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धरने पर किसानों की संख्या के साथ सुविधाएं भी बढ़ीं

Tue, 02 Feb 2021 09:14 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 02 Feb 2021 09:14 PM IST
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facilities incresed with number of the farmer on strike
धरना स्थल पर लंगर तैयार करते किसान। - फोटो : Palwal
पलवल (प्रवीण बैंसला)। नए कृषि कानूनों के विरोध में फिर शुरू हुए धरने पर रौनक लौटने लगी है। धरने में किसानों की संख्या के साथ-साथ सुविधाओं में भी इजाफा हो रहा है। लंगर के साथ चाय सेवा शुरू कर दी गई है। गांवों के तरफ से लंगर के लिए भरपूर सहयोग देने का सिलसिला भी शुरू हो गया। धरने पर लंगर के लिए अलग से पंडाल लगाया गया है, जिसमें किसान सेवाएं दे रहे हैं।
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दरअसल, दो दिसंबर को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के किसानों ने पलवल में धरना शुरू किया था। इस दौरान किसानों को हर सुविधा मिली। किसानों का सेवा भाव देखकर क्षेत्रीय किसान भी दंग रह गए। धरना स्थल पर किसान के लिए भोजन से लेकर चाय, कॉफी, कपड़े, जूते, नहाने, धोने और सोने की सुविधा बेहतर थी। 28 जनवरी को प्रशासन के दबाव में धरना समाप्त करना पड़ा। इस कारण दूसरे राज्यों के किसान वापस लौट गए। अब क्षेत्रीय किसानों के लामबंद होने से फिर धरना सोमवार से शुरू हो गया। धरने पर पहले दिन किसानों को खीर, सब्जी और पूड़ी का प्रसाद खिलाया गया।
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एक ट्रॉली खाद्य सामग्री लेकर पहुंचे
गांव औरंगाबाद के किसान मंगलवार को धरनास्थल पर एक ट्रॉली खाद्य सामग्री लेकर पहुंचे। सामग्री में 20 मन आटे के अलावा दाल, चावल, घी, तेल और सब्जियां थीं। किसान समुंदर सिंह ने बताया कि गांव की तरफ से पहले भी लंगर के लिए सहयोग किया जा रहा था। अब 52 पालों की अध्यक्षता में पूरी मजबूती के साथ धरना शुरू हुआ तो क्षेत्रीय लोगों का कर्तव्य और ज्यादा बढ़ गया है।
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किसानों को वापस लाने की कवायद
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के किसान बेशक वापस लौट गए हो, लेकिन उनके सेवा भाव को लोग भुला नहीं पा रहे हैं। क्षेत्रीय किसानों ने उन्हें वापस बुलाने की कवायद शुरू कर दी है। किसान नेता रतन सिंह सौरोत ने बताया कि फोन पर किसानों से संपर्क किया है। किसान वापस लौटने के लिए पंचायत का आयोजन कर रहे हैं। उम्मीद है कि पंचायत में किसान पलवल आने का निर्णय लेंगे।
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