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खेतों में यमुना का पानी भरने से नष्ट होने लगी फसल
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पलवल। जिले में दूसरे दिन भी यमुना उफान पर रही। खेतों में पानी भर जाने से हजारों एकड़ फसल नष्ट होने लगी है। रविवार को हसनपुर के नायब तहसीलदार इब्राहीम ने यमुना नदी दौरा कर नष्ट हुई फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने इंदिरा नगर, मोहबलीपुर, फाटस्को नगर, रहीमपुर सहित अन्य गांवों के लोगों को नदी की ओर जाने से मना किया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि मंगलवार तक जलस्तर कम हो जाए।
जिले में यमुना का क्षेत्र करीब 40 किलोमीटर है। मंगलवार को हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी बृहस्पतिवार रात जिले के खेतों में भर गया। यमुना नदी के दोनों तरफ सैकड़ों एकड़ फसल इससे नष्ट होने के कगार पर आ गईं। नदी के साथ लगते गांवों में भी बाढ़ का डर सताने लगा है।
वहीं बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। पटवारी और ग्राम सचिवों को गांवों में भेजा जा रहा है। ग्रामीणों से कहा गया है कि यमुना नदी में मछली पकड़ने, पशुओं को पानी पिलाने और स्नान के लिए न जाए। बच्चों को भी नदी से दूर रखें। तहसीलदार रोहतास पंवार ने बताया कि पानी भरने से यमुना किनारे की फसल नष्ट होने की कगार पर है। पानी का बहाव लगातार बना हुआ है और गांव वालों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए नाव, स्टीमर, सुरक्षा जैकेट रखे गए हैं। पैंटून पुल हटवा दिए गए हैं और गांवों में लगातार मुनादी करवाई जा रही है। जिला में अभी तक कोई बडे़ नुकसान की सूचना नहीं है। संभावना है कि मंगलवार को पानी कम होना शुरू हो जाए।
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जिले में यमुना का क्षेत्र करीब 40 किलोमीटर है। मंगलवार को हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी बृहस्पतिवार रात जिले के खेतों में भर गया। यमुना नदी के दोनों तरफ सैकड़ों एकड़ फसल इससे नष्ट होने के कगार पर आ गईं। नदी के साथ लगते गांवों में भी बाढ़ का डर सताने लगा है।
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वहीं बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। पटवारी और ग्राम सचिवों को गांवों में भेजा जा रहा है। ग्रामीणों से कहा गया है कि यमुना नदी में मछली पकड़ने, पशुओं को पानी पिलाने और स्नान के लिए न जाए। बच्चों को भी नदी से दूर रखें। तहसीलदार रोहतास पंवार ने बताया कि पानी भरने से यमुना किनारे की फसल नष्ट होने की कगार पर है। पानी का बहाव लगातार बना हुआ है और गांव वालों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए नाव, स्टीमर, सुरक्षा जैकेट रखे गए हैं। पैंटून पुल हटवा दिए गए हैं और गांवों में लगातार मुनादी करवाई जा रही है। जिला में अभी तक कोई बडे़ नुकसान की सूचना नहीं है। संभावना है कि मंगलवार को पानी कम होना शुरू हो जाए।
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