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चेयरमैन चुनाव के लिए जुटे पार्षद, नहीं पहुंचे अधिकारी
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सभागार के बाहर खड़े पार्षद।
- फोटो : Palwal
चेयरमैन चुनाव के लिए जुटे पार्षद, पर नहीं पहुंचे अधिकारी
होडल। नगर परिषद चेयरमैन के चुनाव के लिए सोमवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार के बाहर कई पार्षदों का जमघट लगा रहा, लेकिन चुनाव कराने के लिए न तो अधिकारी पहुंचे और न ही सभागार का ताला खोला गया। उपमंडल अधिकारी ने चुनाव का समय प्रात: 11 बजे निधार्रित किया था, लेकिन अधिकारियों के न पहुंचने के कारण पार्षदों को अपने घरों को लौटना पड़ा।
देवेश और नीतू जैन आदि पार्षदों ने बताया कि उपमंडल अधिकारी ने 14 सितंबर यानी सोमवार को चेयरमैन पद का चुनाव कराने के लिए सभागार में 11 बजे पहुंचने का पत्र जारी किया था। इसके अनुसार सभी पार्षद निर्धारित समय पर पहुंच गए, लेकिन अधिकारी नहीं पहुंचे। काफी देर बाद नगर परिषद कार्यालय द्वारा उपमंडल अधिकारी के बीमार होने पर चुनाव टालने का नोटिस चस्पा किया गया। वहीं, चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन की तरफ से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। उधर, नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन राजगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव कराना नहीं चाहती है।
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चुनाव नहीं हुआ तो आंदोलन
कांग्रेस के पूर्व विधायक उदयभान ने आरोप लगाया कि सरकार होडल में चेयरमैन चुनाव को लेकर डरी हुई है, क्योंकि इनकी हार होनी तय है। यही कारण है कि एसडीएम को बीमार दिखाकर चुनाव रद्द करा दिया गया। जबकि, चुनाव के लिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश हैं। मुख्यमंत्री स्वयं इस चुनाव में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फरवरी में भी सरकार के इशारे पर ऐसे ही अधिकारी गायब हो गए थे। होडल में दलित समाज के पांच पार्षद हैं और उन्हीं में से चेयरमैन चुना जाना है। पांचों पार्षद सरकार के खिलाफ हैं। इसे देखते हुए बार-बार चुनाव रद्द कराकर सामान्य श्रेणी के उपप्रधान द्वारा चेयरमैनी चलवाई जा रही है। इसलिए आठ-नौ महीने तक इसी तरह से नगर परिषद को चलाना चाहते हैं। ताकि, नौ महीने बाद नए चुनाव हो जाएं। पार्षद अब एससी-एसटी आयोग जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव नहीं कराया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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होडल। नगर परिषद चेयरमैन के चुनाव के लिए सोमवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार के बाहर कई पार्षदों का जमघट लगा रहा, लेकिन चुनाव कराने के लिए न तो अधिकारी पहुंचे और न ही सभागार का ताला खोला गया। उपमंडल अधिकारी ने चुनाव का समय प्रात: 11 बजे निधार्रित किया था, लेकिन अधिकारियों के न पहुंचने के कारण पार्षदों को अपने घरों को लौटना पड़ा।
देवेश और नीतू जैन आदि पार्षदों ने बताया कि उपमंडल अधिकारी ने 14 सितंबर यानी सोमवार को चेयरमैन पद का चुनाव कराने के लिए सभागार में 11 बजे पहुंचने का पत्र जारी किया था। इसके अनुसार सभी पार्षद निर्धारित समय पर पहुंच गए, लेकिन अधिकारी नहीं पहुंचे। काफी देर बाद नगर परिषद कार्यालय द्वारा उपमंडल अधिकारी के बीमार होने पर चुनाव टालने का नोटिस चस्पा किया गया। वहीं, चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन की तरफ से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। उधर, नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन राजगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव कराना नहीं चाहती है।
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चुनाव नहीं हुआ तो आंदोलन
कांग्रेस के पूर्व विधायक उदयभान ने आरोप लगाया कि सरकार होडल में चेयरमैन चुनाव को लेकर डरी हुई है, क्योंकि इनकी हार होनी तय है। यही कारण है कि एसडीएम को बीमार दिखाकर चुनाव रद्द करा दिया गया। जबकि, चुनाव के लिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश हैं। मुख्यमंत्री स्वयं इस चुनाव में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फरवरी में भी सरकार के इशारे पर ऐसे ही अधिकारी गायब हो गए थे। होडल में दलित समाज के पांच पार्षद हैं और उन्हीं में से चेयरमैन चुना जाना है। पांचों पार्षद सरकार के खिलाफ हैं। इसे देखते हुए बार-बार चुनाव रद्द कराकर सामान्य श्रेणी के उपप्रधान द्वारा चेयरमैनी चलवाई जा रही है। इसलिए आठ-नौ महीने तक इसी तरह से नगर परिषद को चलाना चाहते हैं। ताकि, नौ महीने बाद नए चुनाव हो जाएं। पार्षद अब एससी-एसटी आयोग जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव नहीं कराया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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