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Palwal News: डीसी साहब चार दिन से नहीं मिल रहा खाना, हम भूखे मर रहे हैं
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- चार दिन से खाना न मिलने से परेशान वॉलीबाल खिलाड़ी पहुंचे समाधान शिविर
- जिला उपायुक्त ने खेल विभाग के अधिकारियों को हड़काया, खाने का इंतजाम करने का आदेश
- वॉलीबाल कोच की भी वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। डीसी साहब हम भूखे मर रहे हैं। हमारे खाने की व्यवस्था की जाए। सरकार खाने का पैसा दे रही है, लेकिन हमें खाना नहीं खिलाया जा रहा है। जिला सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में जैसे ही वॉलीबाल खिलाड़ियों की इस बात को उपायुक्त ने सुना तो वे आग बबूला हो गए। उन्होंने तुरंत खेल विभाग के अधिकारियों को बुलाकर पहले तो हड़काया। फिर खिलाड़ियों के लिए तुरंत खाना उपलब्ध कराने के आदेश दिए। उपायुक्त ने इस मामले में जिला खेल अधिकारी को तुरंत रिपोर्ट तैयार करने के भी आदेश दिए हैं।
बता दें कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस खेल स्टेडियम में वालीबॉल खेल नर्सरी है। नर्सरी में 25 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिए जाने का प्रावधान है। जहां प्रतिदिन प्रशिक्षु खिलाड़ियों के लिए रहने और खाने का प्रबंध खेल विभाग की तरफ से फ्री किया जाता है। अब यहां प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों को पिछले चार दिन से खाना नहीं मिल रहा है। इस कारण खिलाड़ी भूखे ही प्रशिक्षण ले रहे हैं। मजबूरी में उन्हें अपने पैसों से बाहर से खाना पड़ रहा है, लेकिन खेल विभाग का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
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शिकायत करने पर अधिकारी नर्सरी छोड़कर जाने का बनाते हैं दबाव
चार दिन से खाना न मिलने से परेशान खिलाड़ी बृहस्पतिवार को जिला सचिवालय में लगे समाधान शिविर में पहुंच गए। शिविर में पहुंचने के बाद खिलाड़ियों न जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ को अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने उपायुक्त को बताया कि उन्हें पिछले चार दिन से खाना नहीं दिया जा रहा है। जबकि सरकार 480 रुपये प्रतिदिन खाने के लिए देती है। पिछली 13 दिसंबर से कोई कोच भी नहीं है। इस कारण वे स्वयं अभ्यास कर रहे हैं व खाना भी बाहर से खुद के पैसों से मंगवा रहे हैं। उन्होंने उपायुक्त को बताया कि खाना न मिलने की शिकायत जब खेल विभाग के अधिकारियों से की तो उन्होंने नर्सरी छोड़कर घर चले जाने का दबाव बनाया।
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आग बबूला हुए उपायुक्त
नर्सरी में वॉलीबाल का प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों की बात सुन जिला उपायुक्त आग बबूला हो गए। उपायुक्त ने जिला खेल अधिकारी को बुलाकर बुरी तरह से हड़काया। उपायुक्त ने तुरंत खिलाड़ियों को खाना उपलब्ध कराने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि एक भी खिलाड़ी भूखा नहीं रहना चाहिए। उपायुक्त ने खाने के अलावा तुरंत कोच की भी वैकल्पिक व्यवस्था करने के आदेश दिए, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सके। उपायुक्त ने खेल विभाग से इस मामले में रिपोर्ट तैयार कर देने के साथ-साथ जिले में खेल नर्सरियों व खेल स्टेडियमों की भी स्थिति के बारे में जानकारी मांगी है।
खेल विभाग की तरफ से उपायुक्त को बताया गया कि डाइट के तौर पर 338 रुपये प्रति दिन प्रति खिलाड़ी के हिसाब से टेंडर छोड़ा हुआ है। वॉलीबाल कोच को 13 दिसंबर को निलंबित कर दिया गया था। दूसरा कोच उपलब्ध करवाने के लिए विभाग को लिखा गया है। जल्द वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी व खाने का भी प्रबंध किया जाएगा।
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महाग्राम योजना के कार्यों में हुई गड़बड़ी की अतिरिक्त उपायुक्त ने की जांच
पलवल। महाग्राम योजना के तहत हुए कार्यों में गड़बड़ी की जांच अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपी गई है। जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार ने बृहस्पतिवार को समाधान शिविर में गांव दीघोट के लोगों की शिकायत सुनने के बाद ये निर्देश दिए। मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए महाग्राम योजना के तहत जिले के सभी गांवों हुए कार्यों की जांच के निर्देश दिए। उपायुक्त वशिष्ठ ने इस बारे में कारण बताओ नोटिस जारी कर जन स्वास्थ्य विभाग अधिकारी को जवाब देने के आदेश दिए। उपायुक्त ने कहा कि जांच में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई होगी। लोगों ने उपायुक्त को बताया कि गांव दीघोट में अनुसूचित मोहल्ला में पिछले 10 दिन से पेयजलापूर्ति ठप पड़ी हुई है। पेयजल आपूर्ति के लिए विभाग की तरफ से एक निजी व्यक्ति के घर में ट्यूबवैल लगा दिया। जिस व्यक्ति के घर में ट्यूबवैल लगा है वह अपने घर में ऑपरेटर को प्रवेश नहीं करने देता है। शिकायत को सुनने के बाद उपायुक्त ने महाग्राम योजना के तहत सभी कार्यों की जांच की बात कही। संवाद
