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Palwal News: दानपात्र की धनराशि मंदिर के विकास पर होगी खर्च, पुजारियों को चढ़ावा लेने की अनुमति
Tue, 09 Sep 2025 10:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Tue, 09 Sep 2025 10:59 PM IST
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होडल। क्षेत्र के गांव शेषसाई स्थित भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर में चल रहे विवाद के मामले में एसडीएम बैलिना लोहान की अदालत ने तहसीलदार को रिसीवर नियुक्त किया है। आदेश के मुताबिक दानपात्र से प्राप्त धनराशि मंदिर के विकास पर खर्च की जाएगी जबकि पुजारियों को पूर्व की तरह चढ़ावा लेने की अनुमति दी गई है।
दरअसल, गांव शेषसाई के पुजारियों का कहना है कि उनके पूर्वज लगभग 800 वर्ष से मंदिर की सेवा-पूजा करते आ रहे हैं। 16 मार्च को बांसवा निवासी इनेलो नेता अजीत उर्फ बॉबी ने ट्रस्ट बनाकर सैकड़ों ग्रामीणों के साथ मंदिर में घुसकर दानपात्र का ताला तोड़कर चंदा अपने अधीन कर लिया। इसके बाद मामला दर्ज हुआ।
27 जुलाई को फिर से दानपात्र से चंदा निकालने को लेकर विवाद बढ़ा और पुजारियों व सेवारत महिलाओं के साथ मारपीट की घटना सामने आई।
इन घटनाओं के बाद पुलिस ने एसडीएम की अदालत में मंदिर में रिसीवर नियुक्त करने की सिफारिश भेजी। अदालत ने दोनों पक्षों को नोटिस देकर जवाब मांगा और दलीलें सुनने के बाद तहसीलदार होडल को मंदिर का रिसीवर नियुक्त कर दिया।
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तहसीलदार अनिल कुमार ने बताया कि उन्हें मंगलवार को रिसीवर का आदेश मिला है। जल्द ही वे मंदिर का कार्यभार संभालकर दानपात्रों को ताला लगाकर सील करेंगे, ताकि प्राप्त धनराशि पारदर्शी तरीके से मंदिर के विकास पर खर्च हो सके।
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दरअसल, गांव शेषसाई के पुजारियों का कहना है कि उनके पूर्वज लगभग 800 वर्ष से मंदिर की सेवा-पूजा करते आ रहे हैं। 16 मार्च को बांसवा निवासी इनेलो नेता अजीत उर्फ बॉबी ने ट्रस्ट बनाकर सैकड़ों ग्रामीणों के साथ मंदिर में घुसकर दानपात्र का ताला तोड़कर चंदा अपने अधीन कर लिया। इसके बाद मामला दर्ज हुआ।
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27 जुलाई को फिर से दानपात्र से चंदा निकालने को लेकर विवाद बढ़ा और पुजारियों व सेवारत महिलाओं के साथ मारपीट की घटना सामने आई।
इन घटनाओं के बाद पुलिस ने एसडीएम की अदालत में मंदिर में रिसीवर नियुक्त करने की सिफारिश भेजी। अदालत ने दोनों पक्षों को नोटिस देकर जवाब मांगा और दलीलें सुनने के बाद तहसीलदार होडल को मंदिर का रिसीवर नियुक्त कर दिया।
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तहसीलदार अनिल कुमार ने बताया कि उन्हें मंगलवार को रिसीवर का आदेश मिला है। जल्द ही वे मंदिर का कार्यभार संभालकर दानपात्रों को ताला लगाकर सील करेंगे, ताकि प्राप्त धनराशि पारदर्शी तरीके से मंदिर के विकास पर खर्च हो सके।