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चार डॉक्टरों के दबाव से बनी एमएलआर
अमर उजाला ब्ययूराो
Updated Thu, 21 Jul 2016 04:53 PM IST
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चिकित्सक।
- फोटो : file photo
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खंड के गांव जराली मेें हुए झगड़े के बाद एक पक्ष की एमएलआर सवालों के घेरे में है। पलवल के सिविल अस्पताल के एक डॉक्टर ने पुलिस को दी एक शिकायत में चार डॉक्टरों के दबाव में एमएलआर बनाने की बात कही है।
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पलवल के सिविल अस्पताल के डॉक्टर तरुण गोला ने पलवल शहर थाने में गांव की सरपंच शाहीन के जेठ इकबाल एडवोकेट के खिलाफ धमकी देने की शिकायत की थी। इसमें गोला ने कहा है कि अस्पताल के चार डॉक्टरों के दबाव में उन्होंने एक पक्ष की एमएलआर काटी थी। इस पर गांव के सरपंच के जेठ इकबाल ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इकबाल पक्ष के लोगों ने मामले की शिकायत एसपी राहुल शर्मा से की तो उन्होंने इसकी जांच पलवल के हेडक्वार्टर डीएसपी मनीष सहगल को सौंपी है।
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तरुण गोला ने भादंसं की धारा 154 के तहत दर्ज कराई एफआईआर में कहा है कि गांव जराली के झगड़े के मामले में एमएलआर कटवाने के लिए उनके पास डॉक्टर संजय शर्मा, डॉक्टर यतींद्र, डॉक्टर दीप किशोर एवं डॉक्टर मुकेश सारंग 15 जुलाई को आए थे। उक्त डॉक्टरों का कहना था कि उनके पास एसएमओ का फोन आया है कि यह एमएलआर काट दी जाए। इस पर उन्होंने जांच करके उनकी एमएलआर कटवा दी।
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क्या है मामला
पंचायत चुनाव के विवाद में गांव जराली में 13 जुलाई की रात को झगड़ा हो गया था। उसी रात को ड्यूटी में डॉक्टर विजय प्रताप ने इकबाल पक्ष के जख्मी लोगों की एमएलआर काटी थी। उस रात दूसरे पक्ष की एमएलआर नहीं काटी गई। दूसरे दिन भी उक्त लोगों ने न तो सीएचसी हथीन व न ही पलवल में एमएलआर कटवाई। हालांकि 14 जुलाई को वह पलवल अस्पताल तो आए थे, लेकिन ड्यूटी पर तैनात मेडिकल अधिकारी डॉक्टर गगन ने बिना पुलिस के एमएलआर काटने से मना कर दिया।
15 जुलाई को रात दो बजे वह डॉक्टर राहुल के पास आए तो डॉक्टर राहुल ने भी उन्हें पुलिस के साथ आने को बोला या सिविल सर्जन अथवा सुपरिटेंडेंट से लिखित में अनुमति लेने के लिए बोला। इसके बाद डॉक्टर तरुण गोला एमरजेंसी वार्ड में थे और डॉक्टर तरुण गोला ने लिखवाया है कि चार मेडिकल अफसरों ने एसएमओ के आदेशों का हवाला देकर उसने एमएलआर कटवाई। इन्हीं तथ्यों को लेकर वकीलों का प्रतिनिधिमंडल एसपी राहुल शर्मा से मिला तथा निष्पक्ष जांच की मांग की। एसपी ने डीएसपी हेडक्वार्टर मनीष सहगल को जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं मामले को लेकर हथीन के वकीलों ने भी हड़ताल की हुई है और वह निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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-उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी है। इससे संबंधित सारे रिकॉर्ड को तलब किया गया है। जांच के बाद जैसा सामने आएगा, कार्रवाई की जाएगी।
-मनीष सहगल, डीएसपी, हेडक्वार्टर।
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-- उनका कहना है कि निर्धारित फीस देकर बगैर पुलिस के भी एमएलआर काटी जा सकती है। यह विभागीय आदेश हैं कि कोई भी व्यक्ति एमएलआर कटवाने आता है तो उसकी एमएलआर काट दी जाए।
-एसएमओ, डाक्टर बीर सिंह सहरावत।