{"_id":"6a2da6638bd8d8b0fe049827","slug":"delivery-in-ambulance-newborn-dies-palwal-news-c-25-1-mwt1001-112786-2026-06-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: मां तड़पती रही-सिस्टम देखता रहा, एम्बुलेंस में डिलीवरी, नवजात की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: मां तड़पती रही-सिस्टम देखता रहा, एम्बुलेंस में डिलीवरी, नवजात की मौत
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन गेट के सामने दर्द से कराहती रही गर्भवती, ब्लड की कमी के कारण नहीं मिला समय पर इलाज
रिजवान खान
नूंह। जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावों के बीच एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत सामने आ गई। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में डिलीवरी के लिए लाई गई गर्भवती महिला मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन गेट के सामने जमीन पर दर्द से तड़पती और चीखती-चिल्लाती दिखाई दे रही है। आसपास लोगों की भीड़ जमा है, लेकिन महिला को तत्काल राहत मिलती नजर नहीं आती।
मूल रूप से ओम नगर मथुरा की रहने वाली कंचन पति संजय के साथ पलवल में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती है। गुरुवार को उसे प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद उसे पलवल के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध न होने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में एम्बुलेंस में ही उसकी डिलीवरी हो गई।
मेडिकल कॉलेज ने बिना इलाज किया रेफर
परिजनों को उम्मीद थी कि मेडिकल कॉलेज में महिला और नवजात को बेहतर उपचार मिल जाएगा, लेकिन वहां पहुंचने के महिला काफी देर तक आपातकालीन गेट के सामने दर्द से तड़पती रही। कुछ समय बाद मौके पर पहुंची नर्सों ने जांच की तो पता चला कि अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा है और उसे तत्काल ब्लड चढ़ाने की आवश्यकता है। इसके बाद बिना इलाज के उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। इसके बाद नवजात की मौत हो गई।
विज्ञापन
कोट
जिस महिला की वीडियो वायरल हो रही है वह मानसिक रूप से कमजोर थी और तावडू क्षेत्र की रहने वाली है। वह रोहतक नहीं जाना चाह रही थी इसलिए वह मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी गेट के सामने जमीन पर लेट गई थी। जबकि दूसरी महिला पलवल जिले की थी जिसका अबॉर्शन हुआ था और उसे अधिक रक्त स्राव होने के कारण पीजीआई रोहतक रेफर किया गया था। दोनों ही महिलाओं को एक ही एंबुलेंस के माध्यम से रोहतक भेजा गया था। जिसके कारण यह है स्थिति पैदा हुई है। उनके साथ मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर भी गए थे। - डॉ. मुकेश कुमार, निदेशक, मेडिकल कॉलेज, नलहड
विज्ञापन
रिजवान खान
नूंह। जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावों के बीच एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत सामने आ गई। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में डिलीवरी के लिए लाई गई गर्भवती महिला मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन गेट के सामने जमीन पर दर्द से तड़पती और चीखती-चिल्लाती दिखाई दे रही है। आसपास लोगों की भीड़ जमा है, लेकिन महिला को तत्काल राहत मिलती नजर नहीं आती।
मूल रूप से ओम नगर मथुरा की रहने वाली कंचन पति संजय के साथ पलवल में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती है। गुरुवार को उसे प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद उसे पलवल के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध न होने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में एम्बुलेंस में ही उसकी डिलीवरी हो गई।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज ने बिना इलाज किया रेफर
परिजनों को उम्मीद थी कि मेडिकल कॉलेज में महिला और नवजात को बेहतर उपचार मिल जाएगा, लेकिन वहां पहुंचने के महिला काफी देर तक आपातकालीन गेट के सामने दर्द से तड़पती रही। कुछ समय बाद मौके पर पहुंची नर्सों ने जांच की तो पता चला कि अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा है और उसे तत्काल ब्लड चढ़ाने की आवश्यकता है। इसके बाद बिना इलाज के उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। इसके बाद नवजात की मौत हो गई।
विज्ञापन
कोट
जिस महिला की वीडियो वायरल हो रही है वह मानसिक रूप से कमजोर थी और तावडू क्षेत्र की रहने वाली है। वह रोहतक नहीं जाना चाह रही थी इसलिए वह मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी गेट के सामने जमीन पर लेट गई थी। जबकि दूसरी महिला पलवल जिले की थी जिसका अबॉर्शन हुआ था और उसे अधिक रक्त स्राव होने के कारण पीजीआई रोहतक रेफर किया गया था। दोनों ही महिलाओं को एक ही एंबुलेंस के माध्यम से रोहतक भेजा गया था। जिसके कारण यह है स्थिति पैदा हुई है। उनके साथ मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर भी गए थे। - डॉ. मुकेश कुमार, निदेशक, मेडिकल कॉलेज, नलहड