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श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पर टिकी देश की निगाहें : गौरव गौतम
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युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्यमंत्री गौरव गौतम ने ली विश्वविद्यालय में समीक्षा बैठक
विश्वस्तरीय लैब का किया अवलोकन, स्क्रैप से बनी ई-व्हीकल और ई-बाइक पर की सवारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल । हरियाणा के युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्यमंत्री गौरव गौतम ने कहा कि पूरे देश की निगाहें श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पर टिकी हैं। इस विश्वविद्यालय से देश-दुनिया में पलवल की अलग पहचान बनेगी। इस विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन लगा है। यह बातें उन्होंने शनिवार को श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक में कहीं। इससे पूर्व कुलपति डॉ. राज नेहरू और कुल सचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने उनका विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर स्वागत किया। राज्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण किया और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में स्थापित वर्ल्ड क्लास लैब का अवलोकन किया। विद्यार्थियों द्वारा स्क्रैप से तैयार किए गए ई-व्हीकल पर सवार होकर राज्य मंत्री गौरव गौतम लैब देखने पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा स्क्रैप का इस्तेमाल कर बनाई गई ई-बाइक का भी ट्रायल लिया।
इस मौके पर उन्होंने अत्याधुनिक मशीनों तथा विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट में गहरी दिलचस्पी ली और कुलपति डॉ. राज नेहरू ने उन्हें ड्रोन लैब भी दिखाई। इस दौरान ड्रोन दीदी प्रोजेक्ट को लेकर भी चर्चा की गई। उन्होंने लैब के इस्तेमाल से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी देश का विकास उसकी कौशल शक्ति पर निर्भर करता है। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से यह विश्वविद्यालय अस्तित्व में आया है। यह आने वाले समय में देश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। पलवल में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सराहना की। साथ ही विश्वविद्यालय को बड़े मुकाम दिलाने के लिए कुलपति डॉ. राज नेहरू के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।
उन्होंने कुलपति डॉ. राज नेहरू को आश्वस्त किया कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के विकास के लिए फंड की कोई कमी आड़े नहीं आएगी। कुलपति डॉ. राज नेहरू ने इस मौके पर विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर अब तक की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्यमंत्री गौरव गौतम के नेतृत्व में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय अद्वितीय गति से आगे बढ़ेगा। उनका युवा विजन और नेतृत्व क्षमता इसमें बड़ी भूमिका निभाएगी। इस अवसर पर अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर आर एस राठौड़, प्रोफेसर एके वातल, प्रोफेसर जॉय कोरियाकोज, प्रोफेसर ऋषिपाल, प्रोफेसर सुरेश कुमार, प्रोफेसर आशीष श्रीवास्तव, प्रोफेसर कुलवंत सिंह, प्रोफेसर ऊषा बत्रा, निदेशक डॉ. मनी कंवर सिंह, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. ललित शर्मा, संयुक्त निदेशक शिखा गुप्ता, विनय सैनी, प्रवीण आर्य और नीरज पाराशर सहित काफी संख्या में अधिकारी और शिक्षक उपस्थित रहे।
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विश्वस्तरीय लैब का किया अवलोकन, स्क्रैप से बनी ई-व्हीकल और ई-बाइक पर की सवारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल । हरियाणा के युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्यमंत्री गौरव गौतम ने कहा कि पूरे देश की निगाहें श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पर टिकी हैं। इस विश्वविद्यालय से देश-दुनिया में पलवल की अलग पहचान बनेगी। इस विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन लगा है। यह बातें उन्होंने शनिवार को श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक में कहीं। इससे पूर्व कुलपति डॉ. राज नेहरू और कुल सचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने उनका विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर स्वागत किया। राज्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण किया और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में स्थापित वर्ल्ड क्लास लैब का अवलोकन किया। विद्यार्थियों द्वारा स्क्रैप से तैयार किए गए ई-व्हीकल पर सवार होकर राज्य मंत्री गौरव गौतम लैब देखने पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा स्क्रैप का इस्तेमाल कर बनाई गई ई-बाइक का भी ट्रायल लिया।
इस मौके पर उन्होंने अत्याधुनिक मशीनों तथा विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट में गहरी दिलचस्पी ली और कुलपति डॉ. राज नेहरू ने उन्हें ड्रोन लैब भी दिखाई। इस दौरान ड्रोन दीदी प्रोजेक्ट को लेकर भी चर्चा की गई। उन्होंने लैब के इस्तेमाल से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी देश का विकास उसकी कौशल शक्ति पर निर्भर करता है। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से यह विश्वविद्यालय अस्तित्व में आया है। यह आने वाले समय में देश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। पलवल में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सराहना की। साथ ही विश्वविद्यालय को बड़े मुकाम दिलाने के लिए कुलपति डॉ. राज नेहरू के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।
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उन्होंने कुलपति डॉ. राज नेहरू को आश्वस्त किया कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के विकास के लिए फंड की कोई कमी आड़े नहीं आएगी। कुलपति डॉ. राज नेहरू ने इस मौके पर विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर अब तक की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्यमंत्री गौरव गौतम के नेतृत्व में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय अद्वितीय गति से आगे बढ़ेगा। उनका युवा विजन और नेतृत्व क्षमता इसमें बड़ी भूमिका निभाएगी। इस अवसर पर अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर आर एस राठौड़, प्रोफेसर एके वातल, प्रोफेसर जॉय कोरियाकोज, प्रोफेसर ऋषिपाल, प्रोफेसर सुरेश कुमार, प्रोफेसर आशीष श्रीवास्तव, प्रोफेसर कुलवंत सिंह, प्रोफेसर ऊषा बत्रा, निदेशक डॉ. मनी कंवर सिंह, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. ललित शर्मा, संयुक्त निदेशक शिखा गुप्ता, विनय सैनी, प्रवीण आर्य और नीरज पाराशर सहित काफी संख्या में अधिकारी और शिक्षक उपस्थित रहे।
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