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- जिला उपायुक्त ने खेल विभाग के अधिकारियों को हड़काया, खाने का इंतजाम करने का आदेश
- वॉलीबाल कोच की भी वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। डीसी साहब हम भूखे मर रहे हैं। हमारे खाने की व्यवस्था की जाए। सरकार खाने का पैसा दे रही है, लेकिन हमें खाना नहीं खिलाया जा रहा है। जिला सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में जैसे ही वॉलीबाल खिलाड़ियों की इस बात को उपायुक्त ने सुना तो वे आग बबूला हो गए। उन्होंने तुरंत खेल विभाग के अधिकारियों को बुलाकर पहले तो हड़काया। फिर खिलाड़ियों के लिए तुरंत खाना उपलब्ध कराने के आदेश दिए। उपायुक्त ने इस मामले में जिला खेल अधिकारी को तुरंत रिपोर्ट तैयार करने के भी आदेश दिए हैं।
बता दें कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस खेल स्टेडियम में वालीबॉल खेल नर्सरी है। नर्सरी में 25 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिए जाने का प्रावधान है। जहां प्रतिदिन प्रशिक्षु खिलाड़ियों के लिए रहने और खाने का प्रबंध खेल विभाग की तरफ से फ्री किया जाता है। अब यहां प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों को पिछले चार दिन से खाना नहीं मिल रहा है। इस कारण खिलाड़ी भूखे ही प्रशिक्षण ले रहे हैं। मजबूरी में उन्हें अपने पैसों से बाहर से खाना पड़ रहा है, लेकिन खेल विभाग का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
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शिकायत करने पर अधिकारी नर्सरी छोड़कर जाने का बनाते हैं दबाव
चार दिन से खाना न मिलने से परेशान खिलाड़ी बृहस्पतिवार को जिला सचिवालय में लगे समाधान शिविर में पहुंच गए। शिविर में पहुंचने के बाद खिलाड़ियों न जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ को अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने उपायुक्त को बताया कि उन्हें पिछले चार दिन से खाना नहीं दिया जा रहा है। जबकि सरकार 480 रुपये प्रतिदिन खाने के लिए देती है। पिछली 13 दिसंबर से कोई कोच भी नहीं है। इस कारण वे स्वयं अभ्यास कर रहे हैं व खाना भी बाहर से खुद के पैसों से मंगवा रहे हैं। उन्होंने उपायुक्त को बताया कि खाना न मिलने की शिकायत जब खेल विभाग के अधिकारियों से की तो उन्होंने नर्सरी छोड़कर घर चले जाने का दबाव बनाया।
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आग बबूला हुए उपायुक्त
नर्सरी में वॉलीबाल का प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों की बात सुन जिला उपायुक्त आग बबूला हो गए। उपायुक्त ने जिला खेल अधिकारी को बुलाकर बुरी तरह से हड़काया। उपायुक्त ने तुरंत खिलाड़ियों को खाना उपलब्ध कराने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि एक भी खिलाड़ी भूखा नहीं रहना चाहिए। उपायुक्त ने खाने के अलावा तुरंत कोच की भी वैकल्पिक व्यवस्था करने के आदेश दिए, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सके। उपायुक्त ने खेल विभाग से इस मामले में रिपोर्ट तैयार कर देने के साथ-साथ जिले में खेल नर्सरियों व खेल स्टेडियमों की भी स्थिति के बारे में जानकारी मांगी है।
खेल विभाग की तरफ से उपायुक्त को बताया गया कि डाइट के तौर पर 338 रुपये प्रति दिन प्रति खिलाड़ी के हिसाब से टेंडर छोड़ा हुआ है। वॉलीबाल कोच को 13 दिसंबर को निलंबित कर दिया गया था। दूसरा कोच उपलब्ध करवाने के लिए विभाग को लिखा गया है। जल्द वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी व खाने का भी प्रबंध किया जाएगा।
महाग्राम योजना के कार्यों में हुई गड़बड़ी की अतिरिक्त उपायुक्त ने की जांच
पलवल। महाग्राम योजना के तहत हुए कार्यों में गड़बड़ी की जांच अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपी गई है। जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार ने बृहस्पतिवार को समाधान शिविर में गांव दीघोट के लोगों की शिकायत सुनने के बाद ये निर्देश दिए। मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए महाग्राम योजना के तहत जिले के सभी गांवों हुए कार्यों की जांच के निर्देश दिए। उपायुक्त वशिष्ठ ने इस बारे में कारण बताओ नोटिस जारी कर जन स्वास्थ्य विभाग अधिकारी को जवाब देने के आदेश दिए। उपायुक्त ने कहा कि जांच में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई होगी। लोगों ने उपायुक्त को बताया कि गांव दीघोट में अनुसूचित मोहल्ला में पिछले 10 दिन से पेयजलापूर्ति ठप पड़ी हुई है। पेयजल आपूर्ति के लिए विभाग की तरफ से एक निजी व्यक्ति के घर में ट्यूबवैल लगा दिया। जिस व्यक्ति के घर में ट्यूबवैल लगा है वह अपने घर में ऑपरेटर को प्रवेश नहीं करने देता है। शिकायत को सुनने के बाद उपायुक्त ने महाग्राम योजना के तहत सभी कार्यों की जांच की बात कही। संवाद