि पंचायत, नगर परिषद और अन्य चुनावों में किसान अपना मत उस उम्मीदवार को देंगे, जो किसानों के साथ रहेंगे। किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की खिलाफत करने वाले नेताओं के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। किसान अपने घरों के बाहर तख्तियां लगाएंगे, जिन पर लिखा जाएगा कि किसानों का समर्थन करने वाले ही वोट मांगने आएं। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी किसान सरकार से हर कीमत पर अपना हक लेकर रहेंगे, चाहे आंदोलन कितने भी दिन भी चले। सरकार हर कीमत पर किसानों के आंदोलन को साजिश के तहत समाप्त करवाना चाहती है। लेकिन, किसानों का आंदोलन तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को रद्द नहीं कर देती है। धरने को किसान सभा के नेता धर्मचंद घुघेरा, रतन सिंह सौरोत, राजेश बहीन, सोहनपाल चौहान, जफर खान, ताराचंद, करतार मढनाका, दरियाब सिंह, रमेश चंद, रोशनलाल अल्लीका, प्रेम दलाल, केपी सिंह, डॉ. रघुवीर सिंह और उदय करण सिंह दलाल ने संबोधित किया।
धरनास्थल पर ही ज्ञापन लेने पहुंचे अधिकारी
किसानों की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने पुलिस बल तैनात किया था। इस दौरान नियुक्त किए गए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार को स्थिति से निपटने के आदेश दिए गए थे। किसानों का कार्यक्रम लघु सचिवालय तक जुलूस निकाल कर ज्ञापन सौंपने का था। लेकिन, नायब तहसीलदार की बात मानकर किसानों ने ज्ञापन धरनास्थल पर ही सौंपा।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में जारी धरने की अध्यक्षता दलित किसान नेता बीधू सिंह ने की, जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। धरने में सुबह से किसान ट्रैक्टरों-ट्रॉलियों में सवार होकर पहुंचने लगे। बैसलात से आई सरदारी ने धरने को समर्थन दिया। इस दौरान प्रस्ताव पास किया गया कि पंचायत, नगर परिषद और अन्य चुनावों में किसान अपना मत उस उम्मीदवार को देंगे, जो किसानों के साथ रहेंगे। किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की खिलाफत करने वाले नेताओं के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। किसान अपने घरों के बाहर तख्तियां लगाएंगे, जिन पर लिखा जाएगा कि किसानों का समर्थन करने वाले ही वोट मांगने आएं। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी किसान सरकार से हर कीमत पर अपना हक लेकर रहेंगे, चाहे आंदोलन कितने भी दिन भी चले। सरकार हर कीमत पर किसानों के आंदोलन को साजिश के तहत समाप्त करवाना चाहती है। लेकिन, किसानों का आंदोलन तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को रद्द नहीं कर देती है। धरने को किसान सभा के नेता धर्मचंद घुघेरा, रतन सिंह सौरोत, राजेश बहीन, सोहनपाल चौहान, जफर खान, ताराचंद, करतार मढनाका, दरियाब सिंह, रमेश चंद, रोशनलाल अल्लीका, प्रेम दलाल, केपी सिंह, डॉ. रघुवीर सिंह और उदय करण सिंह दलाल ने संबोधित किया।
विज्ञापन
धरनास्थल पर ही ज्ञापन लेने पहुंचे अधिकारी
किसानों की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने पुलिस बल तैनात किया था। इस दौरान नियुक्त किए गए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार को स्थिति से निपटने के आदेश दिए गए थे। किसानों का कार्यक्रम लघु सचिवालय तक जुलूस निकाल कर ज्ञापन सौंपने का था। लेकिन, नायब तहसीलदार की बात मानकर किसानों ने ज्ञापन धरनास्थल पर ही सौंपा।
विज्ञापन